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Basti News: टीकाकरण के बाद बिगड़ी मासूम की तबीयत, मौत पर हंगामा
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मेहड़ा गांव में शिशु की मौत पर परिजनों से जानकारी लेते डीआईओ डॉ. एके चौधरी स्रोत विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी बनकटी (बस्ती)। पीएचसी बनकटी के अंतर्गत मेहड़ा गांव में टीकाकरण के बाद मासूम की तबीयत बिगड़ने से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि टीकाकरण में एएनएम की ओर से लापरवाही बरती गई है।
वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों ने घर पर ही हंगामा कर मामले की जांच के लिए अड़ गए थे। इसके बाद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी भी पहुंचे और मामले की जांच किए तो किसी तरह से मामला शांत हुआ।
सीएमओ डाॅ. राजीव निगम ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर तत्काल डीआईओ डॉ. एके चौधरी को मौके पर भेजा गया। जांच में पता चला कि मेहड़ा निवासी राधा देवी पत्नी दिनेश गौतम का एक माह पूर्व संतकबीरनगर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। परिजनों के अनुसार, जन्म के बाद बच्ची की तबीयत ठीक थी, मगर कुछ दिन बाद खराब होने पर उसे अस्पताल के आईसीयू में रखा गया था। एक सप्ताह बाद उसे डिस्चार्ज किया गया था।
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इसके बाद उसे झटका आने की समस्या होने लगी थी, सांस लेने में भी तकलीफ थी और इलाज चल रहा था। बताया कि जन्म के 28 दिन बाद 28 जनवरी बुधवार को बच्ची को बीसीजी का टीका लगाया गया। डीआईओ ने बताया कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है, इसका कोई नुकसान नहीं होता है। नवजात शिशु की मौत के बाद परिजन उसका अंतिम संस्कार करने चले गए थे। पोस्टमार्टम के लिए कहा गया, मगर परिजन नहीं माने।
वहीं डीआईओ ने बताया कि बुधवार को गांव के पंचायत भवन पर एएनएम ने बच्ची का टीकाकरण की थी। उसी रात 11 बजे मासूम की तबीयत बिगड़ने लगी थी और कुछ ही देर बाद उसी मौत हो गई। जांच में यह पता चला है कि मासूम की तबीयत पहले से ही खराब थी। बीजीसी का टीका टीबी से बचाव के लिए लगाया जाता है, इसमें कोई साइड इफैक्ट नहीं होता है। अगर परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी होते तो मौत का कारण स्पष्ट हो पाता।
वहीं, मुंडेरवा थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र की एएनएम की ओर से टीकाकरण किया गया है।
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वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों ने घर पर ही हंगामा कर मामले की जांच के लिए अड़ गए थे। इसके बाद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी भी पहुंचे और मामले की जांच किए तो किसी तरह से मामला शांत हुआ।
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सीएमओ डाॅ. राजीव निगम ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर तत्काल डीआईओ डॉ. एके चौधरी को मौके पर भेजा गया। जांच में पता चला कि मेहड़ा निवासी राधा देवी पत्नी दिनेश गौतम का एक माह पूर्व संतकबीरनगर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। परिजनों के अनुसार, जन्म के बाद बच्ची की तबीयत ठीक थी, मगर कुछ दिन बाद खराब होने पर उसे अस्पताल के आईसीयू में रखा गया था। एक सप्ताह बाद उसे डिस्चार्ज किया गया था।
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इसके बाद उसे झटका आने की समस्या होने लगी थी, सांस लेने में भी तकलीफ थी और इलाज चल रहा था। बताया कि जन्म के 28 दिन बाद 28 जनवरी बुधवार को बच्ची को बीसीजी का टीका लगाया गया। डीआईओ ने बताया कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है, इसका कोई नुकसान नहीं होता है। नवजात शिशु की मौत के बाद परिजन उसका अंतिम संस्कार करने चले गए थे। पोस्टमार्टम के लिए कहा गया, मगर परिजन नहीं माने।
वहीं डीआईओ ने बताया कि बुधवार को गांव के पंचायत भवन पर एएनएम ने बच्ची का टीकाकरण की थी। उसी रात 11 बजे मासूम की तबीयत बिगड़ने लगी थी और कुछ ही देर बाद उसी मौत हो गई। जांच में यह पता चला है कि मासूम की तबीयत पहले से ही खराब थी। बीजीसी का टीका टीबी से बचाव के लिए लगाया जाता है, इसमें कोई साइड इफैक्ट नहीं होता है। अगर परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी होते तो मौत का कारण स्पष्ट हो पाता।
वहीं, मुंडेरवा थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र की एएनएम की ओर से टीकाकरण किया गया है।