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होली में सावधानी से करें खरीददारी

Tue, 19 Mar 2019 09:55 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Tue, 19 Mar 2019 09:55 PM IST
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be aware in buying eatable material
होली पर नमकीन की खरीदारी करते लोग। - फोटो : amar ujala
बस्ती। होली देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में लोग आपसी भाईचारे के साथ मनाते हैं। रंगों और गुलाल से जहां हर मुखड़ा रंगीन हो जाता है, वहीं कई तरह की मिठाइयां व पकवान पर्व की खुशियों में मिठास भर देती हैं।  इस पर्व पर लोग खाद्य सामग्रियों की भी खूब खरीदारी करते हैं। इसी का फायदा उठाते हैं मिलावटखोर। जो मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आते हैं। खास तौर पर खोवा, तेल व नमकीन को सावधानी से खरीदें क्योंकि इनमें मिलावट ज्यादा होती है।
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जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक मार्च से अभियान चला रही है। जिसमें पांच खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए। अब आप ही सोचें कि किस तरह से मिलावटखोर अपने मुनाफे के लिए आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। यही नहीं जिनके नमूने फेल मिले हैं उसमें बेसन, नमकीन, बर्फी, करांची हलवा शामिल हैं। हालांकि, शासन की ओर से मिलावट को लेकर जिन जिलों को चिह्नित किया गया है, उनमें बस्ती का नाम शामिल नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां मिलावटी खोवा नहीं बिक रहा है। रोडवेज स्थित खोवा मंडी में 220 रुपये प्रति किलो से लेकर 300 रुपये किलो तक खोवा मिल रहा है। यदि मिलावट नहीं है तो अलग-अलग रेट पर खोवा कैसे बेचे जा रहे हैं।
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इन जिलों में होती है मिलावट 
शासन की ओर से खोवा में मिलावट को लेकर जिन जिलों को चिह्नित किया गया है, उनमें कानपुर देहात, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, झांसी, जालोन, हरदोई, उन्नाव, गोंडा, अम्बेडकरनगर, जौनपुर, देवरिया, गाजीपुर के नाम शामिल हैं। वहीं, तेल में मिलावट को लेकर आगरा, कानपुर, हापुड़, मेरठ, मथुरा, अलीगढ़, बनारस, गोरखपुर, कानपुर देहात को चिह्नित किया गया है। इसी तरह नमकीन में मिलावट को लेकर कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, हाथरस, सहारनपुर, लखनऊ, बाराबंकी जिले के नाम शामिल हैं। 
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अधिकारी की सुनिए 
अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव ने कहा कि होली पर्व को लेकर एक मार्च से विशेष अभियान चलाकर खाद्य सामग्रियों की चेकिंग की गई। बताया कि सात मार्च को नारायनपुर जिनवा स्थित दुकानदार भगवती प्रसाद के यहां से बेसन का नमूना, सल्टौआ के हनुमान प्रसाद की दुकान से नमकीन का नमूना, गौर के हनुमान प्रसाद की दुकान से बेसन, वाल्टरगंज के भिरिया चौराहा स्थित राजेश चंद्र की दुकान से बर्फी, गौर के विमल कुमार की दुकान से करांची हलुआ का नमूना लेकर जांच के लिए सात मार्च को लैब भेजा गया था, जहां पांचों खाद्य सामग्रियों के नमूने फेल पाए गए। बताते हैं कि इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। 


इस तरह करें मिलावटी खोवे की पहचान
अभिहित अधिकारी बताते हैं कि हथेली पर खोवा को रगड़कर उसमें मिलावट की आसानी से पहचान कर सकते हैं। असली खोवा रगड़ के बाद चिकनाई के रूप में देसी घी की तरह महक छोड़ता है। वहीं, खाने पर असली खोवा मुंह में चिपकता नहीं है। इसके अलावा नकली खोवे में अजीब तरह की गंध आती है। इसी तरह दूसरी प्रक्रिया अपनाकर भी खोवे में मिलावट को परखा जा सकता है। थोड़े से फीके खोवे में टिंचर आयोडिन डालनी होगी। इसकी एक बूंद डालते ही नकली खोवे का रंग बदलकर काला या नीला हो जाएगा। मिलावट न होने पर खोवे का रंग लाल रहेगा। टिंचर आयोडिन मेडिकल स्टोर से 10 या 12 रुपये में मिल जाएगी।

 
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