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दुकानबंदी को लेकर व्यापारी बटे
Updated Wed, 28 Jun 2017 06:39 PM IST
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एक जुलाई से लागू हो होने जा रहे जीएसटी के विरोध में व्यापारी दो गुटों में बंट गए हैं। बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने 30 को दुकानें बंद रखने की अपील की है। जबकि उप्र. सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ ने दुकानें खुली रखने का निर्णय लिया है।
बुधवार को बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई में व्यापारियों ने जलूस निकालकर जीएसटी का विरोध करने के लिए अलख जगाई। जिला अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष नंद किशोर साहू ने संगठन का नेतृत्व करते हुए करूआ बाबा, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा, रोडवेज, गांधी नगर, कंपनी बाग तक व्यापारियों से मिलकर उन्हें जीएसटी की विसंगतियों से अवगत कराया और कहा कि जब तक कानून सरल और पारदर्शी नहीं होगा तब तक व्यापारी उसे बर्दाश्त नहीं करेगा। कहा कि वैट में व्यापारी समाधान का लाभ 0.5 प्रतिशत टैक्स अदा करता था वहीं इस टैक्स को बढ़ाकर एक प्रतिशत कराना कमजोर व्यापारियों के साथ धोखा है। टैक्स का सरलीकरण करना सरकार के एजेंडे में था। ओम प्रकाश आर्या, अनूप अरोरा, प्रभू प्रीत सिंह, अतुल अरोरा, शैलेन्द्र कुमार, मो. आलम, बंटी, अरविंद, विजय, राधेश्याम, शिव जी, पवन कुमार, रहीम, श्यामलाल पंसारी, दिनेश दूबे, लालजी सिंह, राजन ठाकुर, सुखदेव मलहोत्रा, रामप्रकाश बरनवाल, गौरव भारत, अदालत प्रसाद, सुनील गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद बैजनाथ अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर उप्र. सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ ने 30 जून को प्रस्तावित बंदी से अलग रहने का एलान किया है। बुधवार को संगठन की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बाद में जारी विज्ञप्ति में जिला अध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा ने आरोप लगाया कि जब जीएसटी लागू होने में दो दिन ही बचे हैं तो ऐसे में हड़ताल का आह्वान आप्रसंगिक व दिखावा है। बंदी शादी विवाह के सीजन में आम जनता के लिए भी कष्टप्रद है। कहा कि जीएसटी के कुछ प्राविधान व्यापरियों के लिए हितकर नहीं हैं लेकिन उपयुक्त मंच पर विरोध जताया जाएगा। सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ के लोग लागू होने की तिथि को दुकानें खोलेंगे और कालीपट्टी बांधकर विरोध भी दर्ज कराएंगे। मनोज सर्राफ, विश्वनाथ सोनी, विश्वनाथ वर्मा, रामकृष्ण सोनी, मोती सर्राफ, टुनटुन सर्राफ, ओमप्रकाश सोनी, रामजी बरनवाल, रमेश, बब्लू, दिवाकर, माता प्रसाद, बीरबल, डब्लू, राजन, श्याम, दुर्गा सोनी आदि लोग बैठक में शामिल रहे।
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बुधवार को बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई में व्यापारियों ने जलूस निकालकर जीएसटी का विरोध करने के लिए अलख जगाई। जिला अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष नंद किशोर साहू ने संगठन का नेतृत्व करते हुए करूआ बाबा, मंगल बाजार, दक्षिण दरवाजा, रोडवेज, गांधी नगर, कंपनी बाग तक व्यापारियों से मिलकर उन्हें जीएसटी की विसंगतियों से अवगत कराया और कहा कि जब तक कानून सरल और पारदर्शी नहीं होगा तब तक व्यापारी उसे बर्दाश्त नहीं करेगा। कहा कि वैट में व्यापारी समाधान का लाभ 0.5 प्रतिशत टैक्स अदा करता था वहीं इस टैक्स को बढ़ाकर एक प्रतिशत कराना कमजोर व्यापारियों के साथ धोखा है। टैक्स का सरलीकरण करना सरकार के एजेंडे में था। ओम प्रकाश आर्या, अनूप अरोरा, प्रभू प्रीत सिंह, अतुल अरोरा, शैलेन्द्र कुमार, मो. आलम, बंटी, अरविंद, विजय, राधेश्याम, शिव जी, पवन कुमार, रहीम, श्यामलाल पंसारी, दिनेश दूबे, लालजी सिंह, राजन ठाकुर, सुखदेव मलहोत्रा, रामप्रकाश बरनवाल, गौरव भारत, अदालत प्रसाद, सुनील गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद बैजनाथ अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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दूसरी ओर उप्र. सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ ने 30 जून को प्रस्तावित बंदी से अलग रहने का एलान किया है। बुधवार को संगठन की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बाद में जारी विज्ञप्ति में जिला अध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा ने आरोप लगाया कि जब जीएसटी लागू होने में दो दिन ही बचे हैं तो ऐसे में हड़ताल का आह्वान आप्रसंगिक व दिखावा है। बंदी शादी विवाह के सीजन में आम जनता के लिए भी कष्टप्रद है। कहा कि जीएसटी के कुछ प्राविधान व्यापरियों के लिए हितकर नहीं हैं लेकिन उपयुक्त मंच पर विरोध जताया जाएगा। सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ के लोग लागू होने की तिथि को दुकानें खोलेंगे और कालीपट्टी बांधकर विरोध भी दर्ज कराएंगे। मनोज सर्राफ, विश्वनाथ सोनी, विश्वनाथ वर्मा, रामकृष्ण सोनी, मोती सर्राफ, टुनटुन सर्राफ, ओमप्रकाश सोनी, रामजी बरनवाल, रमेश, बब्लू, दिवाकर, माता प्रसाद, बीरबल, डब्लू, राजन, श्याम, दुर्गा सोनी आदि लोग बैठक में शामिल रहे।
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