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Basti News: बोल्डर से श्रद्धालु हो रहे चोटिल, स्थायी घाट निर्माण की उठी मांग
Thu, 06 Nov 2025 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 06 Nov 2025 01:28 AM IST
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कलवारी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को सरयू नदी के माझा खुर्द घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, लेकिन इस पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं को असुविधाओं का सामना भी करना पड़ा। घाट पर पानी रोकने और सड़क बचाने के लिए लगाए गए बोल्डर श्रद्धालुओं की परेशानी का कारण बन गए हैं। स्नान के दौरान कई श्रद्धालु फिसलकर गिर पड़े, जबकि कुछ के पैरों में चोट भी आई।
श्रद्धालु जयप्रकाश मोदनवाल, मनोहर लाल अग्रहरि, शीला देवी, रामरती, सुरेश सिंह और बबलू ने बताया कि बोल्डर न केवल पानी के भीतर हैं बल्कि बाहर भी फैले हुए हैं। डुबकी लगाते समय इनसे टकराकर चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। श्रद्धालुओं ने कहा कि हर पूर्णिमा और अमावस्या पर हजारों लोग यहां स्नान करने आते हैं, ऐसे में यह अस्थायी व्यवस्था खतरे से खाली नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी सीढ़ीदार घाट निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पक्की सीढ़ियां बन जाएं तो श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और हादसों से बचाव भी संभव होगा। क्षेत्र के आसपास के बिशेनपुर, धनौवा, मुरादपुर, वैष्णोपुर, बेनीपुर सहित कई गांवों से लोग यहां स्नान करने पहुंचते हैं।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से रस्सी, नाव और गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बोल्डर की वजह से जोखिम कम नहीं हो सका। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले पर्वों तक घाट को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए स्थायी निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। माझा खुर्द घाट की यह समस्या वर्षों पुरानी है, जो हर बड़े स्नान पर्व पर फिर से सामने आ जाती है।
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श्रद्धालु जयप्रकाश मोदनवाल, मनोहर लाल अग्रहरि, शीला देवी, रामरती, सुरेश सिंह और बबलू ने बताया कि बोल्डर न केवल पानी के भीतर हैं बल्कि बाहर भी फैले हुए हैं। डुबकी लगाते समय इनसे टकराकर चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। श्रद्धालुओं ने कहा कि हर पूर्णिमा और अमावस्या पर हजारों लोग यहां स्नान करने आते हैं, ऐसे में यह अस्थायी व्यवस्था खतरे से खाली नहीं है।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी सीढ़ीदार घाट निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पक्की सीढ़ियां बन जाएं तो श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और हादसों से बचाव भी संभव होगा। क्षेत्र के आसपास के बिशेनपुर, धनौवा, मुरादपुर, वैष्णोपुर, बेनीपुर सहित कई गांवों से लोग यहां स्नान करने पहुंचते हैं।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से रस्सी, नाव और गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बोल्डर की वजह से जोखिम कम नहीं हो सका। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले पर्वों तक घाट को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए स्थायी निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। माझा खुर्द घाट की यह समस्या वर्षों पुरानी है, जो हर बड़े स्नान पर्व पर फिर से सामने आ जाती है।