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हरियाली के दुश्मन बने लकड़ी मायि

Tue, 28 Aug 2018 11:56 PM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:56 PM IST
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हरियाली के दुश्मन बने लकड़ी मायि
फोटो
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हरियाली के दुश्मन बने लकड़ी माफिया
बिना परमिट धराशायी किए जा रहे हैं पेड़
विभाग से शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। ब्लॉक क्षेत्र में हरियाली के दुश्मन सक्रिय हैं। सस्ते दामों में जनता से खरीदते और बगैर परमिट कटान के बाद रातोंरात उठा ले जाते हैं। वन विभाग में ऐसी पहुंच है कि शिकायत करने पर भी अधिकारी नहीं पहुंचते। ज्यादा शिकायत पर जुर्माना लगा कर मामला रफा-दफा कर देते हैं।
पिछले मंगलवार को भी बाघानाला गांव के पास कुछ लकड़ी माफिया सरकारी पेड़ों को काट रहे थे। स्थानीय लोगों ने विभाग को सूचना दी। कोई कार्रवाई नहीं होते देखकर गांव वालों ने डीएम डॉ. राजशेखर से शिकायत कर दी। विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने कटी लकड़ी को कब्जे में ले लिया। टीम के पहुंचने से पहले ही लकड़ी माफिया को सूचना हो गई और वह भाग निकले। डीएम के सख्त निर्देश के बाद मुकदमा भी एक दिन बाद बुधवार को दर्ज हुआ, जिनमें दो नामजद है, लेकिन पुलिस अभी भी आरोपितों तक नहीं पहुंच सकी है।
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विक्रमजोत क्षेत्र में लकड़ी माफिया बेखौफ हैं। पुलिस इसे वनविभाग का मामला मान कर हाथ नहीं डालती। फोरलेन के किनारे पुराने शीशम, जामुन, सागौन, साखू, आम, नीम सहित अन्य पेड़ हैं। बहुत पहले से इस क्षेत्र में लकड़मंडी तक तीन किलोमीटर का हिस्सा सरयू की कटान से बचा था, जिस पर खड़े विशाल पेड़ महज दो साल में गायब हो गए। बमुश्किल दो दर्जन शीशम, जामुन, आम के पेड़ बचे हैं। फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग का उपयोग न के बराबर हो गया जो लकड़ी माफिया के लिए चांदी जैसा हो गया। कोई रोकने-टोकने वाला नहीं होता है।
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सूत्रों के अनुसार विक्रमजोत विकास खंड में लकड़ी माफिया का हौसला बढ़ा है। बिना परमिट रात के अंधेरे में कटान होता रहता है। मामला जब फंसता है तो बैकडेट का परमिट भी बनवा लेते हैं। क्षेत्र के टिकरिया गांव में अभी कुछ दिन पहले ही दर्जन भर प्रतिबंधित हरे पेड़ों को काटकर माफिया उठा ले गए। खतमसराय, तालागांव, अमोलीपुर, भदोई, बछईपुर और पावंड गांव में भी आम के हरे भरे पेड़ काट लिए गए। गांव वालों ने विभाग में शिकायत की लेकिन कार्रवाई शून्य रही।
चोरी से काटे गए पेड़ों का आकलन करा रहे: राजेंद्र
हर्रैया रेंज के फारेस्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पेड़ों की अवैध कटान रोकने का हर संभव प्रयास किया जाता है। जहां से भी सूचना मिलती है त्वरित कार्रवाई भी की जाती है। जल्द ही पुराने राजमार्ग 28 पर वन विभाग के मार्का लगे चिह्नित पेड़ों की पहचान कर चोरी गए पेड़ों का आकलन किया जाएगा।


विशेष जांच अभियान चलाएंगे : एसडीएम
हर्रैया तहसील क्षेत्र में अवैध तौर पर लकड़ी के डंपयार्ड होने के संबंध में एसडीएम शिवप्रताप शुक्ल ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रतिबंधित किस्म की लकड़ी कोई स्टोर करके रखता है या बिना परमिट बिक्री करता है तो अवैध व गैरकानूनी है। पुलिस ऐसे लोगों की भी पहचान करेगी।
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