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संशोधित- आधार सत्यापन न कराना 41 प्रतिशत किसानों को पड़ सकता है भारी
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आधार सत्यापन न कराना 41 फीसदी किसानों को पड़ सकता है भारी
बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान अब बैंक खाते के विवरण के अनुसार नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग के अनुसार अब आधार सत्यापित डाटा के अनुरूप किसानों को किस्तें मिलेंगी। ऐसे में किसानों का आधार सत्यापन कराना जरूरी है। लेकिन जनपद में करीब 41 प्रतिशत किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। सत्यापन न कराने वाले किसानों को अपात्र माना जाएगा और उनसे योजनांतर्गत प्राप्त किस्तों की रिकवरी भी हो सकती है।
जनपद में करीब चार लाख 60 हजार आठ किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। जिसमें मार्च से लेकर अब तक महज एक लाख 95 हजार 244 किसानों ने आधार सत्यापन कराया है। करीब एक लाख 92 हजार 308 किसान ऐसे हैं जो सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। आधार सत्यापन कार्य जन सेवा केंद्रों पर किया जा रहा है। किसान खुद पीएम किसान की बेवसाइट के लिंक https://exlink.pmkisan.gov.in/aadharekyc.aspx पर जाकर आधार सत्यापन का कार्य पूरा कर सकते हैं। बशर्ते किसान को मोबाइल नंबर उसके आधार से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा जन सेवा केंद्रों पर जाकर बायोमीट्रिक तकनीक से भी आधार का सत्यापन कराया जा सकता है। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जो किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनकी आगामी किस्तें स्वत: बंद हो जाएंगी। ऐसे किसानों को अपात्र मानते हुए उनके विरुद्ध रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान अब बैंक खाते के विवरण के अनुसार नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग के अनुसार अब आधार सत्यापित डाटा के अनुरूप किसानों को किस्तें मिलेंगी। ऐसे में किसानों का आधार सत्यापन कराना जरूरी है। लेकिन जनपद में करीब 41 प्रतिशत किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। सत्यापन न कराने वाले किसानों को अपात्र माना जाएगा और उनसे योजनांतर्गत प्राप्त किस्तों की रिकवरी भी हो सकती है।
जनपद में करीब चार लाख 60 हजार आठ किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। जिसमें मार्च से लेकर अब तक महज एक लाख 95 हजार 244 किसानों ने आधार सत्यापन कराया है। करीब एक लाख 92 हजार 308 किसान ऐसे हैं जो सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। आधार सत्यापन कार्य जन सेवा केंद्रों पर किया जा रहा है। किसान खुद पीएम किसान की बेवसाइट के लिंक https://exlink.pmkisan.gov.in/aadharekyc.aspx पर जाकर आधार सत्यापन का कार्य पूरा कर सकते हैं। बशर्ते किसान को मोबाइल नंबर उसके आधार से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा जन सेवा केंद्रों पर जाकर बायोमीट्रिक तकनीक से भी आधार का सत्यापन कराया जा सकता है। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जो किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनकी आगामी किस्तें स्वत: बंद हो जाएंगी। ऐसे किसानों को अपात्र मानते हुए उनके विरुद्ध रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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