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भाकियू कार्यकर्ताओं ने मनाया काला दिवस
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भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन करके मनाया काला दिवस।
- फोटो : BASTI
भाकियू कार्यकर्ताओं ने मनाया काला दिवस
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम कार्यालय परिसर में काला दिवस मनाकर एडीएम को ज्ञापन दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर लखीमपुर खीरी हत्याकांड में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल 13 किसानों के आश्रितों को न तो मुआवजा मिला और न ही जान गंवाने वाले पांच किसानों के परिजनों को नौकरी नहीं दी गई। ज्ञापन भेजकर प्रधानमंत्री से मुआवजा और नौकरी की मांग की गई।
उन्होंने बताया कि घटना के सभी गवाहों और पैरवी कर रहे किसान नेताओं के लिए सुरक्षा की मांग की गई है। यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। सरकारी विभागों की ओर से उनका शोषण किया जा रहा है। शिकायत करने पर अधिकारी मामले को टाल जाते हैं। किसान हितों की खातिर संगठन कभी पीछे नहीं हटेगा। इस मौके पर अनूप चौधरी, दिवानचंद पटेल, चौधरी प्रदीप किसान, शोभाराम ठाकुर, राम मनोहर चौधरी, जयराम चौधरी, दिवान चंद पटेल, पारसनाथ चौधरी आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम कार्यालय परिसर में काला दिवस मनाकर एडीएम को ज्ञापन दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर लखीमपुर खीरी हत्याकांड में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल 13 किसानों के आश्रितों को न तो मुआवजा मिला और न ही जान गंवाने वाले पांच किसानों के परिजनों को नौकरी नहीं दी गई। ज्ञापन भेजकर प्रधानमंत्री से मुआवजा और नौकरी की मांग की गई।
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उन्होंने बताया कि घटना के सभी गवाहों और पैरवी कर रहे किसान नेताओं के लिए सुरक्षा की मांग की गई है। यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। सरकारी विभागों की ओर से उनका शोषण किया जा रहा है। शिकायत करने पर अधिकारी मामले को टाल जाते हैं। किसान हितों की खातिर संगठन कभी पीछे नहीं हटेगा। इस मौके पर अनूप चौधरी, दिवानचंद पटेल, चौधरी प्रदीप किसान, शोभाराम ठाकुर, राम मनोहर चौधरी, जयराम चौधरी, दिवान चंद पटेल, पारसनाथ चौधरी आदि मौजूद रहे।
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