फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Child discharged from private hospital dies in Cali

Basti News: निजी अस्पताल से डिस्चार्ज बच्चे की कैली में मौत

Sat, 10 Jun 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 10 Jun 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
Child discharged from private hospital dies in Cali
बस्ती। निजी अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कुछ ही घंटों में बृहस्पतिवार को रात नवजात की मौत हो गई। निजी अस्पताल ने एक लाख रुपये से ज्यादा का बिल बना दिया था। रकम अदा न कर पाने पर बच्चे को बंधक बना लेने का आरोप परिजनों ने लगाया था। मौके पर पहुंचे एसीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बच्चे को वहां से डिस्चार्ज कराकर जिला महिला अस्पताल भिजवाया था।
विज्ञापन

लालगंज थाना क्षेत्र के सेलहरा गांव निवासी वीरेंद्र यादव ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर बताया था कि मालवीय रोड, निकट एपीएन पीजी कॉलेज स्थित एक निजी अस्पताल में एक जून को उसने अपने बच्चे को भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने 50 हजार रुपए दवा के नाम पर वसूल लिया और 70 हजार रुपये का और बिल थमा दिया। उसने जब बच्चे को डिस्चार्ज करने को कहा तो उस पर बकाया जमा करने का दबाव बनाया जाने लगा। अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को देने से मना कर दिया गया। बच्चे का जन्म एक जून को सीएचसी कुदरहा में हुआ, वहीं की एक नर्स ने परिजनों को बरगला कर जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रसव के बाद बच्चा रोया नहीं था। अस्पताल में उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। एसीएमओ के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल ने बिना बकाया लिए बृहस्पतिवार शाम को बच्चे को ले जाने दिया। बच्चे की हालत उस समय भी गंभीर बनी हुई थी। ऑक्सीजन स्पोर्ट पर उसे वहां से जिला महिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे बच्चे की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज में बच्चा 15-20 मिनट ही जिंदा रहा।
विज्ञापन

-----
- बृहस्पतिवार शाम को बच्चे को निजी अस्पताल से महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया इसके बाद क्या हुआ मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कुदरहा सीएचसी की नर्स द्वारा उसे निजी अस्तपाल में भर्ती कराने की परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। यदि ऐसे शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एके मिश्रा, एसीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
- मैं अभी मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं, ऐसे में कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हूं, बाद में जो होगा देखा जाएगा।
वीरेंद्र यादव, नवजात के पिता
-----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed