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Basti News: बदलते मौसम में बढ़ रहे पेट के रोगी...ओपीडी में लंबी कतार
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जिला अस्पताल में ओपीडी चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीज संवाद
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बस्ती। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में चक्कर आना, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ पहुंचने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के बाद दिन में तेज धूप, रात के तापमान के बीच बढ़ता अंतर शरीर के संतुलन को बिगाड़ रहा है। इससे वायरल और पेट संबंधी बीमारियां फैल रही हैं।
फिजिशियन डॉ. एसडीओ ओझा के अनुसार, पहले जहां रोजाना 25 से 30 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ आते थे, अब यह संख्या 40 के पार पहुंच गई है। इनमें से करीब 10 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर मरीजों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ज्यादातर मरीज शुरुआत में चक्कर की शिकायत लेकर आते हैं। इसके बाद उल्टी और तेज पेट दर्द की समस्या सामने आती है। सिर में तेज दर्द और बुखार से टूट रहे बदन की भी शिकायतें बढ़ी हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को 1124 मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, इमरजेंसी में भी 65 मरीज पहुंचे, जिनमें से 60 को भर्ती करना पड़ा। जो मरीज बुखार से पीड़ित मिले, उन्हें मेडिकल वार्ड में भेजा गया। ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों की कतार लंबी हुई है। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार, इस मौसम में खानपान और दिनचर्या को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
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बाहर का खाना खाने से बचें, केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं। शरीर को हाइड्रेट रखें और हल्का व सुपाच्य भोजन करें। साथ ही अचानक तापमान बदलाव से बचने के लिए उपयुक्त कपड़े पहनें और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लें।
वहीं, जरूरत वाले मरीजों की डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जांच करवा रहे हैं। ब्लड जांच केंद्र पर ढाई सौ से अधिक मरीजों में कई प्रकार की ब्लड जांच हो रही है।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप : महिला अस्पताल में दो दिन से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। इससे गर्भवती को बाहर जाकर जांच करानी पड़ रही है।
बताया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन में लगी हार्डडिस्क फुल होने के चलते मशीन रिपोर्ट नहीं कर पा रही है। इससे उसे बंद कर दिया गया है। बुधवार को आई 50 से अधिक गर्भवती को बाहर जाकर महंगे पर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा। इससे उनके जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मेमोरी बृहस्पतिवार को आ जाएगी। उसके बाद अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कर दी जाएगी।
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फिजिशियन डॉ. एसडीओ ओझा के अनुसार, पहले जहां रोजाना 25 से 30 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ आते थे, अब यह संख्या 40 के पार पहुंच गई है। इनमें से करीब 10 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर मरीजों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ज्यादातर मरीज शुरुआत में चक्कर की शिकायत लेकर आते हैं। इसके बाद उल्टी और तेज पेट दर्द की समस्या सामने आती है। सिर में तेज दर्द और बुखार से टूट रहे बदन की भी शिकायतें बढ़ी हैं।
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जिला अस्पताल में बुधवार को 1124 मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, इमरजेंसी में भी 65 मरीज पहुंचे, जिनमें से 60 को भर्ती करना पड़ा। जो मरीज बुखार से पीड़ित मिले, उन्हें मेडिकल वार्ड में भेजा गया। ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों की कतार लंबी हुई है। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार, इस मौसम में खानपान और दिनचर्या को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
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बाहर का खाना खाने से बचें, केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं। शरीर को हाइड्रेट रखें और हल्का व सुपाच्य भोजन करें। साथ ही अचानक तापमान बदलाव से बचने के लिए उपयुक्त कपड़े पहनें और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लें।
वहीं, जरूरत वाले मरीजों की डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जांच करवा रहे हैं। ब्लड जांच केंद्र पर ढाई सौ से अधिक मरीजों में कई प्रकार की ब्लड जांच हो रही है।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप : महिला अस्पताल में दो दिन से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। इससे गर्भवती को बाहर जाकर जांच करानी पड़ रही है।
बताया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन में लगी हार्डडिस्क फुल होने के चलते मशीन रिपोर्ट नहीं कर पा रही है। इससे उसे बंद कर दिया गया है। बुधवार को आई 50 से अधिक गर्भवती को बाहर जाकर महंगे पर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा। इससे उनके जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मेमोरी बृहस्पतिवार को आ जाएगी। उसके बाद अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कर दी जाएगी।