फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Adhar attesting nesesary to farmers

संशोधित- आधार सत्यापन न कराना 41 प्रतिशत किसानों को पड़ सकता है भारी

Mon, 30 May 2022 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Adhar attesting nesesary to farmers
आधार सत्यापन न कराना 41 फीसदी किसानों को पड़ सकता है भारी
विज्ञापन

बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान अब बैंक खाते के विवरण के अनुसार नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग के अनुसार अब आधार सत्यापित डाटा के अनुरूप किसानों को किस्तें मिलेंगी। ऐसे में किसानों का आधार सत्यापन कराना जरूरी है। लेकिन जनपद में करीब 41 प्रतिशत किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। सत्यापन न कराने वाले किसानों को अपात्र माना जाएगा और उनसे योजनांतर्गत प्राप्त किस्तों की रिकवरी भी हो सकती है।

जनपद में करीब चार लाख 60 हजार आठ किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। जिसमें मार्च से लेकर अब तक महज एक लाख 95 हजार 244 किसानों ने आधार सत्यापन कराया है। करीब एक लाख 92 हजार 308 किसान ऐसे हैं जो सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं। आधार सत्यापन कार्य जन सेवा केंद्रों पर किया जा रहा है। किसान खुद पीएम किसान की बेवसाइट के लिंक https://exlink.pmkisan.gov.in/aadharekyc.aspx पर जाकर आधार सत्यापन का कार्य पूरा कर सकते हैं। बशर्ते किसान को मोबाइल नंबर उसके आधार से जुड़ा होना चाहिए। इसके अलावा जन सेवा केंद्रों पर जाकर बायोमीट्रिक तकनीक से भी आधार का सत्यापन कराया जा सकता है। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि जो किसान आधार सत्यापन में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनकी आगामी किस्तें स्वत: बंद हो जाएंगी। ऐसे किसानों को अपात्र मानते हुए उनके विरुद्ध रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed