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दलालो का रसूख, सरकारी व्यवस्था ध्वस्त
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पर्ची के बिना अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था ठप
महिला अस्पताल से सेंटर को मिले 850 के बजाय मात्र 227 पर्चे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में एनएचएम के तहत संचालित जननी शिशु सुरक्षा के तहत की गई अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था कागज में दम तोड़ रही है।
योजना में जो विशेष प्रकार का पर्चा अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती को दिया जाता था वह पिछले चार दिनों से किसी मरीज को नहीं मिला। कारण यह कि अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती को बिचौलियों द्वारा निजी रेडियोलॉजी सेंटरों पर पहुंचा दिया जा रहा है। शासन ने जिला महिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव के लिए आने वाली सभी गर्भवतियों के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था बाहर एसडी डायग्नोस्टिक सेंटर पर कर दी है। इस सेंटर को एक अल्ट्रासाउंड पर शासन मात्र 250 रुपये अदा करता है। यहां कुल 850 अल्ट्रासाउंड के लिए सेंटर को नामांकित किया गया था। नामांकन के बाद दो मार्च से 15 मार्च तक तो तकरीबन 227 अल्ट्रासाउंड कराए गए, मगर उसके बाद से महिला अस्पताल से एक भी अल्ट्रासाउंड नहीं भेजा गया।
खबर है कि बिचौलियों के चलते एनएचएम से मिले विशेष पर्ची को गायब कर दिया गया। नतीजतन, न पर्ची मौजूद मिली और न तो डॉक्टरों ने इसका प्रयोग किया। यह अलग बात है कि महिला अस्पताल में स्थापित सेंटर लंबे समय से बंद है। नयी व्यवस्था के चलते यहां निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भीड़ कम होने लगी थी और बिचौलियों के भी पर कतर दिए गए। इन स्थितियों के चलते बिचौलियों की दुकानदारी फीकी हुई तो उन्होंनेक पर्चे ही गायब करा दिए। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। नए पर्चों की व्यवस्था बना दी गई है। इस सेंटर को पीपीपी मॉडल पर चलाया जाना है। योजना के तहत अब गर्भवती के अल्ट्रासाउंड नामित सेंटर पर ही होगा। क्योंकि इससे सीधे तौर पर मरीजों को लाभ मिल रहा था।
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महिला अस्पताल से सेंटर को मिले 850 के बजाय मात्र 227 पर्चे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में एनएचएम के तहत संचालित जननी शिशु सुरक्षा के तहत की गई अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था कागज में दम तोड़ रही है।
योजना में जो विशेष प्रकार का पर्चा अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती को दिया जाता था वह पिछले चार दिनों से किसी मरीज को नहीं मिला। कारण यह कि अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती को बिचौलियों द्वारा निजी रेडियोलॉजी सेंटरों पर पहुंचा दिया जा रहा है। शासन ने जिला महिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव के लिए आने वाली सभी गर्भवतियों के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था बाहर एसडी डायग्नोस्टिक सेंटर पर कर दी है। इस सेंटर को एक अल्ट्रासाउंड पर शासन मात्र 250 रुपये अदा करता है। यहां कुल 850 अल्ट्रासाउंड के लिए सेंटर को नामांकित किया गया था। नामांकन के बाद दो मार्च से 15 मार्च तक तो तकरीबन 227 अल्ट्रासाउंड कराए गए, मगर उसके बाद से महिला अस्पताल से एक भी अल्ट्रासाउंड नहीं भेजा गया।
खबर है कि बिचौलियों के चलते एनएचएम से मिले विशेष पर्ची को गायब कर दिया गया। नतीजतन, न पर्ची मौजूद मिली और न तो डॉक्टरों ने इसका प्रयोग किया। यह अलग बात है कि महिला अस्पताल में स्थापित सेंटर लंबे समय से बंद है। नयी व्यवस्था के चलते यहां निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भीड़ कम होने लगी थी और बिचौलियों के भी पर कतर दिए गए। इन स्थितियों के चलते बिचौलियों की दुकानदारी फीकी हुई तो उन्होंनेक पर्चे ही गायब करा दिए। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। नए पर्चों की व्यवस्था बना दी गई है। इस सेंटर को पीपीपी मॉडल पर चलाया जाना है। योजना के तहत अब गर्भवती के अल्ट्रासाउंड नामित सेंटर पर ही होगा। क्योंकि इससे सीधे तौर पर मरीजों को लाभ मिल रहा था।
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