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Basti News: गन्ने की पर्ची को परिवर्तित कराने पर करनी पड़ रही जेब ढीली
Tue, 21 Nov 2023 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 21 Nov 2023 01:19 AM IST
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- गौर सहकारी गन्ना विकास समिति वसूल रही रुपये
संवाद न्यूज़ एजेंसी
गौर। सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े गन्ना किसानों को फसल बेचने के लिए तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बैलगाड़ी की पर्ची को ट्रॉली में परिवर्तित कराने पर अब समिति किसानों से शुल्क जमा करा रही है। गन्ना किसानों का कहना है कि पहले पर्ची परिवर्तित कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था।
गन्ना किसान रामजीत चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, नरसिंह ने बताया कि 19 नवंबर से मिल का पेराई सत्र शुरू हो चुका है। पेराई सत्र शुरू होते ही गन्ना समिति किसानों का शोषण शुरू कर चुकी है। पर्ची परिवर्तित करने के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। इसके बाद गन्ना क्रय केंद्रों पर उतरवाई के लिए शुल्क वसूलना शुरू होगा।
पहले कभी पर्ची पर गाड़ी का परिवर्तन कराने में शुल्क नहीं लगता था। बताया कि गन्ना किसानों का हर स्तर पर शोषण शुरू हो गया है। समिति क्षेत्र में इस बार करीब 4567 हेक्टेयर जमीन पर गन्ने की खेती की गई है।
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कोट
बैलगाड़ी की पर्ची को ट्रॉली में परिवर्तित कराने की रसीद किसानों को भी दी जा रही है।
-मंजू सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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गौर। सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े गन्ना किसानों को फसल बेचने के लिए तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बैलगाड़ी की पर्ची को ट्रॉली में परिवर्तित कराने पर अब समिति किसानों से शुल्क जमा करा रही है। गन्ना किसानों का कहना है कि पहले पर्ची परिवर्तित कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था।
गन्ना किसान रामजीत चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, नरसिंह ने बताया कि 19 नवंबर से मिल का पेराई सत्र शुरू हो चुका है। पेराई सत्र शुरू होते ही गन्ना समिति किसानों का शोषण शुरू कर चुकी है। पर्ची परिवर्तित करने के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। इसके बाद गन्ना क्रय केंद्रों पर उतरवाई के लिए शुल्क वसूलना शुरू होगा।
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पहले कभी पर्ची पर गाड़ी का परिवर्तन कराने में शुल्क नहीं लगता था। बताया कि गन्ना किसानों का हर स्तर पर शोषण शुरू हो गया है। समिति क्षेत्र में इस बार करीब 4567 हेक्टेयर जमीन पर गन्ने की खेती की गई है।
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बैलगाड़ी की पर्ची को ट्रॉली में परिवर्तित कराने की रसीद किसानों को भी दी जा रही है।
-मंजू सिंह, जिला गन्ना अधिकारी