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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा
basti
Updated Wed, 30 May 2018 11:44 PM IST
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Rohtak Court
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बस्ती।
एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने दहेज हत्या के जुर्म के आरोपी पति को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर डेढ़ माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राघवेश पांडेय ने घटना का विवरण कोर्ट में प्रस्तुत किया। कहा कि गोरखपुर जिले के राजघाट थाना क्षेत्र के बसंतपुर मुर्तजा मछलीगली के प्रेम कुमार गुप्ता ने अपनी बेटी रेणुका की शादी एक दिसंबर 2009 को पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चिकवा टोला मंगल बाजार निवासी भागवत प्रसाद गुप्त के पुत्र सुरेश कुमार के साथ किया। शादी में ही विदाई हो गई। ससुराली दहेज में दो लाख नकदी और कार की मांग को लेकर रेणुका को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर 29 दिसंबर 2012 को उसे मार डाले। इसकी सूचना पुरानी बस्ती पुलिस के माध्यम से 11 बजे दिन में परिवार के लोगों को मिली। बेटी के घर मंगल बाजार पहुंचा तो उसका शव पड़ा था। पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या का बताया। थाना पुरानी बस्ती में मृतका के पिता प्रेम कुमार गुप्ता ने पति सुरेश, ससुर भागवत, सास प्रेमा, जेठ रमेश, जेठानी रानी, देवर महेश व राकेश के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। राकेश को छोड़कर शेष के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सुरेश को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि शेष आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
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एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने दहेज हत्या के जुर्म के आरोपी पति को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर डेढ़ माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राघवेश पांडेय ने घटना का विवरण कोर्ट में प्रस्तुत किया। कहा कि गोरखपुर जिले के राजघाट थाना क्षेत्र के बसंतपुर मुर्तजा मछलीगली के प्रेम कुमार गुप्ता ने अपनी बेटी रेणुका की शादी एक दिसंबर 2009 को पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के चिकवा टोला मंगल बाजार निवासी भागवत प्रसाद गुप्त के पुत्र सुरेश कुमार के साथ किया। शादी में ही विदाई हो गई। ससुराली दहेज में दो लाख नकदी और कार की मांग को लेकर रेणुका को प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर 29 दिसंबर 2012 को उसे मार डाले। इसकी सूचना पुरानी बस्ती पुलिस के माध्यम से 11 बजे दिन में परिवार के लोगों को मिली। बेटी के घर मंगल बाजार पहुंचा तो उसका शव पड़ा था। पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या का बताया। थाना पुरानी बस्ती में मृतका के पिता प्रेम कुमार गुप्ता ने पति सुरेश, ससुर भागवत, सास प्रेमा, जेठ रमेश, जेठानी रानी, देवर महेश व राकेश के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। राकेश को छोड़कर शेष के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सुरेश को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि शेष आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
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