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सशक्त हैं महिलाएं, संकोच छोड़ें, खुलकर बोलें

Sun, 31 Mar 2019 11:31 PM IST
Basti Published by: राकेश पांडेय Updated Sun, 31 Mar 2019 11:31 PM IST
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सशक्त हैं महिलाएं, संकोच छोड़ें, खुलकर बोलें
अपराजिता मुहिम के तहत लगी पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
बस्ती। महिलाएं संकोच छोड़ें, बेझिझक अपनी बात कहने लगें तो तमाम समस्याएं खुद खत्म हो जाएंगी। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्पर है। तमाम हेल्पलाइन हैं। यह कहना था पुलिस उप निरीक्षक रिंकी गुप्ता का। वह रविवार को सूर्य कुमारी बालिका इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को संबोधित कर रही थीं।
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपनिरीक्षक ने डायल 100, 1090, पॉवर एंजिल आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि नगर बाजार के प्रधान प्रतिनिधि रामकृपाल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी का वोट बहुमूल्य होता है। पुलिस, केंद्रीय बल आप की सुरक्षा में है। मतदान में जरूर भाग लें। साथ ही आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। प्रबंधक जगदीश्वर प्रसाद सिंह ने छात्राओं को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जागरूक महिला को कोई भटका नहीं सकता है। अमर उजाला का यह अभियान इसी की एक कड़ी है। इस मुहिम का 365 छात्राएं और विद्यालय की शिक्षिकाएं हिस्सा बनीं। कार्यक्रम को शिक्षक कृष्ण कुमार पांडेय ने भी संबोधित किया। शिक्षक मिथलेश, कंचन उपाध्याय, साबिया खातून, विभा द्विवेदी, निशा सिंह, मांडवी, यूनुस अंसारी, सूरज मोदनवाल, प्रेम सागर, दुर्गेश यादव, महबूब आलम, धर्मेंद्र, अनिल श्रीवास्तव, रंजीत, विनय श्रीवास्वत आदि मौजूद रहे।
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बहुत कुछ सीखने को मिला : स्नेहलता
विद्यालय की छात्रा स्नेहलता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से कुछ न कुछ सीख मिलती है। सरकार भी महिलाओं के लिए तमाम कार्यक्रम संचालित करती है। इसका लाभ लेने के लिए कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। ऐसे में अपराजिता अभियान के तहत जो जानकारी मिली वह पाठ्यपुस्तकों से अलग और अच्छी थी।
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महिलाओं का जागरूक होना जरूरी: अनीता
नगर बाजार थाने में तैनात आरक्षी अनीता चौधरी ने कहा कि महिलाएं संकोच के चलते बहुत सी तकलीफें झेल जाती हैं। यदि वे अपनी बात बगैर किसी संकोच के कहें तो तत्काल सुरक्षा और सहायता मिले। आज महिलाओं को अपनी बात कहने के लिए जागरूक करना पड़ रहा है। इसे अपराजिता के माध्यम से भी किया जा रहा है।


विद्यालयों में होते रहना चाहिए ऐसे कार्यक्रम: विभा
शिक्षक विभा ने कहा कि नियम-कानूनों की जानकारी देने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना जरूरी है। इससे जागरूकता बढ़ती है। पुलिस की पाठशाला में जो जानकारी दी गई उसके बारे में बहुत सी महिलाएं जानती ही नहीं थीं। विशेषकर 1090 के बारे में। सभी को पाठशाला से लाभ हुआ।
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