{"_id":"5867f3934f1c1b255eeed2a7","slug":"cold-wave-continues-people-in-homes-dubuque","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीतलहर जारी, लोग घरों में दुबके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीतलहर जारी, लोग घरों में दुबके
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
कोहरे से रफ्तार हुई कम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शीतलहर से अभी राहत मिलने वाली नहीं है। शनिवार को पांचवें दिन भी सूरज की तपिश पर ठंड का ग्रहण रहा। दिन में चली पुरवा हवाओं ने घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। लोग हीटर, ब्लोअर और अलाव के आगे अपने को समेटे रहे।
शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई जबकि आर्द्रता बढ़कर 97 फीसदी पहुंच गई। नए साल के आगमन की तैयारियों में युवा और बच्चे जरूर सड़कों पर फर्राटा भरते रहे। पालिका परिषद की ओर से जलाए गए अलाव भी नाकाफी रहे। पांच दिन से चल रही शीतलहर से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक स्कूल आठ जनवरी 17 तक बंद कर बच्चों को बड़ी राहत दी है। रात में भीषण कोहरे के चलते यातायात पर भी विपरीत असर पड़ा है। ट्रेनों के अलावा रोडवेज का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। सरकारी आफिसों में कर्मचारियों की मौजूदगी तो है लेकिन ठंड बढ़ने के कारण लोग चाय की चुस्कियों तक खुद को समेट रहे। बाजारों में भी ठंड की मार देखी जा रही है। बहुत जरूरी होने पर ही लोग इधर आ रहे हैं। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत द्वारा चलाए जा रहे अधिकतर अलाव कुछ देर जलने के बाद बुझ जाते हैं। तहसील परिसर, स्टेट बैंक के सामने, बखिरा तिराहा, डुमरियागंज तिराहा, पूर्वांचल बैंक और पीएनबी बैंक के बीच में भानपुर तिराहे पर अलाव कुछ देर जलने के बाद बुझ जाते हैं। शुक्रवार को तहसील परिसर में अलाव बुझा मिला। हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत के वार्डों में अलाव जलाए जा रहे हैं लेकिन तहसील क्षेत्र की छोटी बाजारों में अलाव जलते नहीं दिखे। लोग खुद कागज व कबाड़ जलाकर ठंड से बचते नजर आ रहे हैं। यही हाल कलवारी, गायघाट, वाल्टर गंज, मुंडेरवा, सोनहा आदि क्षेत्रों का भी है।
वर्ष के अंतिम दिन पड़ी हाड़ कंपाने वाली सर्दी
बस्ती। वर्ष भर लटके-झटके दिखाने के बावजूद वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को सर्दी शबाब पर रही। बादलों के पीछे से कुछ देर के लिए सूर्यदेव झांकते नजर आए लेकिन मौसम की बदमिजाजी हावी रही। सड़क पर निकले लोग ठंड से परेशान नजर आए। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास रहा। जबकि न्यूनतम सात तक गिरा। जानकार बताते हैं कि उत्तर-पश्चिम दिशा से सात किमी की रफ्तार से चली सर्द हवाएं हाड़ कंपाने को काफी रहीं।
विज्ञापन
2015 के अंतिम दिन भी कड़ाके की ठंड पड़ी थी। उस दिन अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास था। ठंड बढ़ने से किसानों में खुशी है। उनका कहना है कि ठंड ज्यादा पड़ने से उनकी फसलें अच्छी होंगी। हालांकि गृहणियों के लिए सर्दी का यह रूप काफी दुखादाई रहा। सुबह रोजमर्रा के काम में उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञानी डा. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार आगे तीन-चार दिनों तक यूं ही मौसम बना रह सकता है।
विज्ञापन
शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई जबकि आर्द्रता बढ़कर 97 फीसदी पहुंच गई। नए साल के आगमन की तैयारियों में युवा और बच्चे जरूर सड़कों पर फर्राटा भरते रहे। पालिका परिषद की ओर से जलाए गए अलाव भी नाकाफी रहे। पांच दिन से चल रही शीतलहर से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक स्कूल आठ जनवरी 17 तक बंद कर बच्चों को बड़ी राहत दी है। रात में भीषण कोहरे के चलते यातायात पर भी विपरीत असर पड़ा है। ट्रेनों के अलावा रोडवेज का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। सरकारी आफिसों में कर्मचारियों की मौजूदगी तो है लेकिन ठंड बढ़ने के कारण लोग चाय की चुस्कियों तक खुद को समेट रहे। बाजारों में भी ठंड की मार देखी जा रही है। बहुत जरूरी होने पर ही लोग इधर आ रहे हैं। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत द्वारा चलाए जा रहे अधिकतर अलाव कुछ देर जलने के बाद बुझ जाते हैं। तहसील परिसर, स्टेट बैंक के सामने, बखिरा तिराहा, डुमरियागंज तिराहा, पूर्वांचल बैंक और पीएनबी बैंक के बीच में भानपुर तिराहे पर अलाव कुछ देर जलने के बाद बुझ जाते हैं। शुक्रवार को तहसील परिसर में अलाव बुझा मिला। हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक नगर पंचायत के वार्डों में अलाव जलाए जा रहे हैं लेकिन तहसील क्षेत्र की छोटी बाजारों में अलाव जलते नहीं दिखे। लोग खुद कागज व कबाड़ जलाकर ठंड से बचते नजर आ रहे हैं। यही हाल कलवारी, गायघाट, वाल्टर गंज, मुंडेरवा, सोनहा आदि क्षेत्रों का भी है।
विज्ञापन
वर्ष के अंतिम दिन पड़ी हाड़ कंपाने वाली सर्दी
बस्ती। वर्ष भर लटके-झटके दिखाने के बावजूद वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को सर्दी शबाब पर रही। बादलों के पीछे से कुछ देर के लिए सूर्यदेव झांकते नजर आए लेकिन मौसम की बदमिजाजी हावी रही। सड़क पर निकले लोग ठंड से परेशान नजर आए। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास रहा। जबकि न्यूनतम सात तक गिरा। जानकार बताते हैं कि उत्तर-पश्चिम दिशा से सात किमी की रफ्तार से चली सर्द हवाएं हाड़ कंपाने को काफी रहीं।
विज्ञापन
2015 के अंतिम दिन भी कड़ाके की ठंड पड़ी थी। उस दिन अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास था। ठंड बढ़ने से किसानों में खुशी है। उनका कहना है कि ठंड ज्यादा पड़ने से उनकी फसलें अच्छी होंगी। हालांकि गृहणियों के लिए सर्दी का यह रूप काफी दुखादाई रहा। सुबह रोजमर्रा के काम में उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञानी डा. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार आगे तीन-चार दिनों तक यूं ही मौसम बना रह सकता है।