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उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुरस्कृत होंगे
basti
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पहली अप्रैल से शुरू होने जा रहे स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद स्तर से लेकर तहसील, ब्लॉक, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर कोर कमेटी का गठन किया गया है। इस अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी, अध्यापक और रसोइयों को पहली बार पुरस्कृत करने की योजना बनी है। ग्राम पंचायत में कार्यरत सभी सरकारी कर्मचारियों को चार से पांच बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। विद्यालयों की साफ सफाई और शौचालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बीएसए डाक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पहली बार विकलांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए इसके लिए सभी को दिशा निर्देश दिए गए हैं। आउट आफ स्कूल बालिकाओं को इस बार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दाखिला दिलाने की योजना बनाई गई है। इसे लेकर 26 मार्च को एडीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में रूपरेखा बन चुकी है।
शिक्षा अधिकार के तहत छह से 14 वर्ष के बालक एवं बालिकाओं का दाखिला कराने के लिए स्कूल चलो अभियान की शुरूआत पहली अप्रैल से एक साथ पूरे जिले में होने जा रही है। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर कोर कमेटी का गठन किया गया है। इन समितियों के सभी सदस्यों के जरिए जनजागरुकता अभियान, शैक्षिक संगोष्ठी, रैलियों एवं मेलों में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाएगा।
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इस अभियान में अध्यापक और छात्र के अनुपात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। 30 मार्च को प्रत्येक स्कूलों में विद्यालय उत्सव दिवस मनाया जाएगा, इस दिन दो लाख 49 हजार उत्तीर्ण परिषदीय स्कूलों के बच्चों को रिजल्ट कार्ड दिया जाएगा। बताया कि पहली बार यह व्यवस्था बनाई गई है कि एक विकास खंड में कार्यरत अध्यापक को दूसरे विकास खंड में निर्मित होने वाले स्कूल भवनों का प्रभारी नहीं बनाया जाएगा।
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बीएसए डाक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पहली बार विकलांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए इसके लिए सभी को दिशा निर्देश दिए गए हैं। आउट आफ स्कूल बालिकाओं को इस बार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दाखिला दिलाने की योजना बनाई गई है। इसे लेकर 26 मार्च को एडीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में रूपरेखा बन चुकी है।
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शिक्षा अधिकार के तहत छह से 14 वर्ष के बालक एवं बालिकाओं का दाखिला कराने के लिए स्कूल चलो अभियान की शुरूआत पहली अप्रैल से एक साथ पूरे जिले में होने जा रही है। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर कोर कमेटी का गठन किया गया है। इन समितियों के सभी सदस्यों के जरिए जनजागरुकता अभियान, शैक्षिक संगोष्ठी, रैलियों एवं मेलों में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाएगा।
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इस अभियान में अध्यापक और छात्र के अनुपात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। 30 मार्च को प्रत्येक स्कूलों में विद्यालय उत्सव दिवस मनाया जाएगा, इस दिन दो लाख 49 हजार उत्तीर्ण परिषदीय स्कूलों के बच्चों को रिजल्ट कार्ड दिया जाएगा। बताया कि पहली बार यह व्यवस्था बनाई गई है कि एक विकास खंड में कार्यरत अध्यापक को दूसरे विकास खंड में निर्मित होने वाले स्कूल भवनों का प्रभारी नहीं बनाया जाएगा।