{"_id":"61a270d692f8ed20eb38af70","slug":"city-roads-will-be-pothole-free-basti-news-gkp4178664125","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की सड़कें की जाएंगी गड्ढा मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की सड़कें की जाएंगी गड्ढा मुक्त
विज्ञापन
मालवीय रोड पर बने गड्ढे।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की सड़कें की जाएंगी गड्ढा मुक्त
नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी व अन्य कार्यदायी संस्थाओं को मिली जिम्मेदारी
बस्ती। शहर की करीब 2500 किलोमीटर सड़कों को श्रेणी में बांटकर गड्ढा मुक्त करने काम शुरू हो गया है। स्टेशन रोड व मालवीय मार्ग को गड्ढा मुक्त नगर पालिका करेगी। जबकि अन्य सड़कों को पीडब्ल्यूडी व अन्य कार्यदायी संस्थाएं गड्ढा मुक्त करेंगी।
शहर की सबसे बदतर स्थित मालवीय व स्टेशन रोड की है। इन मार्गों पर गड्ढों की भरमार है। गांधीनगर से मुंडेरवा जाने वाले, डुमरियागंज-बांसी मार्ग व पांडेय बाजार मार्ग के गड्ढा मुक्ति की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के कंधे पर है। यह सड़क भी जर्जर हो चुकी है। कुछेक सड़कों को नए सिरे से बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है।
इसके अलावा कुछेक सड़क को अन्य कार्यदायी संस्थाएं गड्ढा मुक्त करेंगी। शहर के सड़कों की हालत इन दिनों बेहद खराब है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शुभ नरायन राव ने बताया कि विभाग को गड्ढा मुक्ति की जिम्मेदारी मिली है, उस पर काम शुरू कराया जा चुका है। पुरानी बस्ती क्षेत्र की दो सड़कों को नए सिरे से निर्माण कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नगर पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने बताया कि नगर पालिका अपने क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त कर रही है।
विज्ञापन
पाकरडाड़ से चिलवानिया मार्ग जर्जर राहगीर परेशान
बस्ती। पाकरडाड़ से चिलवानिया मार्ग को जोड़ने वाली सड़क जर्जर हो गई है। इस रास्ते पर अक्सर बच्चे बुजुर्ग गिर जाते हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यह मार्ग अलगा, रामनगर, चिलवानिया, ठड़वा, भरतोलवा, गंगिया कोहल आदि गांव को जोड़ती है। अलगा गांव के अन्नू श्रीवास्तव ने बताया कि इसी मार्ग से ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। इस मार्ग पर गाड़ी चलना दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। सरकार गड्ढ़ा मुक्ति का अभियान चला रही है, लेकिन यह मार्ग गड्ढा मुक्त नहीं हुआ। चिलवानिया गांव निवासी राजन सिंह ने बताया कि इसी मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय है। बारिश होने पर गड्ढा दिखाई नहीं देता और बच्चों उसमें गिर जाते है। अशोक सिंह ने बताया कि इसी मार्ग पर बनकटवा गांव के पास हॉस्पिटल है। इस नाते मरीजों का इसी रोड से रोज आना-जाना लगा रहता है।
विज्ञापन
नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी व अन्य कार्यदायी संस्थाओं को मिली जिम्मेदारी
बस्ती। शहर की करीब 2500 किलोमीटर सड़कों को श्रेणी में बांटकर गड्ढा मुक्त करने काम शुरू हो गया है। स्टेशन रोड व मालवीय मार्ग को गड्ढा मुक्त नगर पालिका करेगी। जबकि अन्य सड़कों को पीडब्ल्यूडी व अन्य कार्यदायी संस्थाएं गड्ढा मुक्त करेंगी।
शहर की सबसे बदतर स्थित मालवीय व स्टेशन रोड की है। इन मार्गों पर गड्ढों की भरमार है। गांधीनगर से मुंडेरवा जाने वाले, डुमरियागंज-बांसी मार्ग व पांडेय बाजार मार्ग के गड्ढा मुक्ति की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के कंधे पर है। यह सड़क भी जर्जर हो चुकी है। कुछेक सड़कों को नए सिरे से बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है।
विज्ञापन
इसके अलावा कुछेक सड़क को अन्य कार्यदायी संस्थाएं गड्ढा मुक्त करेंगी। शहर के सड़कों की हालत इन दिनों बेहद खराब है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शुभ नरायन राव ने बताया कि विभाग को गड्ढा मुक्ति की जिम्मेदारी मिली है, उस पर काम शुरू कराया जा चुका है। पुरानी बस्ती क्षेत्र की दो सड़कों को नए सिरे से निर्माण कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नगर पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने बताया कि नगर पालिका अपने क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त कर रही है।
विज्ञापन
पाकरडाड़ से चिलवानिया मार्ग जर्जर राहगीर परेशान
बस्ती। पाकरडाड़ से चिलवानिया मार्ग को जोड़ने वाली सड़क जर्जर हो गई है। इस रास्ते पर अक्सर बच्चे बुजुर्ग गिर जाते हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यह मार्ग अलगा, रामनगर, चिलवानिया, ठड़वा, भरतोलवा, गंगिया कोहल आदि गांव को जोड़ती है। अलगा गांव के अन्नू श्रीवास्तव ने बताया कि इसी मार्ग से ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। इस मार्ग पर गाड़ी चलना दूर पैदल चलना भी मुश्किल है। सरकार गड्ढ़ा मुक्ति का अभियान चला रही है, लेकिन यह मार्ग गड्ढा मुक्त नहीं हुआ। चिलवानिया गांव निवासी राजन सिंह ने बताया कि इसी मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय है। बारिश होने पर गड्ढा दिखाई नहीं देता और बच्चों उसमें गिर जाते है। अशोक सिंह ने बताया कि इसी मार्ग पर बनकटवा गांव के पास हॉस्पिटल है। इस नाते मरीजों का इसी रोड से रोज आना-जाना लगा रहता है।