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धारा का प्रवाह देखने तटबंध पर पहुंची तकनीकी टीम
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दुबौलिया ब्लाक के कटरिया चांदपुर तटबंध का निरीक्षण करते अधीक्षण अभियंता।
- फोटो : BASTI
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धारा का प्रवाह देखने तटबंध पर पहुंची तकनीकी टीम
दुबौलिया (बस्ती)। जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर शुक्रवार की दोपहर लखनऊ से एसई नवीन कपूर व एक्सईएन टीएन सिंह तकनीकी टीम के साथ पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ के बाद धारा मोड़े जाने की स्थिति की समीक्षा की। वर्तमान में कटरिया चांदपुर तटबंध पर स्थित खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब 12 सौ मीटर में सरयू नदी धीरे-धीरे तटबंध से करीब आठ सौ मीटर दूर प्रवाहित हो रही है। इसे देखकर टीम ने राहत की सांस ली।
यहां जांच-पड़ताल के बाद टीम स्टीमर से शेरवा घाट पहुंची, जहां मार्च-अप्रैल में बल्ली पाइलिंग हुआ था। टीम ने वहां दो अलग-अलग धाराओं में नदी को बांटने के किए जा रहे कार्य को देखा। वहां पानी की तीव्रता तेज पाई गई। मौके पर यह देखा गया कि इस वर्ष तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और पानी का दवाब तटबंध पर नहीं है। अधीक्षण अभियंता नवीन कपूर ने बताया आने वाले समय में एक बार फिर ड्रेजर मशीनों से खुदाई कर बटी धाराओं की गहराई बढ़ा दी जाएगी। इससे नदी का मुख्य मार्ग तटबंध से दूर और नवनिर्मित धारा में प्रवाहित होने लगेगा।
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दुबौलिया (बस्ती)। जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर शुक्रवार की दोपहर लखनऊ से एसई नवीन कपूर व एक्सईएन टीएन सिंह तकनीकी टीम के साथ पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ के बाद धारा मोड़े जाने की स्थिति की समीक्षा की। वर्तमान में कटरिया चांदपुर तटबंध पर स्थित खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब 12 सौ मीटर में सरयू नदी धीरे-धीरे तटबंध से करीब आठ सौ मीटर दूर प्रवाहित हो रही है। इसे देखकर टीम ने राहत की सांस ली।
यहां जांच-पड़ताल के बाद टीम स्टीमर से शेरवा घाट पहुंची, जहां मार्च-अप्रैल में बल्ली पाइलिंग हुआ था। टीम ने वहां दो अलग-अलग धाराओं में नदी को बांटने के किए जा रहे कार्य को देखा। वहां पानी की तीव्रता तेज पाई गई। मौके पर यह देखा गया कि इस वर्ष तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और पानी का दवाब तटबंध पर नहीं है। अधीक्षण अभियंता नवीन कपूर ने बताया आने वाले समय में एक बार फिर ड्रेजर मशीनों से खुदाई कर बटी धाराओं की गहराई बढ़ा दी जाएगी। इससे नदी का मुख्य मार्ग तटबंध से दूर और नवनिर्मित धारा में प्रवाहित होने लगेगा।
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