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Basti News: बारिश में 11 ब्लॉकों में 957 श्रमिकों से करा दिए 131 काम
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रुदौली विकास क्षेत्र के मुडाडीहा उर्फ भोपालपुर गांव में इसी पोखरे पर दिनांक 24 सितंबर को आठ मजद
बस्ती। जिले में बारिश के दौरान विकसित भारत-जी-रामजी (वीबीजी-रामजी) के तहत कराए गए कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। तीन दिनों के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 11 ब्लॉकों में 131 कार्यों पर 188 मस्टररोल में 957 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज मिली है। कई स्थानों पर काम धरातल पर नहीं होने की शिकायतों के बाद उपायुक्त श्रम रोजगार संजय शर्मा ने जांच शुरू करा दी है। फिलहाल संबंधित कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
बृहस्पतिवार को जिले में दिनभर बारिश के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में 10 ब्लॉकों में 469 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज हुई। इनमें बनकटी में 13, बस्ती में एक, दुबौलिया में 40, गौर में 10, कुदरहा में दो, परशुरामपुर में 23, रामनगर में 183, रुधौली में 54, सल्टौआ में 75 और सांऊघाट में 68 श्रमिक शामिल हैं। शुक्रवार को 11 ब्लॉकों में 322 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई। बनकटी में 11, बस्ती में एक, दुबौलिया में 45, गौर में एक, कुदरहा में 35, परशुरामपुर में 86, रामनगर में 16, रुधौली में 47, सल्टौआ में 26, सांऊघाट में 52 और विक्रमजोत में दो श्रमिक काम करते दर्ज किए गए।
शनिवार को नौ ब्लॉकों में 226 श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज हुई। बनकटी में नौ, दुबौलिया में 40, हर्रैया में 57, कुदरहा में 36, परशुरामपुर में 22, रामनगर में 20, रुधौली में 15, सल्टौआ-गोपालपुर में 21 और सांऊघाट में छह श्रमिक शामिल हैं। इस तरह तीन दिनों में कुल 957 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई।
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बारिश में काम या कागजों पर हाजिरी?
ग्रामीणों का कहना है कि वीबीजी-रामजी के कई कार्यों के धरातल पर नहीं होने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। बारिश के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज होने से इन कार्यों की मौके पर जांच की जरूरत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जिन कार्यस्थलों पर शुक्रवार को श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई, वहां स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की है।
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सांऊघाट में चक्रवाती तूफान और बारिश के बीच भी काम का दावा
मानिकचंद। सांऊघाट के ग्राम पंचायत वेहरा में ग्राम प्रधान/प्रशासक अजीत कुमार चौधरी ने बताया कि पहले हुए पौधरोपण स्थल की साफ-सफाई का काम कराया जा रहा था। इसमें दो मजदूरों की हाजिरी लगी है। ग्राम पंचायत पैड़ा खरहरा के ग्राम प्रधान/प्रशासक सुभाषचंद्र ने बताया कि गलती से पांच मजदूरों की हाजिरी लग गई। ग्राम पंचायत भीटाराम सेन और रानीपुर के ग्राम सचिव रमाकांत वर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी करने के बाद बताया जाएगा। बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिन स्थानों पर कार्य दिखाए गए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।
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पोखरे में पानी भरा, रिकॉर्ड में खुदाई का काम
रुधौली। विकासखंड रुधौली में 24 और 25 सितंबर को बारिश के दौरान भी विभिन्न कार्यों के लिए मस्टररोल चलाए गए। बरगदवा में इंटरलॉकिंग के लिए चार मजदूर, डडवा तिवारी में पौधरोपण के लिए दो मस्टररोल पर दो मजदूर, मैंनी में चार मजदूर, मझौवाकला प्रथम में चकमार्ग के लिए 24 मजदूर और मूडाडीह उर्फ भोपालपुर में पोखरा खुदाई के लिए आठ मजदूरों की हाजिरी दर्ज है। इसके अलावा पुरैना में पौधरोपण के लिए पांच मजदूरों के दो मस्टररोल और सुरवार खुर्द में पांच मजदूरों का एक मस्टररोल चला। 25 सितंबर को भितेहरा में चकमार्ग के लिए 14, बिजलपुर में पौधरोपण के लिए 15, डडवा तिवारी में एक और नागहारा में पांच मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। पड़ताल के दौरान मूडाडीहा गांव में जिस स्थान पर पोखरा खुदाई का काम दिखाया गया, वहां पोखरे में पानी भरा मिला। आसपास घास भी दिखाई दी। ऐसे में बारिश के दौरान खुदाई कार्य कराए जाने के ऑनलाइन रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए हैं। बीडीओ अवध प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों दिनों के मस्टररोल के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों में कार्यों का सत्यापन कराया जाएगा। यदि मौके पर काम नहीं हुआ पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोटमामले की जांच कराई जाएगी। यदि बारिश के दौरान कार्य कराए जाने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन मौके पर काम नहीं हुआ है तो सत्यापन के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित कार्यों का भुगतान करने से बीडीओ को रोक दिया गया है।
-संजय शर्मा, उपायुक्त श्रम रोजगार
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बृहस्पतिवार को जिले में दिनभर बारिश के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में 10 ब्लॉकों में 469 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज हुई। इनमें बनकटी में 13, बस्ती में एक, दुबौलिया में 40, गौर में 10, कुदरहा में दो, परशुरामपुर में 23, रामनगर में 183, रुधौली में 54, सल्टौआ में 75 और सांऊघाट में 68 श्रमिक शामिल हैं। शुक्रवार को 11 ब्लॉकों में 322 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई। बनकटी में 11, बस्ती में एक, दुबौलिया में 45, गौर में एक, कुदरहा में 35, परशुरामपुर में 86, रामनगर में 16, रुधौली में 47, सल्टौआ में 26, सांऊघाट में 52 और विक्रमजोत में दो श्रमिक काम करते दर्ज किए गए।
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शनिवार को नौ ब्लॉकों में 226 श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज हुई। बनकटी में नौ, दुबौलिया में 40, हर्रैया में 57, कुदरहा में 36, परशुरामपुर में 22, रामनगर में 20, रुधौली में 15, सल्टौआ-गोपालपुर में 21 और सांऊघाट में छह श्रमिक शामिल हैं। इस तरह तीन दिनों में कुल 957 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई।
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बारिश में काम या कागजों पर हाजिरी?
ग्रामीणों का कहना है कि वीबीजी-रामजी के कई कार्यों के धरातल पर नहीं होने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। बारिश के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज होने से इन कार्यों की मौके पर जांच की जरूरत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जिन कार्यस्थलों पर शुक्रवार को श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई, वहां स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की है।
सांऊघाट में चक्रवाती तूफान और बारिश के बीच भी काम का दावा
मानिकचंद। सांऊघाट के ग्राम पंचायत वेहरा में ग्राम प्रधान/प्रशासक अजीत कुमार चौधरी ने बताया कि पहले हुए पौधरोपण स्थल की साफ-सफाई का काम कराया जा रहा था। इसमें दो मजदूरों की हाजिरी लगी है। ग्राम पंचायत पैड़ा खरहरा के ग्राम प्रधान/प्रशासक सुभाषचंद्र ने बताया कि गलती से पांच मजदूरों की हाजिरी लग गई। ग्राम पंचायत भीटाराम सेन और रानीपुर के ग्राम सचिव रमाकांत वर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी करने के बाद बताया जाएगा। बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिन स्थानों पर कार्य दिखाए गए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।
पोखरे में पानी भरा, रिकॉर्ड में खुदाई का काम
रुधौली। विकासखंड रुधौली में 24 और 25 सितंबर को बारिश के दौरान भी विभिन्न कार्यों के लिए मस्टररोल चलाए गए। बरगदवा में इंटरलॉकिंग के लिए चार मजदूर, डडवा तिवारी में पौधरोपण के लिए दो मस्टररोल पर दो मजदूर, मैंनी में चार मजदूर, मझौवाकला प्रथम में चकमार्ग के लिए 24 मजदूर और मूडाडीह उर्फ भोपालपुर में पोखरा खुदाई के लिए आठ मजदूरों की हाजिरी दर्ज है। इसके अलावा पुरैना में पौधरोपण के लिए पांच मजदूरों के दो मस्टररोल और सुरवार खुर्द में पांच मजदूरों का एक मस्टररोल चला। 25 सितंबर को भितेहरा में चकमार्ग के लिए 14, बिजलपुर में पौधरोपण के लिए 15, डडवा तिवारी में एक और नागहारा में पांच मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। पड़ताल के दौरान मूडाडीहा गांव में जिस स्थान पर पोखरा खुदाई का काम दिखाया गया, वहां पोखरे में पानी भरा मिला। आसपास घास भी दिखाई दी। ऐसे में बारिश के दौरान खुदाई कार्य कराए जाने के ऑनलाइन रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए हैं। बीडीओ अवध प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों दिनों के मस्टररोल के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों में कार्यों का सत्यापन कराया जाएगा। यदि मौके पर काम नहीं हुआ पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोटमामले की जांच कराई जाएगी। यदि बारिश के दौरान कार्य कराए जाने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन मौके पर काम नहीं हुआ है तो सत्यापन के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित कार्यों का भुगतान करने से बीडीओ को रोक दिया गया है।
-संजय शर्मा, उपायुक्त श्रम रोजगार