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प्रसूता की मौत प्रकरण में सीएमओ करेंगे जांच
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प्रसूता की मौत प्रकरण में सीएमओ करेंगे जांच
बस्ती। सल्टौआ पीएचसी पर 13 जनवरी-2020 को ग्राम बांसापार की 27 वर्षीय रीता पत्नी विजय कुुमार को भर्ती कराया गया। उसे शाम पांच बजे डिलिवरी हुई। दूसरे दिन सुबह करीब सात बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के पति विजय कुमार ने डॉक्टर और कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम आशुतोष निरंजन को शिकायती पत्र दिया था। डीएम ने मामले की जांच सीएमओ डॉ. जेपी त्रिपाठी को दी है। निर्देश दिए हैं कि इस मामले में लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।
डीएम को दिए पत्र में पीड़ित ने कहा है कि पत्नी रीता गर्भवती थी। उसे 13 जनवरी की सुबह पेट में दर्द शुरू हुआ। तत्काल उसे नजदीकी सेेंटर पीएचसी सल्टौआ ले जाया गया, जहां उसे शाम पांच बजे डिलिवरी हुई। विजय ने आरोप लगाया है कि डिलिवरी के बाद जब रीता को बेड पर पहुंचाया गया तो वह सुस्त थी। इस पर कर्मियों को बताया गया, मगर वहां तैनात कर्मी ने लापरवाही बरती। पूरी रात वह वैसे ही पड़ी रही, मगर किसी ने उसे देखने की जरूरत नहीं समझी। उसी स्थिति में वह बेहोश हो गई। सुबह अस्पताल के जिम्मेदारों ने बेहोशी की हालत में महिला अस्पताल बस्ती रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। पीड़ित ने जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की मांग की। सीएमओ डॉ. जेपी त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। डीएम के निर्देश पर जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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बस्ती। सल्टौआ पीएचसी पर 13 जनवरी-2020 को ग्राम बांसापार की 27 वर्षीय रीता पत्नी विजय कुुमार को भर्ती कराया गया। उसे शाम पांच बजे डिलिवरी हुई। दूसरे दिन सुबह करीब सात बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के पति विजय कुमार ने डॉक्टर और कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम आशुतोष निरंजन को शिकायती पत्र दिया था। डीएम ने मामले की जांच सीएमओ डॉ. जेपी त्रिपाठी को दी है। निर्देश दिए हैं कि इस मामले में लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।
डीएम को दिए पत्र में पीड़ित ने कहा है कि पत्नी रीता गर्भवती थी। उसे 13 जनवरी की सुबह पेट में दर्द शुरू हुआ। तत्काल उसे नजदीकी सेेंटर पीएचसी सल्टौआ ले जाया गया, जहां उसे शाम पांच बजे डिलिवरी हुई। विजय ने आरोप लगाया है कि डिलिवरी के बाद जब रीता को बेड पर पहुंचाया गया तो वह सुस्त थी। इस पर कर्मियों को बताया गया, मगर वहां तैनात कर्मी ने लापरवाही बरती। पूरी रात वह वैसे ही पड़ी रही, मगर किसी ने उसे देखने की जरूरत नहीं समझी। उसी स्थिति में वह बेहोश हो गई। सुबह अस्पताल के जिम्मेदारों ने बेहोशी की हालत में महिला अस्पताल बस्ती रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। पीड़ित ने जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की मांग की। सीएमओ डॉ. जेपी त्रिपाठी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। डीएम के निर्देश पर जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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