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सात हजार शिक्षकों के सामने वेतन का संकट
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:05 AM IST
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बस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग के सात हजार शिक्षकों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो गया। इनमें चार हजार नियमित और तीन हजार शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने शामिल है। सरकार की ओर से कोई आदेश न मिलने के कारण शिक्षा मित्र और नियमित दोनों शिक्षक वेतन न मिलने से परेशान हैं। इन शिक्षकों को वेतन कब मिलेगा यह बताने वाला कोई नहीं है। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद शासन की ओर से वेतन निर्गत करने का कोई आदेश नहीं मिला, जिसके कारण वेतन निर्गत करने की प्रक्रिया को स्थगित रखा गया है।
शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक में समायोजित किए गए जिले के तीन हजार शिक्षा मित्रों के साथ नियमित शिक्षक भी जुलाई का वेतन पाने के लिए परेशान है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद बाद शासन ने तो शिक्षा मित्रों और न नियमित शिक्षकों के वेतन को निर्गत करने के बारे में कोई आदेश जारी किया, जिसके चलते विभाग के अधिकारी से लेकर शिक्षक तक भ्रम की स्थित में है। जिन शिक्षकों के खाते में माह के प्रत्येक पहली तिथि को वेतन चला जाता था, वह आठ अगस्त तक नहीं पहुंचा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल कहते हैं कि जिले में शिक्षकों के सामने भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बताया कि वेतन के लिए वित्त लेखाधिकारी का घेराव तक किया गया, मगर शासन से कोई आदेश न मिलने से वेतन निर्गत करने को मना किया गया।
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शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक में समायोजित किए गए जिले के तीन हजार शिक्षा मित्रों के साथ नियमित शिक्षक भी जुलाई का वेतन पाने के लिए परेशान है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद बाद शासन ने तो शिक्षा मित्रों और न नियमित शिक्षकों के वेतन को निर्गत करने के बारे में कोई आदेश जारी किया, जिसके चलते विभाग के अधिकारी से लेकर शिक्षक तक भ्रम की स्थित में है। जिन शिक्षकों के खाते में माह के प्रत्येक पहली तिथि को वेतन चला जाता था, वह आठ अगस्त तक नहीं पहुंचा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल कहते हैं कि जिले में शिक्षकों के सामने भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बताया कि वेतन के लिए वित्त लेखाधिकारी का घेराव तक किया गया, मगर शासन से कोई आदेश न मिलने से वेतन निर्गत करने को मना किया गया।
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