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संतकबीरनगर जेल स्थानांतरित किए गए 64 विचाराधीन बंदी
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संतकबीरनगर जेल स्थानांतरित किए गए 64 विचाराधीन बंदी
जिला कारागर से अब तक 262 कैदियों को किया जा चुका है शिफ्ट
अभी 170 बंदियों को संतकबीरनगर शिफ्ट किया जाना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद कारागार से नवनिर्मित संतकबीरनगर की जेल में सोमवार को 64 बंदियों को स्थानांतरित किया गया। शिफ्टिंग के चौथे चरण में पुलिस के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच इन विचाराधीन बंदियों को यहां से रवाना किया गया। इस तरह अभी तक 262 कैदियों व बंदियों को चार अलग-अलग चरण में संतकबीरनगर जेल भेजा जा चुका है।
जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि यहां अब संतकबीरनगर जिले के मात्र 170 बंदी शेष रह गए हैं। इन्हें भी शीघ्र ही वहां भेज दिया जाएगा। इन कैदियों से संबंधित अभिलेखों को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। माह के आखिर तक सभी प्रकार के बंदियों की शिफ्टिंग की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
24 वर्ष पहले बने संतकबीरनगर जनपद में कारागार का निर्माण न होने की वजह से वहां के सजायाफ्ता कैदी व विचाराधीन बंदियों को यहां की जिला जेल में ही रखा जा रहा था। अब नई जेल पूरी क्षमता के साथ शुरू का लाभ बंदियों के स्वजन न मुलाकातियों को भी मिलती रहेगी।
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लाइब्रेरी के लिए भेजी गईं किताबें
नई जेल संतकबीरनगर में पुस्तकालय को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया धार्मिक पुस्तकों में रामचरितमानस, भगवत गीता तथा साहित्यिक पुस्तकों में दीनदयाल उपाध्याय द्वारा रचित किताबों से लाइब्रेरी को सम्रद्ध किया जा रहा है, अभी तक साठ पुस्तकें बस्ती कारागार लाइब्रेरी से भेजी जा चुकी हैं।
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जिला कारागर से अब तक 262 कैदियों को किया जा चुका है शिफ्ट
अभी 170 बंदियों को संतकबीरनगर शिफ्ट किया जाना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद कारागार से नवनिर्मित संतकबीरनगर की जेल में सोमवार को 64 बंदियों को स्थानांतरित किया गया। शिफ्टिंग के चौथे चरण में पुलिस के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच इन विचाराधीन बंदियों को यहां से रवाना किया गया। इस तरह अभी तक 262 कैदियों व बंदियों को चार अलग-अलग चरण में संतकबीरनगर जेल भेजा जा चुका है।
जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि यहां अब संतकबीरनगर जिले के मात्र 170 बंदी शेष रह गए हैं। इन्हें भी शीघ्र ही वहां भेज दिया जाएगा। इन कैदियों से संबंधित अभिलेखों को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। माह के आखिर तक सभी प्रकार के बंदियों की शिफ्टिंग की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
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24 वर्ष पहले बने संतकबीरनगर जनपद में कारागार का निर्माण न होने की वजह से वहां के सजायाफ्ता कैदी व विचाराधीन बंदियों को यहां की जिला जेल में ही रखा जा रहा था। अब नई जेल पूरी क्षमता के साथ शुरू का लाभ बंदियों के स्वजन न मुलाकातियों को भी मिलती रहेगी।
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लाइब्रेरी के लिए भेजी गईं किताबें
नई जेल संतकबीरनगर में पुस्तकालय को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया धार्मिक पुस्तकों में रामचरितमानस, भगवत गीता तथा साहित्यिक पुस्तकों में दीनदयाल उपाध्याय द्वारा रचित किताबों से लाइब्रेरी को सम्रद्ध किया जा रहा है, अभी तक साठ पुस्तकें बस्ती कारागार लाइब्रेरी से भेजी जा चुकी हैं।