{"_id":"68f649b775bbbc9f920c76f8","slug":"adulterated-sweets-were-consumed-even-after-raids-and-sampling-basti-news-c-207-1-bst1005-146199-2025-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: छापेमारी और जांच-सैंपलिंग के बाद भी खप गईं मिलावटी मिठाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: छापेमारी और जांच-सैंपलिंग के बाद भी खप गईं मिलावटी मिठाइयां
Mon, 20 Oct 2025 08:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 20 Oct 2025 08:09 PM IST
विज्ञापन
बाजार में कुछ इस तरह बिक गई रंगी खिलौना मिठाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए शासन ने इस साल आठ से 17 अक्तूबर के बीच विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था। विशेष निगरानी अभियान का उद्देश्य दीपावली के दौरान लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की 10 सदस्यीय टीमें लगी। जानकार बताते हैंं कि शहर से लेकर देहात-कस्बा तक खूब छापा मारा। टीम ने मिठाई, खोआ, दूध, घी, तेल, चॉकलेट, ड्राईफ्रूट और नमकीन जैसे खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया। फिर भी धंधेबाज मिलावटी मिठाइयों को खपाने में सफल रहे और बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाई खप गई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से आठ से 17 अक्तूबर तक चले इस अभियान के दौरान करीब 3144 किग्रा मिलावटी मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जबकि 4112 किग्रा संदिग्ध मिठाइयां जब्त की गई हैं। शहर में मिठाई की करीब एक हजार से ऊपर दुकानें हैं। इसके अलावा दिवाली में अतिरिक्त दुकानें भी बढ़ जाती हैं।
इस साल बाजार में करीब 500 टन मिठाई के कारोबार का अनुमान है। पिछले साल भी लगभग इतनी ही मिठाई बिकी थी। पिछले साल भ्ज्ञी बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाइयां पकड़ी गई थीं। प्रथम दृष्टया खराब मिली कई किलो मिलावटी मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जबकि कई किलो संदिग्ध मिठाइयां जब्त की गईं। इस मामले में कई प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। वहीं, टीम के अनदेखी के चलते त्योहार के दिन हजारों कुंतल मिलावटी मिठाई खप गई, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है। रंगीन खिलौने मिठाई के अलावा, छेना, बेसन, डोडा बर्फी, लच्छा बर्फी, बूंदी, कलाकंद आदि मिठाई मिलावटी और संदिग्ध मिली थीं।
विज्ञापन
-
मिलावटी सामान से भरा है बाजार
खाद्य सुरक्षा विभाग को अभियान के दौरान केवल उन्हीं मिलावटी मिठाइयों को पकड़ने में कामयाबी मिली जिनकी पूर्व में सूचना हो गई थी। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बाजार में मिलावटी मिठाइयां भरी होने की आशंका है। जानकार बताते हैं कि मिलावटी खोआ और पनीर बनाने के लिए बाहर से कारीगर मंगवाए गए हैं। बताते हैं कि छेना की मिठाई बनाने के लिए कोलकाता समेत बिहार से से कारीगर आए हैं। करीब महीने भर से अलग-अलग जगहों पर मिलावटी मिठाइयां बनाने का काम होता रहा।
-- -
कैसे करें मिलावटी मिठाइयों की पहचान
असली खोआ चिकना होता है, जबकि मिलावटी खोआ खुरदरा होता है। जांच के लिए थोड़ा सा खोआ पानी में घोलकर उसमें आयोडीन मिलाएं। अगर रंग नीला हो जाए, तो स्टार्च की मिलावट है।
-- -
चांदी का वर्क
मिठाई पर लगी चांदी की पन्नी असली होगी तो जलाने पर धुआं नहीं छोड़ता लेकिन नकली वर्क (एल्युमिनियम) से काला धुआं निकलता है। मिठाई का रंग बहुत चमकदार है तो उसमें मिलावट की आशंका अधिक है। गीले सफेद कपड़े से रगड़ने पर रंग उतरता है तो यह मिलावट का संकेत है। घी को गर्म करने पर मीठी सुगंध आती है और ठंडा करने पर वह जम जाता है। मिलावटी घी में तीखी गंध होती है और वह देर से जमता है। ड्राईफ्रूट और चॉकलेट्स अगर बहुत सस्ते होंगे तो उन पर रंगीन पॉलिश या तेल की कोटिंग हो सकती है। चॉकलेट्स में खराब वसा और कृत्रिम स्वादक मिलाए जा सकते हैं।
-- -
रंगीन मिठाई दिखे तो करें अनदेखा
मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री केवल पंजीकृत दुकान से ही खरीदें। बिना लेबल वाले खुले या अधिक चमकीला दिखने वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसके बारे में पड़ताल कर लें। खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध है तो खाद्य सुरक्षा विभाग के हेल्पलाइन 1800-180-5533 या नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें। रंगीन मिठाई खरीदारी से बचें।
-- -
मंडलीय टीम की ओर से की गई छापेमारी की रिपोर्ट
मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर जिले में टीम ने छापेमारी के दौरान 17 अक्तूबर तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें टीम ने 90 मिठाई दुकानों व कारखानों में छापेमारी की कार्रवाई की। साथ ही टीम ने 163 जगहों पर निरीक्षण-जांच की। इसके अलावा टीम ने 118 खाद्य पदार्थो के नमूने लिए और संदिग्ध और खाने लायक न मिलने पर 4112 किग्रा. मिठाई जब्त की गई। जिसकी कीमत बाजार में चार लाख 85 हजार 515 रुपये है। इसके साथ ही 3144 किग्रा. मिठाई नष्ट कराई गई।
-- -
शासन के दिशा-निर्देशन में जांच, निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। मंडल के तीनों जिलों में कार्रवाई चल रही है। यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। मिलावटी खाद्य पदार्थ किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। दिवाली बाद फिर से कार्रवाई शुरू होगी। -विनीत कुमार पांडेय, एसीएफ, बस्ती, मंडल, बस्ती।
-- -
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से आठ से 17 अक्तूबर तक चले इस अभियान के दौरान करीब 3144 किग्रा मिलावटी मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जबकि 4112 किग्रा संदिग्ध मिठाइयां जब्त की गई हैं। शहर में मिठाई की करीब एक हजार से ऊपर दुकानें हैं। इसके अलावा दिवाली में अतिरिक्त दुकानें भी बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
इस साल बाजार में करीब 500 टन मिठाई के कारोबार का अनुमान है। पिछले साल भी लगभग इतनी ही मिठाई बिकी थी। पिछले साल भ्ज्ञी बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाइयां पकड़ी गई थीं। प्रथम दृष्टया खराब मिली कई किलो मिलावटी मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जबकि कई किलो संदिग्ध मिठाइयां जब्त की गईं। इस मामले में कई प्रतिष्ठानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। वहीं, टीम के अनदेखी के चलते त्योहार के दिन हजारों कुंतल मिलावटी मिठाई खप गई, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है। रंगीन खिलौने मिठाई के अलावा, छेना, बेसन, डोडा बर्फी, लच्छा बर्फी, बूंदी, कलाकंद आदि मिठाई मिलावटी और संदिग्ध मिली थीं।
विज्ञापन
-
मिलावटी सामान से भरा है बाजार
खाद्य सुरक्षा विभाग को अभियान के दौरान केवल उन्हीं मिलावटी मिठाइयों को पकड़ने में कामयाबी मिली जिनकी पूर्व में सूचना हो गई थी। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बाजार में मिलावटी मिठाइयां भरी होने की आशंका है। जानकार बताते हैं कि मिलावटी खोआ और पनीर बनाने के लिए बाहर से कारीगर मंगवाए गए हैं। बताते हैं कि छेना की मिठाई बनाने के लिए कोलकाता समेत बिहार से से कारीगर आए हैं। करीब महीने भर से अलग-अलग जगहों पर मिलावटी मिठाइयां बनाने का काम होता रहा।
कैसे करें मिलावटी मिठाइयों की पहचान
असली खोआ चिकना होता है, जबकि मिलावटी खोआ खुरदरा होता है। जांच के लिए थोड़ा सा खोआ पानी में घोलकर उसमें आयोडीन मिलाएं। अगर रंग नीला हो जाए, तो स्टार्च की मिलावट है।
चांदी का वर्क
मिठाई पर लगी चांदी की पन्नी असली होगी तो जलाने पर धुआं नहीं छोड़ता लेकिन नकली वर्क (एल्युमिनियम) से काला धुआं निकलता है। मिठाई का रंग बहुत चमकदार है तो उसमें मिलावट की आशंका अधिक है। गीले सफेद कपड़े से रगड़ने पर रंग उतरता है तो यह मिलावट का संकेत है। घी को गर्म करने पर मीठी सुगंध आती है और ठंडा करने पर वह जम जाता है। मिलावटी घी में तीखी गंध होती है और वह देर से जमता है। ड्राईफ्रूट और चॉकलेट्स अगर बहुत सस्ते होंगे तो उन पर रंगीन पॉलिश या तेल की कोटिंग हो सकती है। चॉकलेट्स में खराब वसा और कृत्रिम स्वादक मिलाए जा सकते हैं।
रंगीन मिठाई दिखे तो करें अनदेखा
मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री केवल पंजीकृत दुकान से ही खरीदें। बिना लेबल वाले खुले या अधिक चमकीला दिखने वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसके बारे में पड़ताल कर लें। खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध है तो खाद्य सुरक्षा विभाग के हेल्पलाइन 1800-180-5533 या नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें। रंगीन मिठाई खरीदारी से बचें।
मंडलीय टीम की ओर से की गई छापेमारी की रिपोर्ट
मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर जिले में टीम ने छापेमारी के दौरान 17 अक्तूबर तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें टीम ने 90 मिठाई दुकानों व कारखानों में छापेमारी की कार्रवाई की। साथ ही टीम ने 163 जगहों पर निरीक्षण-जांच की। इसके अलावा टीम ने 118 खाद्य पदार्थो के नमूने लिए और संदिग्ध और खाने लायक न मिलने पर 4112 किग्रा. मिठाई जब्त की गई। जिसकी कीमत बाजार में चार लाख 85 हजार 515 रुपये है। इसके साथ ही 3144 किग्रा. मिठाई नष्ट कराई गई।
शासन के दिशा-निर्देशन में जांच, निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। मंडल के तीनों जिलों में कार्रवाई चल रही है। यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। मिलावटी खाद्य पदार्थ किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। दिवाली बाद फिर से कार्रवाई शुरू होगी। -विनीत कुमार पांडेय, एसीएफ, बस्ती, मंडल, बस्ती।