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Basti News: बारिश के बीच 34 केंद्रों पर 19,026 ने दी परीक्षा
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बस्ती। बारिश के बीच शुक्रवार को जिले के 34 केंद्रों पर प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) आयोजित हुई। दोनों पालियों में पंजीकृत 26,016 अभ्यर्थियों में से 19,026 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 6,488 अनुपस्थित रहे। इस तरह कुल उपस्थिति 73.13 प्रतिशत रही। सुबह से हो रही बारिश के बावजूद अभ्यर्थी केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने में उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। बस और अन्य साधन नहीं मिलने से कई अभ्यर्थी बारिश में भीगते हुए पैदल रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे। वहीं, परीक्षा छूटने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित हुई। इसमें 13,008 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 9,800 उपस्थित रहे, जबकि 3,208 अनुपस्थित थे। इस पाली में उपस्थिति 75.34 प्रतिशत रही। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। इसमें भी 13,008 अभ्यर्थियों में से 9,728 ने परीक्षा दी और 3,280 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उपस्थिति 74.78 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा छूटने के बाद दोपहर में शहर के कई मार्गों पर जाम लग गया। सर्वाधिक परेशानी गांधीनगर मार्ग पर रही। इसके अलावा कंपनीबाग, रोडवेज, रेलवे स्टेशन और कचहरी मार्ग पर भी वाहनों की कतार लगी रही। शाम की पाली समाप्त होने के बाद बारिश के बीच पैदल रोडवेज पहुंच रहे अभ्यर्थियों को आवागमन में दिक्कत हुई।
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डीएम और एसपी ने दोनों पालियों में परखी व्यवस्था
जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने दोनों पालियों में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। पहली पाली में एएसएचएस एवं जीआरएस इंटर कॉलेज, खैर इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज और इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज कप्तानगंज का जायजा लिया। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों से हो रही निगरानी की जानकारी ली।
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दूसरी पाली में गन्ना विकास इंटर कॉलेज मुंडेरवा और श्री देशराज नारंग दयानंद इंटर कॉलेज वाल्टरगंज स्थित केंद्रों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी देखी। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। एसपी ने पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी निभाने को कहा।
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बोले परीक्षार्थी
रीजनिंग और करंट अफेयर के प्रश्न कठिन रहे। बाकी प्रश्न आसानी से हल हो गए। जिन विषयों की तैयारी करके आए थे, उन्हीं से अधिक सवाल पूछे गए। -कंचनलता, संतकबीरनगर
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गणित के प्रश्न आसान थे, जबकि इतिहास के सवाल कठिन रहे। इस बार परीक्षा में घुमावदार प्रश्न कम दिखे, जिससे सवाल हल करने में आसानी हुई। -विनोद, गोरखपुर
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जनरल नॉलेज के प्रश्न आसान रहे लेकिन रीजनिंग और भूगोल के कुछ सवाल कठिन थे। तैयारी के कारण उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। -पुष्पा चौरसिया, सिद्धार्थनगर
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हिंदी के कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास और रीजनिंग के कुछ सवालों पर अधिक समय लगा। मगर, अधिकांश प्रश्न पढ़ाई और तैयारी से जुड़े थे। -भानुप्रकाश श्रीवास्तव, महराजगंज
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रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थी सीधे रोडवेज और रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्हें घंटों ट्रेन और बस के लिए इंतजार करना पड़ा। पहली पारी में जब परीक्षा 12 बजे छूटी तो जो परीक्षार्थी रोडवेज पहुंचे उनके लिए 12 बसें विभिन्न मार्गों पर भेजी गईं। शाम को परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थियों के लिए 40 बसें रिजर्व में थीं, हालांकि बारिश के चलते 19 बसें ही निकल सकीं। एआरएम रोडवेज कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि जिस रूट के परीक्षार्थी थे उस रूट पर बसें क्रमवार भेजी गईं। वहीं, ट्रेन के लिए स्टेशन पहुंचे यात्रियों की सहूलियत के लिए आरपीएफ और जीआरपी मुस्तैद दिखी।
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पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित हुई। इसमें 13,008 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 9,800 उपस्थित रहे, जबकि 3,208 अनुपस्थित थे। इस पाली में उपस्थिति 75.34 प्रतिशत रही। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। इसमें भी 13,008 अभ्यर्थियों में से 9,728 ने परीक्षा दी और 3,280 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उपस्थिति 74.78 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा छूटने के बाद दोपहर में शहर के कई मार्गों पर जाम लग गया। सर्वाधिक परेशानी गांधीनगर मार्ग पर रही। इसके अलावा कंपनीबाग, रोडवेज, रेलवे स्टेशन और कचहरी मार्ग पर भी वाहनों की कतार लगी रही। शाम की पाली समाप्त होने के बाद बारिश के बीच पैदल रोडवेज पहुंच रहे अभ्यर्थियों को आवागमन में दिक्कत हुई।
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डीएम और एसपी ने दोनों पालियों में परखी व्यवस्था
जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने दोनों पालियों में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। पहली पाली में एएसएचएस एवं जीआरएस इंटर कॉलेज, खैर इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज और इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज कप्तानगंज का जायजा लिया। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों से हो रही निगरानी की जानकारी ली।
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दूसरी पाली में गन्ना विकास इंटर कॉलेज मुंडेरवा और श्री देशराज नारंग दयानंद इंटर कॉलेज वाल्टरगंज स्थित केंद्रों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी देखी। जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। एसपी ने पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी निभाने को कहा।
बोले परीक्षार्थी
रीजनिंग और करंट अफेयर के प्रश्न कठिन रहे। बाकी प्रश्न आसानी से हल हो गए। जिन विषयों की तैयारी करके आए थे, उन्हीं से अधिक सवाल पूछे गए। -कंचनलता, संतकबीरनगर
गणित के प्रश्न आसान थे, जबकि इतिहास के सवाल कठिन रहे। इस बार परीक्षा में घुमावदार प्रश्न कम दिखे, जिससे सवाल हल करने में आसानी हुई। -विनोद, गोरखपुर
जनरल नॉलेज के प्रश्न आसान रहे लेकिन रीजनिंग और भूगोल के कुछ सवाल कठिन थे। तैयारी के कारण उन्हें हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। -पुष्पा चौरसिया, सिद्धार्थनगर
हिंदी के कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास और रीजनिंग के कुछ सवालों पर अधिक समय लगा। मगर, अधिकांश प्रश्न पढ़ाई और तैयारी से जुड़े थे। -भानुप्रकाश श्रीवास्तव, महराजगंज
रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थी सीधे रोडवेज और रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्हें घंटों ट्रेन और बस के लिए इंतजार करना पड़ा। पहली पारी में जब परीक्षा 12 बजे छूटी तो जो परीक्षार्थी रोडवेज पहुंचे उनके लिए 12 बसें विभिन्न मार्गों पर भेजी गईं। शाम को परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थियों के लिए 40 बसें रिजर्व में थीं, हालांकि बारिश के चलते 19 बसें ही निकल सकीं। एआरएम रोडवेज कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि जिस रूट के परीक्षार्थी थे उस रूट पर बसें क्रमवार भेजी गईं। वहीं, ट्रेन के लिए स्टेशन पहुंचे यात्रियों की सहूलियत के लिए आरपीएफ और जीआरपी मुस्तैद दिखी।