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किसी अफसर, नेता के नंबर से आए कॉल तो रहें सचेत
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किसी अफसर, नेता के नंबर से आए कॉल तो रहें सचेत
हो सकती है स्पूफिंग कॉल, एसपी के नंबर का हो चुका है इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अगर किसी ऐसे बड़े अफसर, राजनेता या बड़े व्यक्ति के नंबर से फोन आए और आप उसे नहीं जानते हैं तो सावधान हो जाइए। यह कॉल स्पूफिंग गिरोह का कारनामा हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं।
जालसाज फेक कॉल से सिम, सिम की आईडी, मोबाइल के आईईएमआई नंबर का उपयोग करते हैं। फेक कॉल से गुमराह करने वाला व्यक्ति अपने मोबाइल से आपके नंबर से कॉल करेगा और जहां कॉल जाएगी, वहां पर आपका नंबर दिखेगा। कॉल करने वाला व्यक्ति अपनी पहचान को जाहिर नहीं होने देगा।
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि इस तरह की हाल में कोई शिकायत तो नहीं आई है। लेकिन इसकी आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि तकनीकी तौर पर साइबर अपराधी तमाम पैंतरे जानते हैं। ऐसे में लोगों को अनजान फोन काल्स पर एकाएक भरोसा न करें। शक होने पर पलटकर फोन अवश्य कर लें।
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भाटी के गुर्गों से खतरा
जिले में सबसे पहले 24 जुलाई 2019 को कॉल स्पूफिंग का मामला सामने आया था। उस वक्त गाजियाबाद पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। पकड़े गए आरोपी बृजभान ने बयान दिया था कि यह खेल बस्ती से संचालित किया जाता है। जिसके बाद बस्ती की जेल में बंद नोएडा के कुख्यात बदमाश रणदीप भाटी का नाम स्पूफिंग गिरोह चलाने वाले सरगना के रूप में सामने आया। भाटी ने यहां के एसपी का सीयूजी नंबर हैक करके जेल अधिकारियों को फोन करके अपनी जेल बदलने के लिए दबाव बनाता था। साढ़े तीन वर्ष बस्ती जेल में रहने के दौरान भाटी ने जेल के कई बंदियों को यह तरीका सिखा गया। सूत्र बताते हैं कि वे अब हाथ पांव मारने लगे हैं।
प्रतिबंधित है यह तरीका
कॉल स्पूफिंग इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। ऐसा करते पाए जाने पर जुर्माना, तीन साल जेल या दोनों दंड का प्रावधान है। इसमें तीन साल की सजा के साथ 25,000 रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
क्या है स्पूफिंग कॉल
कॉल स्पूफिंग वह तकनीक है, जिससे अपने नंबर की पहचान छिपाते हुए किसी अन्य या जिस व्यक्ति के नंबर पर कॉल आ रही है उसी के नंबर का प्रयोग करके फोन करना या संदेश भेजना। इस प्रक्रिया में दोनों व्यक्ति यानी कि जिसका नंबर प्रयोग किया जा रहा हो वह और जिसे संदेश या कॉल किया गया है वह इससे अनजान रहते हैं।
बचाव के लिए सावधानियां
- अपने ही नंबर से कॉल आने पर मोबाइल कंपनी को तुरंत सूचित करें।
- किसी नए नंबर से मैसेज या कॉल आने पर सचेत हो जाएं।
- ऐसा रिपीट होने पर पुलिस को सूचित करें।
- किसी भी नंबर से कॉल आए तो अपने फोन से दोबारा उस नंबर पर कॉल जरूर करें।
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हो सकती है स्पूफिंग कॉल, एसपी के नंबर का हो चुका है इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अगर किसी ऐसे बड़े अफसर, राजनेता या बड़े व्यक्ति के नंबर से फोन आए और आप उसे नहीं जानते हैं तो सावधान हो जाइए। यह कॉल स्पूफिंग गिरोह का कारनामा हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं।
जालसाज फेक कॉल से सिम, सिम की आईडी, मोबाइल के आईईएमआई नंबर का उपयोग करते हैं। फेक कॉल से गुमराह करने वाला व्यक्ति अपने मोबाइल से आपके नंबर से कॉल करेगा और जहां कॉल जाएगी, वहां पर आपका नंबर दिखेगा। कॉल करने वाला व्यक्ति अपनी पहचान को जाहिर नहीं होने देगा।
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एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि इस तरह की हाल में कोई शिकायत तो नहीं आई है। लेकिन इसकी आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि तकनीकी तौर पर साइबर अपराधी तमाम पैंतरे जानते हैं। ऐसे में लोगों को अनजान फोन काल्स पर एकाएक भरोसा न करें। शक होने पर पलटकर फोन अवश्य कर लें।
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भाटी के गुर्गों से खतरा
जिले में सबसे पहले 24 जुलाई 2019 को कॉल स्पूफिंग का मामला सामने आया था। उस वक्त गाजियाबाद पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। पकड़े गए आरोपी बृजभान ने बयान दिया था कि यह खेल बस्ती से संचालित किया जाता है। जिसके बाद बस्ती की जेल में बंद नोएडा के कुख्यात बदमाश रणदीप भाटी का नाम स्पूफिंग गिरोह चलाने वाले सरगना के रूप में सामने आया। भाटी ने यहां के एसपी का सीयूजी नंबर हैक करके जेल अधिकारियों को फोन करके अपनी जेल बदलने के लिए दबाव बनाता था। साढ़े तीन वर्ष बस्ती जेल में रहने के दौरान भाटी ने जेल के कई बंदियों को यह तरीका सिखा गया। सूत्र बताते हैं कि वे अब हाथ पांव मारने लगे हैं।
प्रतिबंधित है यह तरीका
कॉल स्पूफिंग इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। ऐसा करते पाए जाने पर जुर्माना, तीन साल जेल या दोनों दंड का प्रावधान है। इसमें तीन साल की सजा के साथ 25,000 रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
क्या है स्पूफिंग कॉल
कॉल स्पूफिंग वह तकनीक है, जिससे अपने नंबर की पहचान छिपाते हुए किसी अन्य या जिस व्यक्ति के नंबर पर कॉल आ रही है उसी के नंबर का प्रयोग करके फोन करना या संदेश भेजना। इस प्रक्रिया में दोनों व्यक्ति यानी कि जिसका नंबर प्रयोग किया जा रहा हो वह और जिसे संदेश या कॉल किया गया है वह इससे अनजान रहते हैं।
बचाव के लिए सावधानियां
- अपने ही नंबर से कॉल आने पर मोबाइल कंपनी को तुरंत सूचित करें।
- किसी नए नंबर से मैसेज या कॉल आने पर सचेत हो जाएं।
- ऐसा रिपीट होने पर पुलिस को सूचित करें।
- किसी भी नंबर से कॉल आए तो अपने फोन से दोबारा उस नंबर पर कॉल जरूर करें।