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Basti News: कोटेदार चयन में धांधली का आरोप बिना मुनादी कराई गई खुली बैठक
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महराजगंज। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रजौली में कोटेदार के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 26 ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर नियमों की अनदेखी कर बिना मुनादी और खुली बैठक के गुपचुप तरीके से कोटेदार का चयन कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी हर्रैया को शिकायती पत्र देकर प्रशासन की निगरानी में खुली बैठक कराकर दोबारा निष्पक्ष चयन कराने की मांग की है।
एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में संदीप मिश्रा, राजकुमार ओझा, अंकित ओझा, विवेक मिश्रा, सत्यम, सुधीर, शिवम ओझा, आशुतोष, करुणापति ओझा, अनूप ओझा, रोहित ओझा, जगदंबा मिश्रा, अंकित पांडेय, दीप नारायण समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा के पूर्व कोटेदार की मृत्यु के बाद नए कोटेदार का चयन किया जाना था। ग्रामीणों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए गांव में मुनादी नहीं कराई गई और न ही ग्राम सभा के सभी लोगों को सूचना दी गई। आरोप है कि ग्रामीणों की जानकारी के बिना गुपचुप तरीके से कोटेदार का चयन करा दिया गया।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कोटेदार का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में ग्रामीणों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से होना चाहिए था। इसके लिए गांव में मुनादी कराकर बैठक की सूचना ग्रामीणों को दी जानी चाहिए थी।
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मामले की जानकारी होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम से चयन प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने और चयन को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही खुली बैठक में नए सिरे से कोटेदार का चयन कराने की मांग की गई है।
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एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में संदीप मिश्रा, राजकुमार ओझा, अंकित ओझा, विवेक मिश्रा, सत्यम, सुधीर, शिवम ओझा, आशुतोष, करुणापति ओझा, अनूप ओझा, रोहित ओझा, जगदंबा मिश्रा, अंकित पांडेय, दीप नारायण समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा के पूर्व कोटेदार की मृत्यु के बाद नए कोटेदार का चयन किया जाना था। ग्रामीणों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए गांव में मुनादी नहीं कराई गई और न ही ग्राम सभा के सभी लोगों को सूचना दी गई। आरोप है कि ग्रामीणों की जानकारी के बिना गुपचुप तरीके से कोटेदार का चयन करा दिया गया।
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शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कोटेदार का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में ग्रामीणों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से होना चाहिए था। इसके लिए गांव में मुनादी कराकर बैठक की सूचना ग्रामीणों को दी जानी चाहिए थी।
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मामले की जानकारी होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम से चयन प्रक्रिया से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने और चयन को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही खुली बैठक में नए सिरे से कोटेदार का चयन कराने की मांग की गई है।