{"_id":"65-83573","slug":"Basti-83573-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी को गुजारा भत्ता न देना पड़ा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी को गुजारा भत्ता न देना पड़ा भारी
Basti
Updated Thu, 06 Mar 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
पैकोलिया। थाने के गड़हा दलथम्हन गांव में पुलिस ने परिवार न्यायालय के आदेश पर अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता न देने के मामले में पति के घर की कुर्की की गई। घर में मिले सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया।
शिवप्रसाद पुत्र भगवानदास की शादी अनीता से कई साल पहले हुई थी। मगर बाद में पति-पत्नी में नहीं पटी। आठ साल पहले दोनों में तलाक हो गया। इसके बाद अनीता ने शिवप्रसाद पर परिवार न्यायालय बस्ती के यहां भरण पोषण का मुकदमा दाखिल किया। सुनवाई के बाद न्यायालय की ओर से प्रति माह एक हजार रुपये गुजारा भत्ता सुनीता को देने का आदेश जारी किया गया था। मगर सुनीता को 6 वर्ष पांच महीने का गुजारा भत्ता 77 हजार रुपये शिवप्रसाद ने अदा नहीं किया। इसके लिए न्यायालय में आवेदन दिया। इस पर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश ने पैकोलिया पुलिस को 6 फरवरी को शिवप्रसाद के संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया। इसके अनुपालन में एसओ योगेंद्र सिंह यादव ने अपने सहयोगियाें के साथ मौके पर जाकर घर में रखे सामानों को जब्त कर कुर्की की कार्रवाई पूरी की। इस दौरान उपनिरीक्षक रामप्रकाश के अलावा कई सिपाही भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
शिवप्रसाद पुत्र भगवानदास की शादी अनीता से कई साल पहले हुई थी। मगर बाद में पति-पत्नी में नहीं पटी। आठ साल पहले दोनों में तलाक हो गया। इसके बाद अनीता ने शिवप्रसाद पर परिवार न्यायालय बस्ती के यहां भरण पोषण का मुकदमा दाखिल किया। सुनवाई के बाद न्यायालय की ओर से प्रति माह एक हजार रुपये गुजारा भत्ता सुनीता को देने का आदेश जारी किया गया था। मगर सुनीता को 6 वर्ष पांच महीने का गुजारा भत्ता 77 हजार रुपये शिवप्रसाद ने अदा नहीं किया। इसके लिए न्यायालय में आवेदन दिया। इस पर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश ने पैकोलिया पुलिस को 6 फरवरी को शिवप्रसाद के संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया। इसके अनुपालन में एसओ योगेंद्र सिंह यादव ने अपने सहयोगियाें के साथ मौके पर जाकर घर में रखे सामानों को जब्त कर कुर्की की कार्रवाई पूरी की। इस दौरान उपनिरीक्षक रामप्रकाश के अलावा कई सिपाही भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन