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बस्ती सदर: रोचक होगा चुनावी मुकाबला
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बस्ती सदर : रोचक होगा चुनावी मुकाबला
बस्ती। सदर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला रोचक होगा। भाजपा के सामने जहां इस सीट पर कब्जा बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, अन्य दलों के सामने इस सीट पर जीत दर्ज कर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने की चुनौती है। अब तक के चुनाव में कांग्रेस ही ऐसी पार्टी रही है, जिसने यहां से हैट्रिक लगाई है। सपा को इस सीट पर एक बार भी जीत नहीं मिली है।
बस्ती सदर विधानसभा सीट पर कमल खिलाने के लिए भाजपा को लंबा इंतजार करना पड़ा है। 1980 में पार्टी के गठन के बाद हर चुनाव में भाजपा मुकाबले में तो रही, लेकिन जीत 2017 में मिली। यहां से वर्तमान विधायक भाजपा के दयाराम चौधरी ने तब सपा के महेंद्र नाथ यादव को शिकस्त देकर कमल खिलाया। बसपा तीसरे नंबर पर रही। इससे पूर्व के चुनावों पर नजर डालें तो 2012 में बसपा के जितेंद्र उर्फ नंदू चौधरी ने जगदंबिका पाल के बेटे अभिषेक पाल को हराकर इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था। इस चुनाव में भाजपा तीसरे नंबर थी। 2007 में बसपा के जितेंद्र चौधरी ने कांगेस के जगदंबिका पाल को हराकर सीट पर कब्जा जमाया था। इस सीट से जगदंबिका पाल यहां से 1993, 1996 और 2002 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
केवल एक निर्दलीय हैं मैदान में
इस बार का चुनाव इस बार इसलिए भी रोचक होगा, क्योंकि पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी यहां से उम्मीदवार उतारा है। वहीं, निर्दलीय के रूप में केवल एक उम्मीदवार ही मैदान में हैं। दलों की बात करें तो भाजपा से दयाराम चौधरी दोबारा उम्मीदवार हैं। सपा से भी महेंद्र यादव भी दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, बसपा ने आलोक रंजन वर्मा, कांग्रेस ने देवेंद्र श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी से रमेश कुमार सिंह, जनहित किसान पार्टी से राम प्रसाद, भारत महापरिवार पार्टी से अंबरीश देव गुप्ता सोनू, बहुजन मुक्ति पार्टी से प्रदीप कुमार, अटल जनशक्ति पार्टी से ज्ञान प्रकाश तिवारी, आजाद समाज पार्टी से अबराबुल हक जबकि बबीता शुक्ला निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
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कुल मतदाता- 3 लाख 69 हजार 150
पुरुष मतदाता- 1 लाख 97 हजार 506
महिला मतदाता-1 लाख 71 हजार 616
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बस्ती। सदर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला रोचक होगा। भाजपा के सामने जहां इस सीट पर कब्जा बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, अन्य दलों के सामने इस सीट पर जीत दर्ज कर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने की चुनौती है। अब तक के चुनाव में कांग्रेस ही ऐसी पार्टी रही है, जिसने यहां से हैट्रिक लगाई है। सपा को इस सीट पर एक बार भी जीत नहीं मिली है।
बस्ती सदर विधानसभा सीट पर कमल खिलाने के लिए भाजपा को लंबा इंतजार करना पड़ा है। 1980 में पार्टी के गठन के बाद हर चुनाव में भाजपा मुकाबले में तो रही, लेकिन जीत 2017 में मिली। यहां से वर्तमान विधायक भाजपा के दयाराम चौधरी ने तब सपा के महेंद्र नाथ यादव को शिकस्त देकर कमल खिलाया। बसपा तीसरे नंबर पर रही। इससे पूर्व के चुनावों पर नजर डालें तो 2012 में बसपा के जितेंद्र उर्फ नंदू चौधरी ने जगदंबिका पाल के बेटे अभिषेक पाल को हराकर इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था। इस चुनाव में भाजपा तीसरे नंबर थी। 2007 में बसपा के जितेंद्र चौधरी ने कांगेस के जगदंबिका पाल को हराकर सीट पर कब्जा जमाया था। इस सीट से जगदंबिका पाल यहां से 1993, 1996 और 2002 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
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केवल एक निर्दलीय हैं मैदान में
इस बार का चुनाव इस बार इसलिए भी रोचक होगा, क्योंकि पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी यहां से उम्मीदवार उतारा है। वहीं, निर्दलीय के रूप में केवल एक उम्मीदवार ही मैदान में हैं। दलों की बात करें तो भाजपा से दयाराम चौधरी दोबारा उम्मीदवार हैं। सपा से भी महेंद्र यादव भी दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, बसपा ने आलोक रंजन वर्मा, कांग्रेस ने देवेंद्र श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी से रमेश कुमार सिंह, जनहित किसान पार्टी से राम प्रसाद, भारत महापरिवार पार्टी से अंबरीश देव गुप्ता सोनू, बहुजन मुक्ति पार्टी से प्रदीप कुमार, अटल जनशक्ति पार्टी से ज्ञान प्रकाश तिवारी, आजाद समाज पार्टी से अबराबुल हक जबकि बबीता शुक्ला निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
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कुल मतदाता- 3 लाख 69 हजार 150
पुरुष मतदाता- 1 लाख 97 हजार 506
महिला मतदाता-1 लाख 71 हजार 616