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Basti News: तीन दिन की देरी से अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा ‘कैटमारान’

Thu, 25 Jan 2024 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 25 Jan 2024 02:20 AM IST
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'Catamaran' reached its last stop three days late
पानी के जहाज को खीचतें दोअन्य जलयान।
बस्ती/दुबौलिया।
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कोलकाता-अयोध्या जलमार्ग परिवहन सेवा के तहत पहली बार यात्रा पर निकला कैटमारान जलयान कई विषम परिस्थितियों से जूझते हुए आखिरकार तीन दिन की देरी से बुधवार को अपने अंतिम पड़ाव अयोध्या पहुंच गया।
कैटमारान को सोमवार को ही अयोध्या पहुंचना था, जब श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी। लेकिन उस दिन वह बस्ती के दुबौलिया क्षेत्र के संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर के पास बने ठोकर नंबर एक के पास कम गहराई में फंस गया। काफी प्रयास के बाद मंगलवार रात में उसके साथ चल रहे दो छोटे क्रूज जलयानों में लगी मशीनों से रेत हटाने के बाद उसे निकाला गया। इसके बाद जलयान अयोध्या के श्रृंगी ऋषि आश्रम के पास शेरवा घाट पर कोहरा अधिक होने के कारण रात में लंगर डालकर रुक गया। बुधवार सुबह दस बजे कोहरा कम होने के बाद शेरवा घाट, उनियारा घाट होते हुए अयोध्या पहुंचा।
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केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी जलमार्ग परियोजना के तहत देश की 111 नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना चल रही है। इसी के तहत अयोध्या-कोलकाता जल परिवहन सेवा की शुरुआत की गई है। 353 किलोमीटर लंबे इस जलमार्ग पर सात जनवरी को पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से कैटमारान निकला। उसके साथ दो छोटे जलयान भी चल रहे थे। जलयान को 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचना था। मगर रास्ते में तमाम जगह जलस्तर कम होने की वजह से उसे आगे बढ़ने में बाधा आई। कई जगह पीपे का पुल उखाड़ना पड़ा तो कई जगह निर्माणाधीन पुल होने के कारण परेशानी हुई। झंझावातों को झेलते हुए यह जलयान सोमवार को कलवारी टांडा घाट से होकर निकला। आगे जाने पर देर शाम दुबौलिया के कटरिया चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के पास सरयू नदी के उथली जगह पर रेत में फंस गया।
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जलयान पर मौजूद स्टाफ मंगलवार को पूरे दिन गहरे पानी का रूट सर्वे करके फ्लैग लगाता रहा। साथ चल रहे छोटे जलयान नीचे रेत खोदकर उसके लिए जगह बनाते रहे। कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे जलयान को गहरे पानी में पहुंचाने में कामयाब हो गई। वहां से करीब 10-12 किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद घने कोहरे से दृश्यता काफी कम हो गई, जिसके कारण अयोध्या क्षेत्र के शेरवा घाट के पास फिर लंगर डालना पड़ा। बुधवार को दोपहर बाद वह अयोध्या पहुंच सका।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना
केंद्र सरकार देश की 111 नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। विश्व बैंक की मदद से केंद्र सरकार का जहाजरानी मंत्रालय इसे विकसित कर रहा है। कोलकाता से अयोध्या के बीच 353 किमी के इस मार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 घोषित किया गया है। इस नए जलमार्ग से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि ढुलाई खर्च में भी 80 फीसदी तक कमी आएगी। इसका उद्देश्य जल परिवहन सेवा के साथ-साथ कारोबार को गति देना है। दिसंबर 2017 में अयोध्या के जीआईसी स्कूल मैदान में तत्कालीन केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस जलमार्ग का शिलान्यास किया था।
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