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खुले में सात लाख क्विंटल गेहूं, भीगने का खतरा
basti
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:05 AM IST
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भंडारण की व्यवस्था नहीं।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। गेेहूं खरीद पर सरकार की सख्ती सिर चढ़ कर बोला है। मंडल में इस बार तय लक्ष्य 1.71 लाख एमटी खरीद के सापेक्ष समय से पूर्व ही 1.79 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है, मगर इसके भंडारण की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि, खाद्य रसद विभाग के जिम्मेदारों ने पूरी ताकत लगा रखी है, बावजूद इसके अब भी सात लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में है। यह अलग बात है कि इस गेहूं को लेकर महकमा परेशान है और नए गोदामों की तलाश में जुटा है, मगर अचानक बारिश हुई तो यह गेहूं भीग जाएगा।
शासन ने इस बार मंडल के तीनों जनपदों में 353 क्रय केंद्र बनाए हैं। इनमें से दो को छोड़ शेष खरीदारी कर रहे हैं। अभी एक सप्ताह खरीद और होगी। यानी खरीद का ग्राफ अभी और बढ़ेगा। गेहूं खरीद में अब तक परिणाम ने जहां जिम्मेदारों की बांछे खिला दी हैं वहीं उनके लिए इसके भंडारण ने पसीना छुड़ा दिया है। खाद्य रसद विभाग के जिम्मेदार गेहूं भंडारण की व्यवस्था को लेकर खासी मशक्कत करने के बाद भाटिया गोदाम, मंडी गोदाम, शुगर मिल बस्ती का गोदाम, गोरखपुर के खजनी में शैरो मिल व धुरियापार तक गेहूं भंडारण की व्यवस्था बना दी है, मगर यहां भी भंडार भर गए हैं, जिससे करीब सात लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में रखा है। इसे लेकर जिम्मेदार पसीना छोड़ रहे हैं। मंडल में अब तक कुल खरीद 1.79 एमटी के सापेक्ष भारतीय खाद्य निगम को 1.08 लाख एमटी की उतार कर दी गई है। ऐसे में सात लाख क्विंटल यानी 70 हजार एमटी से अधिक गेहूं खुले में रखा है।
संभागीय खाद्य नियंत्रक कहते हैं कि इस बार सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था उसके सापेक्ष 104 प्रतिशत की खरीद हो चुकी है। अभी खरीद चल ही रही है, मगर इसके भंडारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालांकि, इस बार कई भंडार स्थल लिए जा चुके हैं। बस्ती मंडल का गेहूं गोरखपुर के धुरियापार व खजनी मिल तक भेज कर भंडारित कराया गया है, मगर अब कहीं रिक्त स्थान नहीं है। यह सही है कि सात लाख क्विंटल गेहूं अब भी यहां-वहां डंप है। इसकी सुरक्षा के अस्थायी उपाय किए गए हैं, मगर बारिश तेज और कई दिनों तक होती रहेगी तो इसे भीगने से बचाया नहीं जा सकेगा। वैसे प्रयास है कि जल्द से जल्द खुले में रखे गेहूं को व्यवस्थित करा दिया जाए।
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शासन ने इस बार मंडल के तीनों जनपदों में 353 क्रय केंद्र बनाए हैं। इनमें से दो को छोड़ शेष खरीदारी कर रहे हैं। अभी एक सप्ताह खरीद और होगी। यानी खरीद का ग्राफ अभी और बढ़ेगा। गेहूं खरीद में अब तक परिणाम ने जहां जिम्मेदारों की बांछे खिला दी हैं वहीं उनके लिए इसके भंडारण ने पसीना छुड़ा दिया है। खाद्य रसद विभाग के जिम्मेदार गेहूं भंडारण की व्यवस्था को लेकर खासी मशक्कत करने के बाद भाटिया गोदाम, मंडी गोदाम, शुगर मिल बस्ती का गोदाम, गोरखपुर के खजनी में शैरो मिल व धुरियापार तक गेहूं भंडारण की व्यवस्था बना दी है, मगर यहां भी भंडार भर गए हैं, जिससे करीब सात लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में रखा है। इसे लेकर जिम्मेदार पसीना छोड़ रहे हैं। मंडल में अब तक कुल खरीद 1.79 एमटी के सापेक्ष भारतीय खाद्य निगम को 1.08 लाख एमटी की उतार कर दी गई है। ऐसे में सात लाख क्विंटल यानी 70 हजार एमटी से अधिक गेहूं खुले में रखा है।
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संभागीय खाद्य नियंत्रक कहते हैं कि इस बार सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था उसके सापेक्ष 104 प्रतिशत की खरीद हो चुकी है। अभी खरीद चल ही रही है, मगर इसके भंडारण की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालांकि, इस बार कई भंडार स्थल लिए जा चुके हैं। बस्ती मंडल का गेहूं गोरखपुर के धुरियापार व खजनी मिल तक भेज कर भंडारित कराया गया है, मगर अब कहीं रिक्त स्थान नहीं है। यह सही है कि सात लाख क्विंटल गेहूं अब भी यहां-वहां डंप है। इसकी सुरक्षा के अस्थायी उपाय किए गए हैं, मगर बारिश तेज और कई दिनों तक होती रहेगी तो इसे भीगने से बचाया नहीं जा सकेगा। वैसे प्रयास है कि जल्द से जल्द खुले में रखे गेहूं को व्यवस्थित करा दिया जाए।
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