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आरक्षण के विरोध में भारत बंद का मिला-जुला असर
basti
Updated Tue, 10 Apr 2018 11:35 PM IST
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बंद के दौरान अधखुली दुकान।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती।
आरक्षण के विरोध में मंगलवार को घोषित भारत बंद के आह्वान का मिला-जुला असर रहा। हालांकि, बंदी की घोषणा को लेकर पुलिस तंत्र सक्रिय रहा, मगर प्रदर्शनकारियों ने कहीं भी कोई उपद्रव नहीं किया। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। दोपहर बाद अधिकांश दुकानें खुल गईं और स्थिति सामान्य हो गई।
राष्ट्रीय सवर्ण सेना व सवर्ण लिबरेशन फ्रंट ने आरक्षण के विरोध में भारत बंद की घोषणा की थी। इसके क्रम में शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक के लोग रोडवेज स्थित सरदार भगत सिंह प्रतिमा स्थल पर एकत्रित हुए। यहां एकत्रित लोगों ने आरक्षण के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद पहुंचे फ्रंट के संयोजक दीनदयाल तिवारी और सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संयोजक अभय देव शुक्ल ने शहीद-ए-आजम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कहा कि आरक्षण नौजवानों के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। प्रतिभाशाली निचले पायदान पर जा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जातिगत के बजाय आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। कार्यक्रम को डीसी दूबे, विवेकानंद पांडेय आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर शत्रुघ्न मिश्र, अनिल त्रिपाठी, अशोक मिश्र, सूर्यमणि पांडेय, दुर्गेश मिश्र, मोनू पांडेय, ओम प्रकाश पांडेय, प्रमोद दूबे, मुन्नू पांडेय, अवनीश श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। इसके बाद यह टीम शहर में सड़क पर उतरी और लोगों से दुकान बंद कर आरक्षण के विरोध में समर्थन मांगा।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार भारत बंद का मिला-जुला असर कस्बे में दिखाई दिया। दो बजे तक दुकानें बंद रहीं, मगर उसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई। दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक आरक्षण व दलितों के भारत बंद के खिलाफ मंगलवार को चिलमा कस्बे में युवा व्यापारियों ने शान्तिपूर्वक पैदल मार्च कर आरक्षण हटाओ, देश बचाओ के नारे के साथ बाजार की दुकानों को बंद कराया। इस दौरान विष्णु कुमार, सोनू पाण्डेय, विक्रांत सिंह, अजीत पांडे, महेंद्र अग्रहरि, मुकेश सिंह, नागेंद्र पाठक, राकेश सोनी, ब्रिज श्याम अग्रहरि, ईश्वर चंद, राकेश अग्रहरि आदि मौजूद रहे। विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार सुबह आठ बजे से ही छावनी बाजार सहित प्रतापगढ़ कला, खानकला और फोरलेन से सटी अधिकांश दुकानें बंद के समर्थन में दो बजे तक बंद रहीं। छावनी कस्बे में व्यापारी नेता और स्थानीय ग्रामीण इलाकों के उत्साहित लोगों ने रैली निकालकर आरक्षण के विरोध में बंदी का आह्वान किया। इसमें गुण्डाकुंवर के मनीष सिंह लक्की के नेतृत्व में प्रदीप सिंह, आदित्य पांडेय, कुलदीप, राहुल सिंह, शिवम, मोनू पांडेय, अरविन्द सिंह, दीपक गुप्ता, जीतेन्द्र कुमार सहित तमाम व्यापारी व दुकानदार शामिल हुए।
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बोले व्यापारी नेता
बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि जो मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है उस मुद्दे को गरमा कर देश का माहौल खराब करना अनुचित है। ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करना राष्ट्रीय हित में नहीं है। दुकान बंद करा कर देश का नुकसान कराने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
व्यापारी नेता रविंदर पाल सिंह जल्लू ने कहा कि आरक्षण राजनैतिक मुद्दा है। हालांकि यह राष्ट्रीय हित में तो नहीं है, मगर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कराने से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि इस पर लोकसभा, राज्य सभा व विधान सभा में चर्चा की जाए। आंदोलन से सिर्फ नुकसान के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता है।
व्यापारी नेता आनंद राजपाल ने कहा कि आरक्षण देश के लिए अनुचित है, मगर इसके लिए व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करवाना भी अनुचित है। पिछले दिनों आरक्षण समर्थकों ने जो किया उसे शायद इतिहास माफ न करे, क्योंकि बंदी के दौरान जमकर उपद्रव किया गया। आरक्षण विरोधियों ने मंगलवार को बंदी का एलान कर दिया, जो अनुचित है।
रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ ने डाला कैंप
भारत बंदी के एलान को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थानाध्यक्ष राम कृष्ण मिश्र व आरपीएफ के नरेंद्र यादव की अगुवाई में टीम ने कैंप किया। यहां सुबह आठ बजे से दोनों अधिकारियों ने पुलिस टीम के साथ दिन भर स्टेशन परिसर और ट्रेनों की निगरानी की। टीम में मुनींद्र तिवारी, भीम सिंह, रामजदा यादव, अखिलेश्वर, अयूब व जगत नारायण यादव आदि मौजूद रहे।
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आरक्षण के विरोध में मंगलवार को घोषित भारत बंद के आह्वान का मिला-जुला असर रहा। हालांकि, बंदी की घोषणा को लेकर पुलिस तंत्र सक्रिय रहा, मगर प्रदर्शनकारियों ने कहीं भी कोई उपद्रव नहीं किया। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। दोपहर बाद अधिकांश दुकानें खुल गईं और स्थिति सामान्य हो गई।
राष्ट्रीय सवर्ण सेना व सवर्ण लिबरेशन फ्रंट ने आरक्षण के विरोध में भारत बंद की घोषणा की थी। इसके क्रम में शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक के लोग रोडवेज स्थित सरदार भगत सिंह प्रतिमा स्थल पर एकत्रित हुए। यहां एकत्रित लोगों ने आरक्षण के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद पहुंचे फ्रंट के संयोजक दीनदयाल तिवारी और सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संयोजक अभय देव शुक्ल ने शहीद-ए-आजम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कहा कि आरक्षण नौजवानों के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। प्रतिभाशाली निचले पायदान पर जा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जातिगत के बजाय आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। कार्यक्रम को डीसी दूबे, विवेकानंद पांडेय आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर शत्रुघ्न मिश्र, अनिल त्रिपाठी, अशोक मिश्र, सूर्यमणि पांडेय, दुर्गेश मिश्र, मोनू पांडेय, ओम प्रकाश पांडेय, प्रमोद दूबे, मुन्नू पांडेय, अवनीश श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। इसके बाद यह टीम शहर में सड़क पर उतरी और लोगों से दुकान बंद कर आरक्षण के विरोध में समर्थन मांगा।
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छावनी प्रतिनिधि के अनुसार भारत बंद का मिला-जुला असर कस्बे में दिखाई दिया। दो बजे तक दुकानें बंद रहीं, मगर उसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई। दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक आरक्षण व दलितों के भारत बंद के खिलाफ मंगलवार को चिलमा कस्बे में युवा व्यापारियों ने शान्तिपूर्वक पैदल मार्च कर आरक्षण हटाओ, देश बचाओ के नारे के साथ बाजार की दुकानों को बंद कराया। इस दौरान विष्णु कुमार, सोनू पाण्डेय, विक्रांत सिंह, अजीत पांडे, महेंद्र अग्रहरि, मुकेश सिंह, नागेंद्र पाठक, राकेश सोनी, ब्रिज श्याम अग्रहरि, ईश्वर चंद, राकेश अग्रहरि आदि मौजूद रहे। विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार सुबह आठ बजे से ही छावनी बाजार सहित प्रतापगढ़ कला, खानकला और फोरलेन से सटी अधिकांश दुकानें बंद के समर्थन में दो बजे तक बंद रहीं। छावनी कस्बे में व्यापारी नेता और स्थानीय ग्रामीण इलाकों के उत्साहित लोगों ने रैली निकालकर आरक्षण के विरोध में बंदी का आह्वान किया। इसमें गुण्डाकुंवर के मनीष सिंह लक्की के नेतृत्व में प्रदीप सिंह, आदित्य पांडेय, कुलदीप, राहुल सिंह, शिवम, मोनू पांडेय, अरविन्द सिंह, दीपक गुप्ता, जीतेन्द्र कुमार सहित तमाम व्यापारी व दुकानदार शामिल हुए।
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बोले व्यापारी नेता
बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि जो मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है उस मुद्दे को गरमा कर देश का माहौल खराब करना अनुचित है। ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करना राष्ट्रीय हित में नहीं है। दुकान बंद करा कर देश का नुकसान कराने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
व्यापारी नेता रविंदर पाल सिंह जल्लू ने कहा कि आरक्षण राजनैतिक मुद्दा है। हालांकि यह राष्ट्रीय हित में तो नहीं है, मगर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कराने से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि इस पर लोकसभा, राज्य सभा व विधान सभा में चर्चा की जाए। आंदोलन से सिर्फ नुकसान के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता है।
व्यापारी नेता आनंद राजपाल ने कहा कि आरक्षण देश के लिए अनुचित है, मगर इसके लिए व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करवाना भी अनुचित है। पिछले दिनों आरक्षण समर्थकों ने जो किया उसे शायद इतिहास माफ न करे, क्योंकि बंदी के दौरान जमकर उपद्रव किया गया। आरक्षण विरोधियों ने मंगलवार को बंदी का एलान कर दिया, जो अनुचित है।
रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ ने डाला कैंप
भारत बंदी के एलान को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थानाध्यक्ष राम कृष्ण मिश्र व आरपीएफ के नरेंद्र यादव की अगुवाई में टीम ने कैंप किया। यहां सुबह आठ बजे से दोनों अधिकारियों ने पुलिस टीम के साथ दिन भर स्टेशन परिसर और ट्रेनों की निगरानी की। टीम में मुनींद्र तिवारी, भीम सिंह, रामजदा यादव, अखिलेश्वर, अयूब व जगत नारायण यादव आदि मौजूद रहे।