फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Bus kept searching in the scorching sun, waited in waiting

Basti News: चिलचिलाती धूप में ढूंढते रहे बस, मुसाफिरखाना में किया इंतजार

Wed, 10 May 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 10 May 2023 12:45 AM IST
विज्ञापन
Bus kept searching in the scorching sun, waited in waiting
रोडवेज में बस के लिए भटकते यात्री।
बस्ती। निकाय चुनाव के दृष्टिगत बस यात्रियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को डिपो की बसों को चुनाव में भेज देने के बाद लोकल रूटों पर बसों का संचलन न के बराबर हो गया। इससे यात्रियों को घंटों भटकना पड़ा। डिपो परिसर से लगायत गेट के बाहर तक लोग साधन सवारी की जुगत में थे। सुबह दस बजने के बाद लगभग आधा दर्जन लोकल रूटों पर बस सेवा ठप सी हो गई। दूर-दराज से आए यात्रियों को आटो, प्राइवेट टैक्सी का इंतजाम कर गंतव्य की ओर जाना पड़ा या मुुसाफिरखाना में बैठकर समय पास करना पड़ा।
विज्ञापन

निकाय चुनाव के द्वितीय चरण में डिपो की कुल चौदह बस अधिग्रहित की गई है। इसमें सात संतकबीरनगर जनपद और सात बस्ती जनपद के चुनाव कार्य में लगाई गई है। डिपो लंबी रूट की बसों के जगह लोकल रूट की बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजने का फैसला लिया है। ताकि उनकी आमदनी न प्रभावित हो सके। दो दिन पूर्व बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजे जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। बस्ती वाया बांसी सिद्धार्थनगर, बस्ती-गोरखपुर, बस्ती- मेंहदावल, बस्ती- महुली, बस्ती-विशेषरगंज आदि मार्ग पर चुनाव के नाते सरकारी बसों का संचलन लगभग ठप है। निगम परिसर में जुटने वाले यात्रियों की संख्या का आकलन करने के बाद ही बस की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है। यदि यात्रियों की संख्या कम है तो बस उपलब्ध कराने से डिपो हाथ खड़े कर दे रहा है। सुबह की पाली में बस्ती-बांसी और डुमरियागंज के लिए दो-दो बसें भेजी गई। इसके बाद कोई बस सेवा नहीं थी। जिससे दूर दराज से यात्रियों को मुसाफिर खाना में बैठकर इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्री गंतव्य पर पहुंचने के लिए प्राइवेट टैक्सी एवं आटो का सहारा लेते नजर आए।
विज्ञापन

शाम को मिलेगी बस, बैठना मजबूरी
यात्री शेड में बैठे तारिक मोहम्मद ने कहा कि उन्हें नाथनगर जाना है। पहले दिन में बस मिल जाती थी। लेकिन आज नहीं मिली। पूछताछ में बताया गया कि शाम को बस मिलेगी। इसलिए मुसाफिर खाना में बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। कंचन देवी ने बताया कि उन्हें डुमरियागंज जाना है। बाहर प्रचंड धूप है। बच्चों के साथ दो घंटे से यात्री शेड में बैठी हूं। राम चरन वर्मा ने कहा कि बताया गया है कि जब पर्याप्त यात्री हो जाएंगे तब बांसी के लिए किसी बस की व्यवस्था होगी। तब तक कोई सेवा नहीं मिल पाएगी। आम दिनों में ऐसा नहीं होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
प्राइवेट टैक्सी स्टैंडों पर दिखी भीड़
सरकारी बस सेवा न मिलने से लोकल यात्रियों की भीड़ नेहरू तिराहा, किसान हाईस्कूल, कटरा एवं कंपनीबाग प्राइवेट टैक्सी स्टैंड पर देखने को मिली। लोग 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए टेंपो या अन्य टैक्सी वाहनों का सहारा लेते नजर आए। इससे टैक्सी वाहनों की भी चांदी रही। कुछ यात्री मुंहमांगी रकम देकर आटो भी बुक किए।
----
चुनाव ड्यूटी में बसों को भेज दिए जाने से कुछ यात्रियों के समक्ष समस्याएं खड़ी हुई हैं। फिर भी जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या देखी जा रही है, बस की व्यवस्था कर दी जा रही है। -आयुष भटनागर, एआरएम, रोडवेज डिपो, बस्ती।


लग्न में की गई वैकल्पिक व्यवस्था

बस मालिक केशव दुबे ने बताया कि प्रशासन जरूरत के हिसाब से ही बसों का डिमांड किया है। जिन बसों की मतदान के दिन 11 मई को लग्न में बुकिंग थी और उसे चुनाव में अधिग्रहित कर लिया गया तो उसके बदले दूसरे बस का इंतजाम किया गया। फिलहाल बहुत समस्या नहीं है। रघुवंश चौधरी ने बताया कि इस बार स्कूल बस, सरकारी बस एवं मिनी बसें अधिक अधिग्रहीत की गई हैं। शादी-ब्याह में अक्सर 60 सीटर बस बुक किए जाते हैं। उनके पास इस तरह की दो बसें हैं और मतदान के दिन दोनों की लग्न में बुकिंग भी है।

रोडवेज में बस के लिए भटकते यात्री।

रोडवेज में बस के लिए भटकते यात्री।

रोडवेज में बस के लिए भटकते यात्री।

रोडवेज में बस के लिए भटकते यात्री।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed