कप्तानगंज। उन्नाव में हुए सड़क हादसे में मारे गए विजय कुमार का शव मंगलवार की रात 12 बजे पैतृक गांव फेरसहन पहुंचा तो परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। परिजनों की चीख पुकार सुनकर सबकी आंखें भर आईं। गांव के होनहार युवक की मौत से लोग मातम में है। जवान बेटे के शव से लिपटकर रामजीत, उनकी पत्नी सिर्जना देवी, बाबा बिरे, बड़ा भाई अजय कुमार रोते बिलखते बेहोश हो जा रहे थे। बुधवार की सुबह परिजनों ने विजय के शव का कटरिया चांदपुर में अंतिम संस्कार कर दिया।
बता दे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के फेरसहन (गोविंदपारा) गांव के रहने वाले विजय कुमार दिल्ली के मिलिट्री कैंप में आउट सोर्सिंग पर काम करता था। सोमवार की रात 10 बजे वह घर आने के लिए दिल्ली के कश्मीरी गेट से घर आने के लिए दिल्ली से बिहार जाने वाली डबल डेकर बस में बैठा था। मंगलवार की सुबह पांच बजे जैसे ही बस औरास थाना क्षेत्र के निकट लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे के निकट पहुंची तभी बस चालक को झपकी आ गई और बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में विजय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। सोशल मीडिया के जरिये परिजनों को दुर्घटना की सूचना मिली। उसके लिए बाद एसओ कप्तान गंज हादसे की सूचना के परिजनों को दी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। उन्नाव पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। विजय कुमार के बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि उन्नाव पुलिस प्रशासन ने पूरा सहयोग किया।