फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Application for land for the tenth time, then the next date

Basti News: जमीन के लिए दसवीं बार आवेदन, फिर अगली तारीख

Sun, 19 Mar 2023 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 19 Mar 2023 12:52 AM IST
विज्ञापन
Application for land for the tenth time, then the next date
सदर तहसील दिवस में ​शिकायतें सुनतीं डीएम प्रियंका निरंजन।
बस्ती। जिले के सदर ब्लाक में शनिवार को संपूर्ण तहसील दिवस पर बिजली विभाग कर्मियों के आंदोलन का असर रहा। अधिकारी देर से पहुंचे और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। हालांकि कुछ सामान्य मामले को निपटा दिया गया, मगर अधिकांश को तारीख मिली। सुबह 10 बजे अपनी समस्या लेकर अपनी जमीन बचाने के लिए दो साल से संपूर्ण समाधान दिवस का चक्कर काट रहे सदर क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी गंगाराम को फिर अगली तारीख मिल गई। इसी प्रकार हर्रैया में खतौनी में राजस्व कर्मियों की लापरवाही से गलत नाम को दुरुस्त कराने के लिए दौड़ रहे हैं। इसी प्रकार अन्य तहसीलों में औपचारिकता पूरी कर दी गई।
विज्ञापन

सदर तहसील दिवस में डीएम प्रियंका निरंजन व एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी दोपहर 12.10 बजे पहुंचे। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस संपूर्ण समाधान दिवस में कुदरहा ब्लाक के बानपुर गांव निवासी गंगाराम दसवीं बार आवेदन देने पहुंचे थे। उनके खेत पर दबंगों ने कब्जा ही नहीं किया, बल्कि मकान बनवा लिया है। दो साल से न्याय के लिए दौड़ रहे गंगाराम की आवाज अब तक अधिकारियों के कान तक नहीं पहुंच पाई है। इसी प्रकार एक महिला सफाई कर्मी कौशल्या एक साल से मानदेय की राह देख रहीं हैं, मगर उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। वे अब तक दो बार अधिकारियों के न्याय दिलाने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी बात रख चुकी हैं, आश्वासन तो मिला मगर मानदेय आज तक नहीं मिल सका। डीएम ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम गुलाब चंद्र ने समस्याएं सुनीं। यहां अजगराजोत गांव निवासी शिव बहादुर लेखपाल व कम्प्यूटर आपरेटर की गलती की सजा महीनों से झेलने को मजबूर हैं। इनकी खतौनी में किसी और का नाम दर्ज कर दिया गया।अब इसको हटवाने के लिए वह दो बार समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र दे चुके हैं मगर अधिकारी इनको कोर्ट जाने की सलाह देकर टरका देते हैं।शिव बहादुर ने बताया कि जानबूझकर लेखपाल व राजस्व कर्मियों ने खतौनी में गलत नाम की दर्ज कर दिया। छावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा निवासी राशिदा खातून का पति से विवाद चल रहा था, जिसमें अदालत ने पीड़िता राशिदा को हर महीने 25सौ रुपये महीने भरण पोषण खर्चा देने का आदेश हुआ है, मगर तीन वर्ष बाद भी उसके पति ने उसे भरण पोषण नहीं दिए। इसको लेकर वह थाने से लेकर तहसील दिवस में भी चार बार प्रार्थना पत्र दिया मगर सुनवाई नहीं हो रही है। बताया कि शनिवार को वह उम्मीद लेकरसमाधान दिवस पहुंची थी मगर उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति से वह निराश होकर उनके इंतजार में बैठी रही। रफीक मुहम्मद निवासी नारायनपुर मिश्र के पिता की मौत 6 माह पहले हो गयी, तबसे वह वरासत कराने को लेकर लेखपाल हरि सिंह के पास दौड़ रहे हैं, मगर उसे हर बार आश्वासन ही दिया गया है।
विज्ञापन

भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस में सल्टौआ गोपालपुर गांव निवासी रामजीत ने कहा कि वह पिछले एक वर्ष से पेंशन न मिलने की शिकायत दर्ज करा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को उसके प्रार्थनापत्र पर आश्वासन देकर लौटा दिया गया।रामजीत ने बताया कि उन्हे वृद्वा पेंशन मिल रही थी जो अचानक बंद हो गई।तब से वे कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है।इस मौके पर सभी अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed