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Basti News: ठंड के बीच कोल्ड डायरिया और निमोनिया के मरीज बढ़े

Wed, 31 Dec 2025 12:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Dec 2025 12:38 AM IST
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Cold diarrhea and pneumonia patients increased amid cold
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज की जांच करते चिकित्सक संवाद
बस्ती। लगातार बढ़ रही ठंड अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है। तापमान में गिरावट, ठंडी हवा और घना कोहरा छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा कर रहे हैं। इसका असर सीधे जिला अस्पताल की ओपीडी पर दिखाई दे रहा है।
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जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब 80 से 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में परिजन बच्चों से संबंधित परामर्श के लिए आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की है जो निमोनिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। इसके अलावा सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में परेशानी और वायरल संक्रमण के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है।
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बताया गया कि 80 में से 10 से 12 बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासकर नवजात शिशु और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह और शाम चलने वाली ठंडी हवा, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं। यदि शुरुआती सर्दी-जुकाम का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकती है।
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डॉ. एके सिंह ने कहा कि बच्चों में तेज सांस, सीने में घरघराहट, लगातार बुखार, दूध या खाना न पीना, अत्यधिक सुस्ती, उल्टी-दस्त या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल से संपर्क करें। जिला अस्पताल में मंगलवार को 785 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे। सर्वाधिक मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पहुंचे। इसके अलावा चेस्ट विभाग में सांस संबंधी मरीज देखे गए। सांस रोगियों को आईसीयू में रखा जा रहा है।
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