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बगैर काम कराए मनरेगा से हुआ भुगतान
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:25 PM IST
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बगैर काम कराए मनरेगा से हुआ भुगतान
बीडीओ ने कहा कार्य को श्रमदान घोषित किया गया
तकनीकी सहायक व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज। कुदरहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंझरिया में कटया पंडित गांव में बगैर कार्य के लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले का खुलासा होने के बाद बीडीओ ने कार्य को श्रमदान घोषित किया है, जबकि कार्य में धन का भुगतान होने के चलते तकनीकी सहायक व सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
गांव में उत्तर तालाब की सफाई और खुदाई का कार्य अभिलेखों में मनरेगा से दिखाकर धनराशि का भुगतान कर दिया गया। जबकि धरातल पर कोई कार्य ग्राम पंचायत में नहीं कराया गया है। मामला तब खुला जब इसकी शिकायत ग्राम पंचायत मंझरिया निवासी ध्रुव चंद्र ने डीएम से की। शिकायत में यह भी बताया गया है कि ग्राम पंचायत निवासी सिकंदर के घर से बाबूराम के घर तक मरम्मत का कार्य अभिलेखों में तो दर्ज है और उसका भुगतान भी हो चुका है मगर वास्तव में कोई कार्य हुआ ही नहीं। सेक्रेट्री की मिलीभगत से इसका भी भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने की जानकारी संबंधितों को हुई तो यह कार्य जेसीबी और ट्रैक्टर से करा कर औपचारिकता पूरी की गई है। बीडीओ कुदरहा नसीम अहमद ने कहा कि मामला संज्ञान में है। कार्य को श्रमदान घोषित किया जा चुका है। रही भुगतान की बात तो इस पूरे बंदरबांट में लिप्त तकनीकी सहायक व सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।
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बीडीओ ने कहा कार्य को श्रमदान घोषित किया गया
तकनीकी सहायक व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज। कुदरहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंझरिया में कटया पंडित गांव में बगैर कार्य के लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले का खुलासा होने के बाद बीडीओ ने कार्य को श्रमदान घोषित किया है, जबकि कार्य में धन का भुगतान होने के चलते तकनीकी सहायक व सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
गांव में उत्तर तालाब की सफाई और खुदाई का कार्य अभिलेखों में मनरेगा से दिखाकर धनराशि का भुगतान कर दिया गया। जबकि धरातल पर कोई कार्य ग्राम पंचायत में नहीं कराया गया है। मामला तब खुला जब इसकी शिकायत ग्राम पंचायत मंझरिया निवासी ध्रुव चंद्र ने डीएम से की। शिकायत में यह भी बताया गया है कि ग्राम पंचायत निवासी सिकंदर के घर से बाबूराम के घर तक मरम्मत का कार्य अभिलेखों में तो दर्ज है और उसका भुगतान भी हो चुका है मगर वास्तव में कोई कार्य हुआ ही नहीं। सेक्रेट्री की मिलीभगत से इसका भी भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने की जानकारी संबंधितों को हुई तो यह कार्य जेसीबी और ट्रैक्टर से करा कर औपचारिकता पूरी की गई है। बीडीओ कुदरहा नसीम अहमद ने कहा कि मामला संज्ञान में है। कार्य को श्रमदान घोषित किया जा चुका है। रही भुगतान की बात तो इस पूरे बंदरबांट में लिप्त तकनीकी सहायक व सेक्रेट्री के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।
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