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137 वीं जयंती पर याद किए गए हिंदी समालोचक आचार्य शुक्ल
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137 वीं जयंती पर याद किए गए हिंदी समालोचक आचार्य शुक्ल
- आचार्य को बताया महान समालोचक, तेजी से करना होगा शिक्षा का संचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। हिंदी समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 137 वीं जयंती उनके पैतृक गांव अगौना स्थित बालिका इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को मनाई गई। मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहा कि वे हिंदी जगत में उनका नाम बड़े साहित्यकारों में लिया जाता है। उनकी लेखन शैली अद्भुत मानी जाती है। वे महान समालोचक हैं।
विशिष्ट अतिथि महादेवा विधायक रवि सोनकर ने कहा कि बच्चों में शिक्षा का संचार तेजी से करना होगा। यही आचार्य शुक्ल को सच्ची श्रद्धांजली होगी। उन्होंने कहा कि वे ऐसे साहित्यकार थे जो मात्र इंटरमीडिएट तक पढ़ाकर विश्वविद्यालय में हिन्दी विषय के विभागाध्यक्ष रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्ण प्रसाद मिश्र व अध्यक्षता डॉ. राम नरेश मंजुल ने किया। प्रमुख प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे, अवध नरायण मिश्र, रामगोपाल सिंह, रण बहादुर सिंह आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया। मौके पर नंदिनी मिश्रा, प्रमिला सिंह, राजेश्वरी त्रिपाठी, सुशीला पाठक, अख्तरजहां, प्रतिभा, अनीता गुप्ता, सपना पांडेय, निधि उपाध्याय, सुनील अग्रहरि, राम अशीष दूबे, विजय सिंह, संतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कवियों ने अपनी काविताओं से मोहा मन
आचार्य राम चंद्र शुक्ल की जयंती पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने तमाम कविताएं पढ़कर लोगों का मन मोह लिया। कवि डॉ. राम नरेश सिंह मंजुल, सतीश आर्य, डॉ. बुद्धिनाथ, अशोक टाटंबरी, राम कृष्ण लाल जगमग, शिवा त्रिपाठी आदि ने रचनाएं पढ़ी।
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- आचार्य को बताया महान समालोचक, तेजी से करना होगा शिक्षा का संचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। हिंदी समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 137 वीं जयंती उनके पैतृक गांव अगौना स्थित बालिका इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को मनाई गई। मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहा कि वे हिंदी जगत में उनका नाम बड़े साहित्यकारों में लिया जाता है। उनकी लेखन शैली अद्भुत मानी जाती है। वे महान समालोचक हैं।
विशिष्ट अतिथि महादेवा विधायक रवि सोनकर ने कहा कि बच्चों में शिक्षा का संचार तेजी से करना होगा। यही आचार्य शुक्ल को सच्ची श्रद्धांजली होगी। उन्होंने कहा कि वे ऐसे साहित्यकार थे जो मात्र इंटरमीडिएट तक पढ़ाकर विश्वविद्यालय में हिन्दी विषय के विभागाध्यक्ष रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्ण प्रसाद मिश्र व अध्यक्षता डॉ. राम नरेश मंजुल ने किया। प्रमुख प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे, अवध नरायण मिश्र, रामगोपाल सिंह, रण बहादुर सिंह आदि ने कार्यक्रम को संबोधित किया। मौके पर नंदिनी मिश्रा, प्रमिला सिंह, राजेश्वरी त्रिपाठी, सुशीला पाठक, अख्तरजहां, प्रतिभा, अनीता गुप्ता, सपना पांडेय, निधि उपाध्याय, सुनील अग्रहरि, राम अशीष दूबे, विजय सिंह, संतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कवियों ने अपनी काविताओं से मोहा मन
आचार्य राम चंद्र शुक्ल की जयंती पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने तमाम कविताएं पढ़कर लोगों का मन मोह लिया। कवि डॉ. राम नरेश सिंह मंजुल, सतीश आर्य, डॉ. बुद्धिनाथ, अशोक टाटंबरी, राम कृष्ण लाल जगमग, शिवा त्रिपाठी आदि ने रचनाएं पढ़ी।
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