फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   प्रभावित रहीं आधा दर्जन डाउन ट्रैक की गाड़ियां

प्रभावित रहीं आधा दर्जन डाउन ट्रैक की गाड़ियां

Tue, 11 Dec 2018 11:40 PM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
प्रभावित रहीं आधा दर्जन डाउन ट्रैक की गाड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बस्ती। गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर मंगलवार को पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बेपटरी होने से आधा दर्जन ट्रेनें लेट हो गईं। आसपास के स्टेशनों पर सभी को रोका गया। जिसमें सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब दो घंटे गोविंद नगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।
लखनऊ से गोंडा, बस्ती, गोरखपुर होकर बिहार जाने वाली ट्रेनों के यात्री काफी परेशान रहे। गाड़ी संख्या 15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस जिसे सुबह 7.57 पर आना था वह चार घंटे 18 मिनट विलंब से पहुंची। इसी तरह गाड़ी संख्या 15210 जनसेवा एक्सप्रेस जो रात्रि 1.45 पर है, 10 घंटे लेट हुई है। गाड़ी संख्या 2254 वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस जिसे सुबह 7.30 पर बस्ती पहुंचना था, यह गाड़ी पांच घंटे विलंब से आयी। गाड़ी संख्या 12556 गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस जो सुबह 8.17 पर थी, 4 घंटे 32 मिनट लेट हुई है। गाड़ी संख्या 19037 अवध एक्सप्रेस जिसे दिन में 11.42 पर बस्ती पहुंचना था, यह गाड़ी भी काफी लेट हो गई थी। गाड़ी संख्या 13020 बाघ एक्सप्रेस जिसे सुबह 10.42 पर पहुंचना था वह दो घंटे 42 मिनट विलंब से आई।
विज्ञापन

वाल्टरगंज प्रतिनिधि के मुताबिक गोविंद नगर रेलवे स्टेशन पर सत्याग्रह एक्सप्रेस रोके जाने के बाद यात्री परेशान दिखे। पूछताछ काउंटर के साथ ही परिचितों से कारण जानने के लिए मोबाइल फोन लगाते रहे। गोविंद नगर रेलवे स्टेशन अधीक्षक कैलाश चंद्र ने बताया कि ट्रेन के पटरी से उतरने की सूचना मिलते ही सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 तक 5274 सत्याग्रह खड़ी रही। पटरी मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रवाना किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



तेज आवाज पर सहम गए थे रेलयात्री
बस्ती। तेज आवाज के साथ लगे झटके से यात्री दहशत में आ गए थे। लोगों का कहना था कि झटका लगने से ऐसा लगा मानो मौत उनके सामने से गुजर गई हो। किसी की आंखों में आंसू थे तो कोई रेल महकमे को कोस रहा था। आंखों में आंसू लिए महिला यात्री सुरक्षित रखने के लिए ईश्वर को धन्यवाद दे रही थीं। लखनऊ से देवरिया की यात्रा कर रही रीना सिंह ने बताया कि हादसे के वक्त सो रही थीं। अचानक लोग चिल्लाने लगे। जिससे नींद टूट गई। पूछने पर पता चला कि डिब्बे में सांड फंस जाने से ट्रेन पटरी से उतर गई है। गोंडा से गोरखपुर जा रहे बब्लू चौरसिया ने बताया कि अचानक बहुत तेज आवाज हुई। लगा कि अब जान चली जाएगी। लोग चिल्ला रहे थे, कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। लखनऊ से बिहार जा रहीं रूबी तिवारी की आंखों में आंसू थे। वे बार-बार अपने बच्चों के सिर पर हाथ फेर रही थीं। रेल महकमे को कोसते हुए कहा कि गनीमत है कि सब सुरक्षित हैं, वरना इनकी लापरवाही से कई जानें जा सकती थी। बिहार जा रहीं गीता देवी ने कहा कि हादसे पर हादसे होते रहते हैं, और लोगों की जानें जाती रहती हैं। आज यात्रियों की जानें सिर्फ ईश्वर की वजह से बचीं। वरना आज का दिन काफी दुखद होने वाला था।



छोटे रेलवे स्टेशनों पर परेशान रहे ट्रेन यात्री
स्टेशन अधीक्षक से पूछते रहे रवानगी समय
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। बस्ती स्टेशन पर ट्रेन के बेपटरी होने से गौर, बभनान और टिनिच रेलवे स्टेशनों पर गोरखपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें रोक दी गईं। कुछ समय तक तो यात्री बैठे रहे बाद में एक घंटे से अधिक समय बीत जाने पर स्टेशन अधीक्षक और पूछताछ काउंटर पर जानकारी लेते रहे।
बभनान स्टेशन अधीक्षक राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि जननायक एक्सप्रेस (डाउन) 10:10 बजे पहुंची थी जिसे दोपहर 12:32 बजे रवाना किया गया। गौर रेलवे स्टेशन मास्टर रंजीत कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे से बीसीएन मालगाड़ी को स्टेशन पर रोका था। कंट्रोल से लाइन क्लियर होने पर आगे बढ़ाई गई। टिनिच रेलवे स्टेशन पर डाउन वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को एक घंटे तक रोका गया। यह गाड़ी 11:35 पर आई और 12:35 पर रवाना की गई। जननायक एक्सप्रेस 12:52 पर पहुंची जिसे 13:05 बजे रवाना किया गया। डाउन गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस 13:17 बजे आई और 13:30 बजे दूसरे स्टेशन के लिए रवाना हुई। डाउन बांद्रा एक्सप्रेस 13:15 बजे खड़ी की गई और 13:50 बजे बढ़ाई गई। सुपरफास्ट हावड़ा काठगोदाम ट्रेन को 14:05 पर टिनिच रेलवे स्टेशन पहुंची और 14:20 बजे रवाना की गई।

गेटमैन ने सांड़ों को भगाने का किया था प्रयास
बस्ती। दक्षिण दरवाजा रेलवे फाटक के करीब हादसे के पहले लड़ रहे सांडों को भगाने के लिए गेटमैन ने काफी प्रयास किया था। लेकिन वे इस कदर एक दूसरे से उलझे थे कि हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। इसी बीच लखनऊ पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस के आने की सूचना लगते ही गेटमैन ने फाटक बंद कर दिया। गाड़ी आ रही थी और सांड आपस में लड़ रहे थे। जिसे देख चालक ने गाड़ी धीमी तो की लेकिन एक सांड टकराने के बाद भाग गया, जबकि दूसरा ट्रेन के नीचे आ गया। जिसे चालक देख नहीं सका और प्लेटफार्म तीन की तरफ गाड़ी दौड़ा दी। सांड के मांस के लोथड़े पटरी पर हर तरफ बिखरे हुए थे। गेट मैन प्रमोद कुमार ने बताया कि उसने सांड़ों को भगाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वे हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। लोग भी उन्हें ट्रेन की चपेट से बचाने को भगा रहे थे। काफी प्रयास के बाद एक तो भाग गया पर दूसरा ट्रेन में फंस गया।


पौने चार घंटे के बाद रवाना हुई पाटलिपुत्र एक्सप्रेस
रेल महकमे ने यात्रियों को बांटे लंच पैकेट
बस्ती। पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटरी से उतरने के चलते लगभग पौने चार घंटे प्लेटफार्म पर रुकी रही। परेशान यात्री पूछताछ काउंटर पर ट्रेन रवाना किए जाने के बारे में पूछताछ करते रहे। वहीं रेलवे की तकनीकी टीम ने घटनास्थल पर ट्रैक को दुरुस्त करने का मोर्चा संभाल रखा था।

पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में सवार यात्रियों की बेचैनी बढ़ रही थी। यात्रियों की स्थिति को भांपते हुए रेल महकमे के डीसीआई एसपी सिंह, टीटीई इंचार्ज समीम अहमद, टीटीई गोपाल तिवारी, सीनियर टीटीई विपिन कुमार ने दुर्घटनाग्रस्त एक्सप्रेस में सवार यात्रियों में लंच पैकेट वितरित किए और सभी को पानी भी पिलाया। दोपहर एक बजकर पांच मिनट पर ट्रैक को दुरुस्त कर इस गाड़ी को रवाना किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed