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सड़क जाम के मुकदमे से शासन बैकफुट

Mon, 20 May 2019 11:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 11:52 PM IST
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सड़क जाम के मुकदमे से शासन बैकफुट
सड़क जाम के मुकदमे से शासन बैकफुट पर
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अभियोजन वापस लेने से खत्म हुआ मुकदमा
30 जुलाई 2013 को मृत पशुओं के फेंके जाने पर गरमाया था मुद्दा
पैकोलिया थानेदार ने दर्ज कराया था 15 नामजद सहित अन्य पर मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। हर्रैया-बभनान मार्ग पर पैकोलिया थाने के विभिन्न गांवों में गोवंशीय पशुओं की मौत होने को लेकर लगाए गए जाम संबंधी मुकदमे को शासन ने वापस ले लिया है। वर्ष 2013 में दर्ज मुकदमे के संबंध में न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय ने लोक अभियोजक के प्रार्थना पत्र पर अनुमति प्रदान करने के बाद शासन ने वापसी की कार्रवाई पूरी की।
घटनाक्रम के अनुसार 30 जुलाई 2013 को पैकोलिया थाने के पकड़ीजप्ती मोड़, गोरथनिया, पूरा पैकोलिया और जलालाबाद रवईपुल के पास मिलाकर कुल 12 मृत बैल पाए गए। इसकी सूचना पाकर कुछ दूरी पर सभा कर रहे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए। अगले दिन 31 जुलाई को भाजपा कार्यकर्ताओं ने परसा तिराहे पर सड़क जाम किया। गोंडा जिले के खोड़ारे थाने के मटियरिया, हाल मुकाम भीटी मिश्र थाना पैकोलिया निवासी लाल जी पाण्डेय आदि के खिलाफ पैकोलिया के तत्कालीन एसओ राम भवन यादव ने अपनी तहरीर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जिसमें सुशील सिंह, राजेश द्विवेदी, सर्वेश मिश्र, मनोज पाठक, लालजी पांडेय, अरुण भारती, नंदेश्वर दत्त ओझा, चंद्रभूषण पाठक, परमानंद गुप्ता, जय प्रकाश जायसवाल, महेश गुप्ता, पप्पू जायसवाल, सीताराम मौर्य, दिनेश मिश्र, चंद्रशेखर कमलापुरी, नीलेश सिंह, गुड्डू सिंह सहित 17 नामजद किए गए। 19 अगस्त 2014 को विवेचक ने सभी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेज दिया।
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दवा की दुकान पर रहने की दलील
मूल रूप से गोंडा जिले के खोड़ारे थाने के मटियरिया निवासी लालजी पांडेय करीब 25 वर्षों से भीटी मिश्र थाना पैकोलिया में दवा की दुकान करते हैं। इन्होंने प्रार्थनापत्र दिया कि जिस समय हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने परसा तिराहे पर जाम लगाया, उस वक्त वह अपने मेडिकल स्टोर पर मौजूद थे। विवेचक ने बाकी 16 नामजद आरोपियों में दुर्भावनावश या गैर जानकारी में उनका लालजी पांडेय का नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिया था। जिसके आधार पर मुकदमे से निजात मिली।
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