{"_id":"67115ab4035523e83503efd4","slug":"anm-suspended-associated-with-duboulia-chc-basti-news-c-207-1-bst1001-125802-2024-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: निलंबित हुई एएनएम, दुबौलिया सीएचसी से संबद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: निलंबित हुई एएनएम, दुबौलिया सीएचसी से संबद्ध
Fri, 18 Oct 2024 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 18 Oct 2024 12:13 AM IST
विज्ञापन
कुदरहा पीएचसी प्रकरण : 24 सितंबर को प्रसूता और स्टॉफ नर्स को वार्ड में बंद करने का मामला
15 दिन बाद पूरी हुई जांच, एएनएम के दोषी पाए जाने पर सीएमओ ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुदरहा पीएचसी में डिलीवरी के बाद स्टॉफ नर्स, प्रसूता, नवजात समेत परिजनों को वार्ड में ताला बंद कर देने की मामले की जांच 15 दिन बाद पूरी हुई। जांच टीम ने गहनता से छानबीन करने के बाद पीएचसी पर तैनात एएनएम विनोद सिंह को दोषी पाया है। इस आशय की रिपोर्ट पर सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने तत्काल प्रभाव से एएनएम को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें दुबौलिया सीएचसी से संबद्ध किया गया है।
24 सितंबर को कलवारी थाना क्षेत्र के पियारेपुर गांव की गुंजा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब 11 बजे पीएचसी कुदरहा पर लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद स्टाॅफ नर्स मंजू देवी ने उन्हें जननी सुरक्षा योजना वार्ड में भर्ती किया था। दोपहर करीब दो बजे उनकी ड्यूटी खत्म हो गई। मगर, परिजनों ने उन्हें डिलीवरी होने तक उन्हें रोक लिया। इसी बीच एएनएम विनोद सिंह भी ड्यूटी पर आ गई।
प्रसूता के परिजनों का आरोप था कि स्टॉफ नर्स द्वारा डिलीवरी कराने के बाद एएनएम भड़क उठीथी। उन्होंने प्रसूता, नवजात समेत सभी को वार्ड में बंद कर दिया था। करीब दो घंटे के बाद परिजनों को पुलिस बुलानी पड़ी। तब जाकर वार्ड का ताला खुल सका। इस मामले में एडी हेल्थ के निर्देश पर दो तीन स्तर पर जांच शुरू हो गई। पीएचसी कुदरहा के चिकित्सक डाॅ. अश्वनी एवं सीएमओ ने दोनों पक्षों का बारी-बारी से बयान दर्ज किया। पीएचसी अधीक्षक डाॅ. फैज वारिस ने भी टीम गठित कर मामले की जांच करवाई। टीम ने मामले की छानबीन में एएनएम को दोषी पाया है। इस रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने एएनएम को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
15 दिन बाद पूरी हुई जांच, एएनएम के दोषी पाए जाने पर सीएमओ ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुदरहा पीएचसी में डिलीवरी के बाद स्टॉफ नर्स, प्रसूता, नवजात समेत परिजनों को वार्ड में ताला बंद कर देने की मामले की जांच 15 दिन बाद पूरी हुई। जांच टीम ने गहनता से छानबीन करने के बाद पीएचसी पर तैनात एएनएम विनोद सिंह को दोषी पाया है। इस आशय की रिपोर्ट पर सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने तत्काल प्रभाव से एएनएम को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें दुबौलिया सीएचसी से संबद्ध किया गया है।
24 सितंबर को कलवारी थाना क्षेत्र के पियारेपुर गांव की गुंजा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब 11 बजे पीएचसी कुदरहा पर लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद स्टाॅफ नर्स मंजू देवी ने उन्हें जननी सुरक्षा योजना वार्ड में भर्ती किया था। दोपहर करीब दो बजे उनकी ड्यूटी खत्म हो गई। मगर, परिजनों ने उन्हें डिलीवरी होने तक उन्हें रोक लिया। इसी बीच एएनएम विनोद सिंह भी ड्यूटी पर आ गई।
विज्ञापन
प्रसूता के परिजनों का आरोप था कि स्टॉफ नर्स द्वारा डिलीवरी कराने के बाद एएनएम भड़क उठीथी। उन्होंने प्रसूता, नवजात समेत सभी को वार्ड में बंद कर दिया था। करीब दो घंटे के बाद परिजनों को पुलिस बुलानी पड़ी। तब जाकर वार्ड का ताला खुल सका। इस मामले में एडी हेल्थ के निर्देश पर दो तीन स्तर पर जांच शुरू हो गई। पीएचसी कुदरहा के चिकित्सक डाॅ. अश्वनी एवं सीएमओ ने दोनों पक्षों का बारी-बारी से बयान दर्ज किया। पीएचसी अधीक्षक डाॅ. फैज वारिस ने भी टीम गठित कर मामले की जांच करवाई। टीम ने मामले की छानबीन में एएनएम को दोषी पाया है। इस रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने एएनएम को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन