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पृथ्वी को बचाने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:21 AM IST
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बस्ती। साइंस एक्सप्रेस क्लाइमेट स्पेशल ट्रेन में लगी प्रदर्शनी को देखने
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के लिए दूसरे दिन भी प्लेटफार्म से लेकर बाहर तक बड़ी संख्या में लोग
उमड़े। रविवार का अवकाश होने के चलते कई लोग अपने पूरे परिवार के साथ
पहुंचे। विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट के प्रोजेक्ट सहायकों ने प्रदर्शनी के
उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से पृथ्वी
को बचाने की अपील की।
16 कोच वाली वातानुकूलित इस विशेष ट्रेन में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बचाव के उपाय को मॉडलों को दिखाया गया है। दूसरे दिन भी सुबह दस बजे के पहले ही बच्चे व बड़े अपने परिवार के साथ ट्रेन के अंदर जा पहुंचे थे। कोच नंबर एक में मॉडल के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग का मानव जीवन पर पड़ रहे प्रभावों से लोगों को परिचित कराया गया है।
कोच में मौजूद प्रोजेक्ट सहायक शशांक ने हैंडप्रिंट के माध्यम से लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए संकल्प लेने के तरीके बताए। हितेश ने अनुकूलन की पद्धतियां, बीना चौहान ने जल प्रबंधन के बारे में छात्रों को जानकारी दी। बताया कि वर्षा जल संचय कर बाद में इसका लाभ लिया जा सकता है। रिचा पांडेय ने सौर ऊर्जा अपना कर ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता कम करने की नसीहत दी।
परिवहन के साधनों में बड़ी गाड़ियों से यात्रा पर जोर दिया। यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और ईंधन, समय व धन के बचाव के लिए प्रोजेक्ट सहायकों ने अलग-अलग गाड़ियों में जाने के बजाए बस, ट्रेन से सफर के तरीके अपनाने पर जोर दिया। सौम्या जुनेजा ने पर्यावरण अध्ययन, रितूजा पाटिल ने गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
खेल खेल में बच्चों ने सीखा विज्ञान की बारीकियां
किड्स जोन में कक्षा पांच तक के बच्चे पहुंचे। दिव्या और अंजली ने बच्चों से आत्मीयता स्थापित कर उनका ज्ञान वर्द्धन किया। किड्स जोन कोच में मौजूद शुभी श्रीवास्तव, अनुराग त्रिपाठी, आदित्य त्रिपाठी, अंशिका आदि ने खेलों के माध्यम से विज्ञान की बारीकियों को जाना। दिव्या और अंजली ने बच्चों को विज्ञान के माध्यम से जादू की तरह करतब दिखाकर हंसाया। दोनों ने बताया कि इस कोच में छात्रों को दिमागी कसरत कराकर पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले खेल, विज्ञान एवं गणित के मॉडल्स के माध्यम से जानकारी दी जाती है।
सुरक्षा का रहा इंतजाम
साइंस एक्सप्रेस ट्रेन में लगी प्रदर्शनी को देखने आ रहे बच्चों व अन्य लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था को संभालने के लिए आरपीएफ, जीआरपी के अलावा बाहर सिविल पुलिस भी मौजूद रही। वहीं स्टेशन अधीक्षक ओपी त्रिपाठी भी अपने सहयोगियों के साथ साइंस एक्सप्रेस प्रदर्शनी की सफलता के लिए जुटे रहे।
16 कोच वाली वातानुकूलित इस विशेष ट्रेन में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बचाव के उपाय को मॉडलों को दिखाया गया है। दूसरे दिन भी सुबह दस बजे के पहले ही बच्चे व बड़े अपने परिवार के साथ ट्रेन के अंदर जा पहुंचे थे। कोच नंबर एक में मॉडल के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग का मानव जीवन पर पड़ रहे प्रभावों से लोगों को परिचित कराया गया है।
कोच में मौजूद प्रोजेक्ट सहायक शशांक ने हैंडप्रिंट के माध्यम से लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए संकल्प लेने के तरीके बताए। हितेश ने अनुकूलन की पद्धतियां, बीना चौहान ने जल प्रबंधन के बारे में छात्रों को जानकारी दी। बताया कि वर्षा जल संचय कर बाद में इसका लाभ लिया जा सकता है। रिचा पांडेय ने सौर ऊर्जा अपना कर ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता कम करने की नसीहत दी।
परिवहन के साधनों में बड़ी गाड़ियों से यात्रा पर जोर दिया। यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और ईंधन, समय व धन के बचाव के लिए प्रोजेक्ट सहायकों ने अलग-अलग गाड़ियों में जाने के बजाए बस, ट्रेन से सफर के तरीके अपनाने पर जोर दिया। सौम्या जुनेजा ने पर्यावरण अध्ययन, रितूजा पाटिल ने गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
खेल खेल में बच्चों ने सीखा विज्ञान की बारीकियां
किड्स जोन में कक्षा पांच तक के बच्चे पहुंचे। दिव्या और अंजली ने बच्चों से आत्मीयता स्थापित कर उनका ज्ञान वर्द्धन किया। किड्स जोन कोच में मौजूद शुभी श्रीवास्तव, अनुराग त्रिपाठी, आदित्य त्रिपाठी, अंशिका आदि ने खेलों के माध्यम से विज्ञान की बारीकियों को जाना। दिव्या और अंजली ने बच्चों को विज्ञान के माध्यम से जादू की तरह करतब दिखाकर हंसाया। दोनों ने बताया कि इस कोच में छात्रों को दिमागी कसरत कराकर पर्यावरण के प्रति जागरूक करने वाले खेल, विज्ञान एवं गणित के मॉडल्स के माध्यम से जानकारी दी जाती है।
सुरक्षा का रहा इंतजाम
साइंस एक्सप्रेस ट्रेन में लगी प्रदर्शनी को देखने आ रहे बच्चों व अन्य लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था को संभालने के लिए आरपीएफ, जीआरपी के अलावा बाहर सिविल पुलिस भी मौजूद रही। वहीं स्टेशन अधीक्षक ओपी त्रिपाठी भी अपने सहयोगियों के साथ साइंस एक्सप्रेस प्रदर्शनी की सफलता के लिए जुटे रहे।