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Basti News: एआई के हथियार से निजी जिंदगी पर वार
Mon, 17 Mar 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 17 Mar 2025 12:09 AM IST
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बस्ती। साइबर अपराधियों ने कानपुर में सिपाही की बेटी का एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करने के प्रकरण के बारे में सुनकर कोई भी अभिभावक दांतों तले अंगुलियां दबा लेगा। एआई का हथियार बनाकर साइबर अपराधी अब निजी जिंदगी पर भी वार कर रहे हैं। इसमें ऐसी फोटो और वीडियो परिवार के सदस्यों को भेजने से आहत होकर छात्रा ने खुदकुशी कर ली है। परेशान और शर्मसार करने वाले ऐसे मामले पुलिस के पास आ चुके हैं। हालांकि, खुदकुशी जैसी घटना तो यहां सामने नहीं आई, लेकिन मानसिक रूप से परेशान रहने और रुपये गंवाने के प्रकरण लगातार सामने आ रहे हैं।
आवाज बदलकर कॉल करने वाले वायस स्कैम से दो कदम आगे बढ़ते हुए जालसाज अब फर्जी फोटो व वीडियो का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
कुछ महीने पहले ही छावनी के एक मेडिकल स्टोर संचालक को साइबर अपराधियों ने जाल में फंसाया था। अपराधी ने खुद को कोतवाल बताते हुए पुलिस वाले की फोटो लगी डीपी से व्हाट्सएप पर एक दवा की लिस्ट भेजकर उसकी कीमत पूछी। मेडिकल स्टोर संचालक के 1480 रुपये बताने पर 14080 रुपये भेजने का मैसेज भेज दिया। कहा कि गलती से अधिक रुपये भेज दिया है।
वापस करने की बात पर दुकानदार को शक हुआ। एकाउंट चेक किया तो रुपये नहीं आए थे। 25 दिसंबर को भी सोनहा थानाक्षेत्र सिहारी सरदहा निवासी रतिकेश वर्मा भी ऐसी ही ठगी का शिकार हो चुके हैं। वहीं, इससे पहले नगर कस्बे के एक युवक को भी ऐसे ही फोन कॉल आई थी।
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रुपये ट्रांसफर करने से पहले उसे शक हुआ तो उसने अपने रिश्तेदार से बात की।
फिर उसे ठगी की कोशिश की जानकारी हुई। हाल में ही गौर थानाक्षेत्र के एक भाजपा नेता के साथ ऐसी ही ठगी हुई थी। जिसमें साइबर अपराधियाें ने सवा नौ लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस केस दर्ज कर तफ्तीश कर रही है।
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आवाज बदलकर कॉल करने वाले वायस स्कैम से दो कदम आगे बढ़ते हुए जालसाज अब फर्जी फोटो व वीडियो का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
कुछ महीने पहले ही छावनी के एक मेडिकल स्टोर संचालक को साइबर अपराधियों ने जाल में फंसाया था। अपराधी ने खुद को कोतवाल बताते हुए पुलिस वाले की फोटो लगी डीपी से व्हाट्सएप पर एक दवा की लिस्ट भेजकर उसकी कीमत पूछी। मेडिकल स्टोर संचालक के 1480 रुपये बताने पर 14080 रुपये भेजने का मैसेज भेज दिया। कहा कि गलती से अधिक रुपये भेज दिया है।
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वापस करने की बात पर दुकानदार को शक हुआ। एकाउंट चेक किया तो रुपये नहीं आए थे। 25 दिसंबर को भी सोनहा थानाक्षेत्र सिहारी सरदहा निवासी रतिकेश वर्मा भी ऐसी ही ठगी का शिकार हो चुके हैं। वहीं, इससे पहले नगर कस्बे के एक युवक को भी ऐसे ही फोन कॉल आई थी।
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रुपये ट्रांसफर करने से पहले उसे शक हुआ तो उसने अपने रिश्तेदार से बात की।
फिर उसे ठगी की कोशिश की जानकारी हुई। हाल में ही गौर थानाक्षेत्र के एक भाजपा नेता के साथ ऐसी ही ठगी हुई थी। जिसमें साइबर अपराधियाें ने सवा नौ लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस केस दर्ज कर तफ्तीश कर रही है।