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बसंत पंचमी कल : 66 दिनों बाद बजेगा बैंडबाजा
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बसंत पंचमी कल : 66 दिनों बाद बजेगा बैंडबाजा
बस्ती। मंगलवार को पड़ रही माघ माह शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि यानी बसंत पंचमी कई मायनों में इस बार बेहद खास है। अव्वल तो ग्रह, नक्षत्रों और राशियों का दुर्लभ योग बन रहा है, दूसरे 12 दिसंबर 2020 से 24 अप्रैल 2021 के बीच का यही एक ऐसा दिन है, जिसमें सात फेरों के लिए निर्बाध लग्न मिल रही है।
ऐसे में एक ओर जहां वसंत पंचमी को दिव्य और भव्य तरीके से मनाने की तैैयारियां चल रही हैं, वहीं 16 फरवरी से निर्बाध लग्न में मांगलिक आयोजन के लिए लोग बैंडबाजा, बरात के प्रबंध में जुटे हैं। श्री दुर्गा मंदिर नगर बाजार के पुजारी व ज्योतिषाचार्य जय प्रकाश द्विवेदी के अनुसार, रेवती नक्षत्र में पड़ रही वसंत पंचमी को रवि और अमृत सिद्धि योग के संयोग ने इस बार बेहद खास बना दिया है।
16 फरवरी को सुबह तीन बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि लग जाएगी, जो अगले दिन यानी 17 फरवरी की सुबह पांच बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11.30 से 12.30 के बीच है। वसंत पंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवियोग एक साथ हैं और मंगलकारी दिन मंगलवार भी है। इसके अलावा मकर राशि में चार ग्रह गुरु, शनि, शुक्र और बुध एक साथ होंगे। मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान रहेंगे और यह सब मीन राशि तथा रेवती नक्षत्र के अधीन होगा। चूंकि 13 फरवरी को गुरु बृहस्पति उदय हो चुके हैं और 17 फरवरी को शुक्र अस्त होंगे। इस लिए 16 फरवरी को विवाह करना सर्वोत्तम माना गया है।
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बस्ती। मंगलवार को पड़ रही माघ माह शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि यानी बसंत पंचमी कई मायनों में इस बार बेहद खास है। अव्वल तो ग्रह, नक्षत्रों और राशियों का दुर्लभ योग बन रहा है, दूसरे 12 दिसंबर 2020 से 24 अप्रैल 2021 के बीच का यही एक ऐसा दिन है, जिसमें सात फेरों के लिए निर्बाध लग्न मिल रही है।
ऐसे में एक ओर जहां वसंत पंचमी को दिव्य और भव्य तरीके से मनाने की तैैयारियां चल रही हैं, वहीं 16 फरवरी से निर्बाध लग्न में मांगलिक आयोजन के लिए लोग बैंडबाजा, बरात के प्रबंध में जुटे हैं। श्री दुर्गा मंदिर नगर बाजार के पुजारी व ज्योतिषाचार्य जय प्रकाश द्विवेदी के अनुसार, रेवती नक्षत्र में पड़ रही वसंत पंचमी को रवि और अमृत सिद्धि योग के संयोग ने इस बार बेहद खास बना दिया है।
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16 फरवरी को सुबह तीन बजकर 36 मिनट पर पंचमी तिथि लग जाएगी, जो अगले दिन यानी 17 फरवरी की सुबह पांच बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11.30 से 12.30 के बीच है। वसंत पंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवियोग एक साथ हैं और मंगलकारी दिन मंगलवार भी है। इसके अलावा मकर राशि में चार ग्रह गुरु, शनि, शुक्र और बुध एक साथ होंगे। मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान रहेंगे और यह सब मीन राशि तथा रेवती नक्षत्र के अधीन होगा। चूंकि 13 फरवरी को गुरु बृहस्पति उदय हो चुके हैं और 17 फरवरी को शुक्र अस्त होंगे। इस लिए 16 फरवरी को विवाह करना सर्वोत्तम माना गया है।
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