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Basti News: बयान के बीच उलझ गई जेके अस्पताल की जांच...अधिकारी भी हो गए सुस्त

Wed, 23 Jul 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 23 Jul 2025 12:16 AM IST
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Basti News: JK Hospital's investigation got entangled between statements... even the officers became lazy
- दो माह बीतने को, अभी तक फाइनल नहीं हो सकी है दोनों जांच
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- स्वास्थ्य और मजिस्ट्रेट की जांच अलग न हो, इसका रख रहे ध्यान
बस्ती। रोडवेज स्थित जेके अस्पताल में बच्चे के मौत प्रकरण में चल रही जांच बयान के फेर में फिर उलझ गई है। अधिकारियों ने बयान का बहाना बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इससे मामला फिर फंस गया है। दो माह बीतने को है लेकिन जिम्मेदार अब तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंच सके हैं। घटना से संबंधित किसी भी रिपोर्ट के अंजाम तक न तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंच सके हैं न ही नामित मजिस्ट्रीयल जांच भी पूरी हो सकी है।
जेके हॉस्पिटल प्रकरण हाई प्रोफाइल होने के बाद पहले स्वास्थ्य विभाग ने जांच की कमान संभाली, लेकिन बात नहीं बनी तो सीएमओ ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच के लिए सिफारिश की। टीम में अतिरिक्त उप जिलाधिकारी हृदय नाथ तिवारी नामित किए गए थे। इससे स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम सुस्त पड़ गई। अब विभाग भी उप जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। बताया गया कि फाइनल रिपोर्ट से पहले एसडीएम दोनों पक्षों का अकेले में कलम बंद बयान लेना चाहते हैं। इसके लिए दोनों पक्षों को पत्राचार किया गया, बुलावा पत्र भेजा गया, बावजूद इसके दोनों पक्षों का बयान नहीं हो सका। इससे मामला लंबित होते जा रहा है। दोनों टीमें किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी हैं।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट अभी तक फाइनल नहीं है। नामित मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में जांच रिपोर्ट शामिल कराया जाएगा। बयान के लिए पीड़ित पक्ष को बुलाया गया था। उन्होंने परिवार में परिजनों की सेहत खराब होने का हवाला देकर उस दिन नहीं आए। पुन: बुलाया गया है।
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यह है मामला
25 मई को सोनहा थाना क्षेत्र के कंचनपुर चौराहा निवासी राधेश्याम ने अपने डेढ़ साल के बेटे के इलाज में अस्पताल के संचालक/बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गौड़ पर लापरवाही बरतने एवं बीमारी छिपाने का आरोप लगाया था। बच्चे की मौत पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
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एनआईसीयू, पीआईसीयू व वार्ड हो चुका है सील

विभाग ने घटना के बाद तेजी तो दिखाई, लेकिन बाद में सुस्त हो गया। मामले ने जब तूल पकड़ा तो आनन-फानन में विभाग ने अनियमितता दिखाकर अस्पताल का पीआईसीयू, एनआईसीयू और एक जनरल वार्ड को सील कर दिया। उसके बाद से जांच ठप है।

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डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह और एक मजिस्ट्रेट जांच कर रहे। उनके समक्ष अभी तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। रिपोर्ट मिलने पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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