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आदेश बेअसर, कैंपस से बिक रही कॉपी और किताब
Tue, 02 Apr 2019 11:47 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 02 Apr 2019 11:47 PM IST
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बस्ती। निजी स्कूल संचालकों की हर क्रिया-कलापों पर शासन की नजर है। स्कूल कैंपस से कॉपी, किताबें बेचे जाने पर संचालक पर सख्त कार्रवाई होगी यहां तक कि मान्यता भी रदद की जा सकती है। लेकिन यह आदेश सिर्फ हवा में है। जिले के 23 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में से करीब पांच बड़े स्कूलों के कैंपस से कॉपी, किताब दिए जा रहे जबकि कई ने दुकान से सेटिंग की है।
सोमवार से नया सत्र शुरू हो गया है। जिले में लगभग चार हजार विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग की ओर मान्यता ले रखे हैं। कई विद्यालयों में निजी प्रकाशक की किताबों से शिक्षण कार्य हो रहा है। सीबीएसई से जिले में 23 विद्यालयों की मान्यता है। अधिकतर निजी स्कूल व्यवसाय का केंद्र बन गए हैं। स्कूलों से ही कॉपी, किताब, बैग, पेंसिल, पेन, ड्रेस, जूता मोजा लेने के लिए अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। कुछ ने चिह्नित दुकानों से कॉपी, किताब व स्कूल के ड्रेस लेने की सूची दे रखी है। अभिभावक मजबूर होकर खरीद रहे हैं। सीबीएसई से मान्यता विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें ही शामिल की गई है। लेकिन निजी स्कूल कमीशन के चक्कर में निजी प्रकाशकों की किताबें शामिल कर ले रहे हैं। जिसके एवज में प्रकाशक स्कूल को कमीशन देते हैं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें एनसीईआरटी की किताबों से काफी महंगी होती हैं। लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक स्कूलों के फरमान के आगे झुक जाते हैं।
डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्य ने जारी निर्देश में कहा है कि किसी भी स्कूल में व्यावसायिक काम होने पर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक स्वतंत्र है। वह किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकता है। अगर कोई स्कूल एक ही दुकान से किताबें खरीदने पर जोर देते हैैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल संचालकों पर नियंत्रण के लिए टीम गठित कर शिकायत वाले स्कूलों की जांच कराई जाएगी।
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क्यों न हो जेब ढीली
एनसीईआरटी- कक्षा एक से पांच तक 250 रुपये
कक्षा छह से आठ तक कुल 550 रुपये
कक्षा नौ और 10 का 850 रुपये
कक्षा 11 और 12 के लिए 1000 रुपये
निजी प्रकाशक- कक्षा एक से पांच तक 1500 रुपये
कक्षा छह से आठ तक 2500 रुपये
कक्षा नौ और 10 के लिए 3500 रुपये
कक्षा 11 और 12 के लिए 4500 रुपये
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सोमवार से नया सत्र शुरू हो गया है। जिले में लगभग चार हजार विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग की ओर मान्यता ले रखे हैं। कई विद्यालयों में निजी प्रकाशक की किताबों से शिक्षण कार्य हो रहा है। सीबीएसई से जिले में 23 विद्यालयों की मान्यता है। अधिकतर निजी स्कूल व्यवसाय का केंद्र बन गए हैं। स्कूलों से ही कॉपी, किताब, बैग, पेंसिल, पेन, ड्रेस, जूता मोजा लेने के लिए अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। कुछ ने चिह्नित दुकानों से कॉपी, किताब व स्कूल के ड्रेस लेने की सूची दे रखी है। अभिभावक मजबूर होकर खरीद रहे हैं। सीबीएसई से मान्यता विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें ही शामिल की गई है। लेकिन निजी स्कूल कमीशन के चक्कर में निजी प्रकाशकों की किताबें शामिल कर ले रहे हैं। जिसके एवज में प्रकाशक स्कूल को कमीशन देते हैं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें एनसीईआरटी की किताबों से काफी महंगी होती हैं। लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक स्कूलों के फरमान के आगे झुक जाते हैं।
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डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्य ने जारी निर्देश में कहा है कि किसी भी स्कूल में व्यावसायिक काम होने पर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक स्वतंत्र है। वह किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकता है। अगर कोई स्कूल एक ही दुकान से किताबें खरीदने पर जोर देते हैैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल संचालकों पर नियंत्रण के लिए टीम गठित कर शिकायत वाले स्कूलों की जांच कराई जाएगी।
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क्यों न हो जेब ढीली
एनसीईआरटी- कक्षा एक से पांच तक 250 रुपये
कक्षा छह से आठ तक कुल 550 रुपये
कक्षा नौ और 10 का 850 रुपये
कक्षा 11 और 12 के लिए 1000 रुपये
निजी प्रकाशक- कक्षा एक से पांच तक 1500 रुपये
कक्षा छह से आठ तक 2500 रुपये
कक्षा नौ और 10 के लिए 3500 रुपये
कक्षा 11 और 12 के लिए 4500 रुपये