{"_id":"5b9ff619867a5501370ef86b","slug":"61537209881-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदासीनता की भेंट चढ़ा अमहट पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उदासीनता की भेंट चढ़ा अमहट पुल
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
उदासीनता की भेंट चढ़ा अमहट पुल
कच्छप गति से हो रहा पुल निर्माण, लोगों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। कुआनो नदी के अमहट पुल को गिरे करीब दो वर्ष हो रहे हैं। नए पुल का सपना जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते परवान चढ़ता नहीं दिख रहा है। कच्छप गति से पुल के निर्माण पर लोगों में गुस्सा है। शहर मुख्यालय को जोड़ने वाले इस पुल का प्रयोग करने वाले सैकड़ों गांव के लोग मजबूरन नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला ऐतिहासिक अमहट घाट पुल 17 फरवरी 17 को भारी वाहन गुजर जाने से गिर गया था। प्रतिबंध के बाद भी गिट्टी भरा ट्रक गुजरने से पुल ढह गया था। इसके बाद बस्ती की राजनीति गरमा गई थी। सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक दालों ने पुल निर्माण कराने व दोषी पर कार्रवाई के लिए धरना-प्रदर्शन और खूब हंगामा किया। भारी विरोध व दबाव के चलते शासन ने पुराने अमहट पुल की जगह नए पुल निर्माण के लिए 12 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी। पुल व एप्रोच का निर्माण होना है। 106 मीटर का यह पुल पांच पायों पर होगा। जिसे जून 19 तक बनाकर हैंडओवर करना है। निर्माण की गति यह कि अभी तीन पिलर भी नहीं बन सके। सुनील भट्ट कहते हैं कि पहले तो जो व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। डॉ नवीन योगी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पुल था। पुल के गिर जाने से सैकड़ों गांवों का संपर्क शहर से कट गया। सत्येंद्र नाथ मतवाला व पं. राजेश मिश्रा ने कहा कि पुल गिर जाने से एक तरफ जहां व्यापारियों का व्यवसाय चौपट हो गया, तो दूसरी तरफ सैकड़ों गांव के लोग उफनाती नदी नाव से पार कर रहे हैं। बच्चे भी नाव से सही स्कूल आते-जाते हैं।
जल्द पूरा होगा निर्माण : दयाराम
पुल निर्माण को लेकर भाजपा से सदर विधायक दयाराम चौधरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 31 मार्च 19 तक हर हाल में पुल निर्माण हो जाएगा। कार्य में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता की जांच कराने पर यह पता चलेगा कि कार्य किस तरह होगा, जल्द ही जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उदासीनता की भेंट चढ़ा अमहट पुल
कच्छप गति से हो रहा पुल निर्माण, लोगों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। कुआनो नदी के अमहट पुल को गिरे करीब दो वर्ष हो रहे हैं। नए पुल का सपना जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते परवान चढ़ता नहीं दिख रहा है। कच्छप गति से पुल के निर्माण पर लोगों में गुस्सा है। शहर मुख्यालय को जोड़ने वाले इस पुल का प्रयोग करने वाले सैकड़ों गांव के लोग मजबूरन नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला ऐतिहासिक अमहट घाट पुल 17 फरवरी 17 को भारी वाहन गुजर जाने से गिर गया था। प्रतिबंध के बाद भी गिट्टी भरा ट्रक गुजरने से पुल ढह गया था। इसके बाद बस्ती की राजनीति गरमा गई थी। सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक दालों ने पुल निर्माण कराने व दोषी पर कार्रवाई के लिए धरना-प्रदर्शन और खूब हंगामा किया। भारी विरोध व दबाव के चलते शासन ने पुराने अमहट पुल की जगह नए पुल निर्माण के लिए 12 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति दी। पुल व एप्रोच का निर्माण होना है। 106 मीटर का यह पुल पांच पायों पर होगा। जिसे जून 19 तक बनाकर हैंडओवर करना है। निर्माण की गति यह कि अभी तीन पिलर भी नहीं बन सके। सुनील भट्ट कहते हैं कि पहले तो जो व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। डॉ नवीन योगी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पुल था। पुल के गिर जाने से सैकड़ों गांवों का संपर्क शहर से कट गया। सत्येंद्र नाथ मतवाला व पं. राजेश मिश्रा ने कहा कि पुल गिर जाने से एक तरफ जहां व्यापारियों का व्यवसाय चौपट हो गया, तो दूसरी तरफ सैकड़ों गांव के लोग उफनाती नदी नाव से पार कर रहे हैं। बच्चे भी नाव से सही स्कूल आते-जाते हैं।
विज्ञापन
जल्द पूरा होगा निर्माण : दयाराम
पुल निर्माण को लेकर भाजपा से सदर विधायक दयाराम चौधरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 31 मार्च 19 तक हर हाल में पुल निर्माण हो जाएगा। कार्य में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता की जांच कराने पर यह पता चलेगा कि कार्य किस तरह होगा, जल्द ही जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन