फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   bank workers protested

ताला बंद कर बैंक कर्मचारियों ने भरी हुंकार

Wed, 30 May 2018 11:38 PM IST
basti
basti Updated Wed, 30 May 2018 11:38 PM IST
विज्ञापन
bank workers protested
गांधीनगर में प्रदर्शन करते एसबीआई कर्मचारी। - फोटो : amar ujala
बस्ती। वेतन वृद्धि सहित तीन सूत्री मांगों के निस्तारण के लिए बुधवार को बैंक कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया। बैंकों की सभी शाखाओं पर ताला लगाकर कर्मचारियों प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं आंदोलनकारी निजी बैंकों की शाखाओं पर जा पहुंचे और वहां भी कामकाज बंद करा दिया। इसके बाद एसबीआई गांधीनगर की प्रधान शाखा पर पहुंच कर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप मढ़ा। 
विज्ञापन

यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता लागू करने, वेतन में पर्याप्त वृद्धि व अन्य सेवा शर्तों में सुुुधार करने, स्केल सेवन तक के सभी अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण समझौता को तत्काल लागू किए जाने की मांग को लेकर जिले भर के सभी बैंक कर्मी आंदोलित हो उठे। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के तहत बैंक कर्मियों ने सभा की। केंद्र सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। एसबीआई के क्षेत्रीय सचिव सुनील कुमार श्रीवास्तव, यूपीबीयू सचिव जेडयू खान ने कहा कि सरकार बैंक कर्मियों व अधिकारियों के साथ अन्याय कर रही है। दिन प्रतिदिन काम का बोझ तो बढ़ रहा है, मगर वेतन वृद्धि के नाम पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। अब बैंक कर्मी चुप रहने वाले नहीं हैं। दो दिनी हड़ताल के बाद जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और धारदार बनाया जाएगा।  इस मौके पर विभिन्न बैंकों के एमपी दूबे, सर्वेश सक्सेना, सुमित सागर, मो. सलीम, अशोक पांडेय, रंजन श्रीवास्तव, वीएस मिश्र, राकेश मिश्र, रामनरेश, आलोक रंजन मिश्र, आरएस उपाध्याय आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन

बभनान प्रतिनिधि के अनुसार हड़ताल के चलते क्षेत्र के आधा दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। इससे व्यापारी और आमजन परेशान हुए। क्योंकि बैंक से रुपये लेने अथवा जमा करने दूर-दराज इलाकों से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर रहा। भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार बैंक कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से आम आवाम को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अभाव में दूर-दराज गांवों से आए कई उपभोक्ताओं को लौटना पड़ा। भानपुर कस्बे के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी रामनगर और तुसायल की बैंक शाखाओं पर ताला लटका रहा। जगप्रसाद, राधेश्याम, शहरूनिंशा ने बताया कि बैंक बंद होने की जानकारी नहीं थी। ऐसे में यहां तक दौड़ लगानी पड़ी।          
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन करोड़ की क्लीयरिंग बाधित 
बस्ती। बैंकों की हड़ताल से जहां आम जन का लेनदेन प्रभावित हो गया, वहीं, भारतीय स्टेट बैंक में क्लीयरिंग ठप होने के कारण करीब तीन करोड़ के चेक बाधित हो गए। इसके अलावा करोड़ों का प्रतिदिन होने वाला लेन-देन, कैश ट्रांसजेक्शन व अन्य कार्य भी प्रभावित हुआ।  
आरटीजीएस न होने के कारण फंस गया माल 
व्यापारी अमित सिंह ने बताया कि बैंक बंद होने के कारण उनका सामान बाधित हो गया है। क्योंकि आज उन्हें आरटीजीएस करना था। इसके अलावा सुबह हिसाब के बाद जो धन आया था उसे खाते में भेजते हैं, मगर बंदी की वजह से पैसा अपने पास ही रखना पड़ा है। व्यापार को इस हड़ताल से चोट पहुंची। 
प्रभावित हुआ व्यापार 
हर दिन बड़े पैमाने पर व्यवसाय करने वाले बाइक एजेंसी के रवि प्रकाश चौधरी ने कहा कि बैंक से प्रतिदिन लेन-देन का सिलसिला बुधवार को थमा रहा। इसके चलते कंपनी को आरटीजीएस नहीं हो पाया, वहीं, व्यापार भी प्रभावित हुआ। बैंक की बंदी के चलते ग्राहक भी कम आए। 
क्लीयर नहीं हुआ लाखों का चेक 
लोहा व्यवसायी नंद किशोर साहू कहते हैं कि थोक व्यापार में सब कुछ चेक व आरटीजीएस के माध्यम से होता है। बैंक की बंदी के चलते लाखों रुपये का चेक आज क्लीयर नहीं हो पाया और जो चेक आज प्राप्त हुआ वह बैंक में नहीं लगाया जा सका। इसके अलावा अन्य लेन-देन पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। 

व्यापार पर बंदी का सीधा असर 
दवा व्यवसायी राम गोपाल कसौधन ने कहा कि बैंक की बंदी का सीधा असर व्यापार पर है। इसके चलते जो चेक बैंक में लगाया गया था वह आज लटक गया, जिससे दवा कंपनी को पैसा भेजने में दिक्कत आ गई। बैंक बंद होने से हर दिन के लेन-देन का पैसा बैंकों में नहीं भेजा जा सका है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed