{"_id":"648b5ce11ca5ba9464087664","slug":"administration-freed-land-worth-20-crores-from-land-mafia-basti-news-c-207-1-sgkp1006-32-2023-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: प्रशासन ने भू-माफिया से मुक्त कराई 20 करोड़ की जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: प्रशासन ने भू-माफिया से मुक्त कराई 20 करोड़ की जमीन
Fri, 16 Jun 2023 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 16 Jun 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। जिले के हर्रैया तहसील के मिश्रौलियाधीश गांव में भू-माफिया के कब्जे से लगभग 20 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त कराई गई है। तहसील प्रशासन ने बरामद 5.629 हेक्टेयर भूमि को वापस ग्राम सभा में दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से भू-माफिया में हड़कंप मच गया है।
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के मिश्रौलियाधीश गांव में सरकारी जमीन हथियाने का खेल लंबे समय से चल रहा था। जिला प्रशासन को एक शिकायत के बाद इसकी भनक लगी। डीएम प्रियंका निरंजन ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम हर्रैया गुलाब चंद्र को मामले की जांच सौंपी। एसडीएम ने तहसीलदार हर्रैया मोनिका वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर प्रकरण की छानबीन कराई। पता चला कि 5.629 हेक्टेयर यानी 12 एकड़ सरकारी जमीन कूटरचना कर राजस्व अभिलेख में विद्यालय के नाम दर्ज करा दिया गया है। जिसकी कीमत लगभगन 20 करोड़ आंकी गई है। डीएम के निर्देेश पर एसडीएम हर्रैया ने संबंधित जमीन को राजस्व अभिलेख में ग्राम सभा के नाम दर्ज किए जाने का आदेश निर्गत किया। बृहस्पतिवार को संबंधित भू-खंड विद्यालय के नाम से काटकर ग्राम सभा के नाम खतौनी में दर्ज कर दिया गया।
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि शिकायत के बाद संज्ञान में आए इस मामले में गंभीरता से जांच कराई गई तो सब कुछ सामने आ गया। भू-माफिया के खिलाफ अभियान की कड़ी में संबंधित पर विधिक कार्रवाई के अलावा जमीन को वापस करा लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
परशुरामपुर थाना क्षेत्र के मिश्रौलियाधीश गांव में सरकारी जमीन हथियाने का खेल लंबे समय से चल रहा था। जिला प्रशासन को एक शिकायत के बाद इसकी भनक लगी। डीएम प्रियंका निरंजन ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम हर्रैया गुलाब चंद्र को मामले की जांच सौंपी। एसडीएम ने तहसीलदार हर्रैया मोनिका वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर प्रकरण की छानबीन कराई। पता चला कि 5.629 हेक्टेयर यानी 12 एकड़ सरकारी जमीन कूटरचना कर राजस्व अभिलेख में विद्यालय के नाम दर्ज करा दिया गया है। जिसकी कीमत लगभगन 20 करोड़ आंकी गई है। डीएम के निर्देेश पर एसडीएम हर्रैया ने संबंधित जमीन को राजस्व अभिलेख में ग्राम सभा के नाम दर्ज किए जाने का आदेश निर्गत किया। बृहस्पतिवार को संबंधित भू-खंड विद्यालय के नाम से काटकर ग्राम सभा के नाम खतौनी में दर्ज कर दिया गया।
विज्ञापन
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि शिकायत के बाद संज्ञान में आए इस मामले में गंभीरता से जांच कराई गई तो सब कुछ सामने आ गया। भू-माफिया के खिलाफ अभियान की कड़ी में संबंधित पर विधिक कार्रवाई के अलावा जमीन को वापस करा लिया गया है।
विज्ञापन