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सास, जेठानी व ननद को आजीवन कारावास की सजा
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सास, जेठानी व ननद को आजीवन कारावास की सजा
- फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय अपर सत्र एवं फास्ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने हत्या के मामले में सास, नंद व जेठानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। न्यायाधीश ने दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेय ने अदालत के समक्ष घटना का वितरण रखा। उन्होंने न्यायाधीश को बताया कि घटना 16 अगस्त 2018 की है। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के विक्रम चौधरी ने अपनी बेटी शांति की शादी घटना से सात साल पहले इसी थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी योगेंद्र से किया था। शांति को उसकी सास भवानी उर्फ भगवानी, जेठानी सुनीता और ननद पूनम मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। शांति के पति जोगेंद्र ने उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया। 17 अगस्त 2018 को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। शांति के स्थित अधिक खराब होने के कारण उसका बयान नायब तहसीलदार अनिल कुमार रस्तोगी ने दिनांक 16 अगस्त 2018 के शाम बजे ही दर्ज कर लिया था। जिसमें शांति ने अपनी सास, जेठानी व ननद पर जलाने का आरोप लगाया था। शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिक से अधिक सजा देने की अदालत से मांग किया। न्यायधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों का आजीवन कारावास की सजा सुनाया।
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- फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय अपर सत्र एवं फास्ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने हत्या के मामले में सास, नंद व जेठानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। न्यायाधीश ने दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेय ने अदालत के समक्ष घटना का वितरण रखा। उन्होंने न्यायाधीश को बताया कि घटना 16 अगस्त 2018 की है। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के विक्रम चौधरी ने अपनी बेटी शांति की शादी घटना से सात साल पहले इसी थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी योगेंद्र से किया था। शांति को उसकी सास भवानी उर्फ भगवानी, जेठानी सुनीता और ननद पूनम मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। शांति के पति जोगेंद्र ने उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया। 17 अगस्त 2018 को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। शांति के स्थित अधिक खराब होने के कारण उसका बयान नायब तहसीलदार अनिल कुमार रस्तोगी ने दिनांक 16 अगस्त 2018 के शाम बजे ही दर्ज कर लिया था। जिसमें शांति ने अपनी सास, जेठानी व ननद पर जलाने का आरोप लगाया था। शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिक से अधिक सजा देने की अदालत से मांग किया। न्यायधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों का आजीवन कारावास की सजा सुनाया।
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