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19 जुलाई 2026 तक होगा प्रमुखों का कार्यकाल
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जुलाई 2026 तक होगा प्रमुखों का कार्यकाल
शपथ ग्रहण और पहली बैठक का है संवैधानिक महत्व
पहली बैठक से ही शुरू हो गया ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शपथ लेकर पहली बैठक होते ही ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 तक के लिए निर्धारित हो गया। जिला पंचायत का कार्यकाल 12 जुलाई 2026 तक का होगा। अगर बीच में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, तो भी नए जिला पंचायत अथवा ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल यही माना जाएगा।
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत नियमावली 1994 के अनुसार संविधान में जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत प्रमुख का कार्यकाल पांच साल के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें शपथ ग्रहण व पहली बैठक को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। शपथ लेने के बाद जहां इनको संवैधानिक पद का जिम्मेदार मान लिया जाता है, वहीं इनका कार्यकाल पहली बैठक होते ही शुरू हो जाता है। जिला पंचायत का शपथ ग्रहण व पहली बैठक 12 जुलाई को हुआ था, इसलिए उसका कार्यकाल ठीक 11 जुलाई 2026 को पूरा हो जाएगा। इसी प्रकार ब्लॉक प्रमुखों का शपथ ग्रहण और पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई है। इसलिए इनका कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को ही पूरा माना जाएगा।
1922 से होता आया है पंचायतों का गठन
पंचायतों का गठन आजादी से पहले ही होता आया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास कुमार मिश्र के अनुसार 1922 में पहली बार डिस्ट्रिक बोर्ड अस्तित्व में आया था। उस समय बोर्ड के नामित सदस्य ही ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते थे। देश की आजादी के बाद 1958 में अंतरिम जिला पंचायतों का गठन होना शुरू हो गया। तीन साल बाद 1961 में अधिनियम के तहत इसे जिला परिषद का नाम दिया गया। 73वें संविधान संशोधन के दौरान 1995 में नाम परिवर्तित कर जिले के लिए जिला पंचायत और ब्लॉकों के लिए क्षेत्र पंचायतों का गठन करना शुरू दिया गया। यह भी प्रावधान किया गया कि हर पांच साल पर इसके लिए चुनाव कराए जाएंगे।
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शपथ ग्रहण और पहली बैठक का है संवैधानिक महत्व
पहली बैठक से ही शुरू हो गया ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शपथ लेकर पहली बैठक होते ही ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 तक के लिए निर्धारित हो गया। जिला पंचायत का कार्यकाल 12 जुलाई 2026 तक का होगा। अगर बीच में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, तो भी नए जिला पंचायत अथवा ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल यही माना जाएगा।
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत नियमावली 1994 के अनुसार संविधान में जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत प्रमुख का कार्यकाल पांच साल के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें शपथ ग्रहण व पहली बैठक को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। शपथ लेने के बाद जहां इनको संवैधानिक पद का जिम्मेदार मान लिया जाता है, वहीं इनका कार्यकाल पहली बैठक होते ही शुरू हो जाता है। जिला पंचायत का शपथ ग्रहण व पहली बैठक 12 जुलाई को हुआ था, इसलिए उसका कार्यकाल ठीक 11 जुलाई 2026 को पूरा हो जाएगा। इसी प्रकार ब्लॉक प्रमुखों का शपथ ग्रहण और पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई है। इसलिए इनका कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को ही पूरा माना जाएगा।
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1922 से होता आया है पंचायतों का गठन
पंचायतों का गठन आजादी से पहले ही होता आया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास कुमार मिश्र के अनुसार 1922 में पहली बार डिस्ट्रिक बोर्ड अस्तित्व में आया था। उस समय बोर्ड के नामित सदस्य ही ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते थे। देश की आजादी के बाद 1958 में अंतरिम जिला पंचायतों का गठन होना शुरू हो गया। तीन साल बाद 1961 में अधिनियम के तहत इसे जिला परिषद का नाम दिया गया। 73वें संविधान संशोधन के दौरान 1995 में नाम परिवर्तित कर जिले के लिए जिला पंचायत और ब्लॉकों के लिए क्षेत्र पंचायतों का गठन करना शुरू दिया गया। यह भी प्रावधान किया गया कि हर पांच साल पर इसके लिए चुनाव कराए जाएंगे।
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