{"_id":"5b5b61094f1c1b3b5a8b75df","slug":"51532715273-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमए की हडताल से बाधित रहेंगी सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमए की हडताल से बाधित रहेंगी सेवाएं
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईएमए की हड़ताल से बाधित रहेंगी सेवाएं
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। एक बार फिर से डॉक्टर आंदोलित हो रहे हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लेकर डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर रहेंगे। इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं बंद रखने की धमकी दी है।
आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. अनिल श्रीवास्तव एवं सचिव डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि बिल पूरी तरह अलोकतांत्रिक, गरीबों के खिलाफ है। कहा कि यूपी आईएमए ने पहले ही कह दिया है कि इस बिल के माध्यम से भारत सरकार के समस्त अधिकारों को केन्द्रीयकृत करने का इरादा स्पष्ट दिखाई देता हैै। लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन अलोकतांत्रिक है। इससे राज्य चिकित्सा का प्रतिनिधित्व पूर्णरूप से हाशिए पर कर दिया गया है। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि यदि यह बिल पास होता है तो विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसी क्रम में सभी चिकित्सक शनिवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन को धिक्कार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। चिकित्सकों और आमजन को हड़ताल की जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। एक बार फिर से डॉक्टर आंदोलित हो रहे हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लेकर डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर रहेंगे। इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं बंद रखने की धमकी दी है।
आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. अनिल श्रीवास्तव एवं सचिव डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि बिल पूरी तरह अलोकतांत्रिक, गरीबों के खिलाफ है। कहा कि यूपी आईएमए ने पहले ही कह दिया है कि इस बिल के माध्यम से भारत सरकार के समस्त अधिकारों को केन्द्रीयकृत करने का इरादा स्पष्ट दिखाई देता हैै। लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्र चिकित्सा आयोग का गठन अलोकतांत्रिक है। इससे राज्य चिकित्सा का प्रतिनिधित्व पूर्णरूप से हाशिए पर कर दिया गया है। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि यदि यह बिल पास होता है तो विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसी क्रम में सभी चिकित्सक शनिवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन को धिक्कार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। चिकित्सकों और आमजन को हड़ताल की जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन